क्रैश के बीच डीजीसीए ने नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट ऑपरेटर्स के लिए कड़े कदम उठाने का ऐलान किया
नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। एविएशन में हाल ही में बढ़ी घटनाओं से निपटने के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने मंगलवार को नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स (एनएसओपी) सेक्टर में सुरक्षा से समझौता करने के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी लागू करने के लिए कड़े नए उपायों की घोषणा की।
सभी एनएसओपी के साथ मीटिंग तब बुलाई गई थी जब सोमवार शाम को झारखंड के चतरा जिले में एक एयर एम्बुलेंस क्रैश हो गई थी, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई थी। पिछले महीने, महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम और एनसीपी अध्यक्ष अजीत पवार की वीएसआर वेंचर्स के लियरजेट 45एक्सआर के खतरनाक क्रैश में मौत हो गई थी।
एविएशन रेगुलेटर ने कहा कि वह एक जरूरी डिस्क्लोजर पॉलिसी ला रहा है।
मीटिंग के बाद डीजीसीए ने कहा, एनएसओपी ऑपरेटरों को अपनी वेबसाइट पर जरूरी सेफ्टी जानकारी देनी होगी, जिसमें एयरक्राफ्ट की उम्र, मेंटेनेंस हिस्ट्री और पायलट का अनुभव शामिल है। इससे यह पक्का होता है कि कस्टमर्स को उनके द्वारा चार्टर किए गए एयरक्राफ्ट के स्टैंडर्ड के बारे में पूरी जानकारी हो।
रेगुलेटर सभी नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटरों के लिए एक सेफ्टी रैंकिंग सिस्टम लागू करने और पब्लिक जानकारी के लिए डीसीए वेबसाइट पर ऐसी रैंकिंग के क्राइटेरिया पब्लिश करने की योजना बना रहा है।
अथॉरिटी ज्यादा रैंडम कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) ऑडिट भी करेगी और अनऑथराइज्ड ऑपरेशन या डेटा में गलत जानकारी का पता लगाने के लिए एडीएस-बी डेटा, फ्यूल रिकॉर्ड और टेक्निकल लॉग को क्रॉस-वेरिफाई करेगी।
डीजीसीए ने कहा, सिस्टम में नियमों का पालन न करने के लिए जिम्मेदार मैनेजर और सीनियर लीडरशिप को पर्सनली जिम्मेदार ठहराया जाएगा, सुरक्षा में चूक के लिए सिर्फ पायलट को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
खास तौर पर, जो पायलट फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) का उल्लंघन करते हैं या सेफ्टी मिनिमा से नीचे लैंड करने की कोशिश करते हैं, उनका लाइसेंस 5 साल तक के लिए सस्पेंड हो सकता है। कम्प्लायंस स्टैंडर्ड्स को पूरा नहीं करने वाले ऑपरेटरों पर जुर्माना लगाया जाएगा और लाइसेंस/परमिट सस्पेंड किए जा सकते हैं।
एविएशन रेगुलेटर ने आगे कहा कि पुराने एयरक्राफ्ट और जिनके ओनरशिप में बदलाव हो रहे हैं, उन पर ज्यादा मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा, रेगुलेटर उन एनएसओपी का ऑडिट करेगा जो अपनी खुद की मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) फैसिलिटी चलाते हैं।
जिनकी कमी पाई जाएगी, उन्हें अप्रूव्ड ऑर्गनाइजेशन को मेंटेनेंस आउटसोर्स करना होगा। रेगुलेटर ने कहा कि मौसम से जुड़े एक्सीडेंट अक्सर मौसम की अनिश्चितता के बजाय गलत फैसले का नतीजा होते हैं।
डीजीसीए ने कहा, ऑपरेटरों को रियल-टाइम वेदर अपडेट सिस्टम लगाने और तय एसओपी का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, पायलटों के लिए रेगुलर ट्रेनिंग में वेदर अवेयरनेस स्ट्रेटेजी और अनकंट्रोल्ड माहौल में फैसले लेने पर ज्यादा जोर दिया जाना चाहिए।
मार्च की शुरुआत में एसओपी के स्पेशल सेफ्टी ऑडिट के फेज 1 के पूरा होने के बाद, बाकी एनएसओपी को कवर करते हुए फेज 2 शुरू किया जाएगा।
--आईएएनएस
पीएसके
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IND vs ZIM: भारत के खिलाफ मैच से पहले जिम्बाब्वे के हेड कोच ने दिया बड़ा बयान, टीम इंडिया के लिए कह दी ये बात
IND vs ZIM: जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज मुकाबले में 2 बड़े उलटफेर किया था. जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को धूल चटाई थी और बिना एक भी मैच हारे सुपर-8 में जगह बनाई थी, लेकिन सुपर-8 के अपने पहले ही मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ जिम्बाब्वे को करारी हार का सामना करना पड़ा. अब सुपर-8 में जिम्बाब्वे का सामना भारत से होगा. इस मैच से पहले जिम्बाब्वे के हेड कोच जस्टिन सैमन्स ने बड़ा बयान दिया है.
जिम्बाब्वे के हेड कोच ने टीम इंडिया के खेलने के स्टाइल पर दिया बड़ा बयान
जिम्बाब्वे के हेड कोच जस्टिन सैमन्स ने कहा कि हम जानते हैं कि भारतीय टीम आक्रामक रुख अपनाएगी. जस्टिन सैमन्स का मानना है कि उनकी टीम वेस्टइंडीज के मिली करारी हार के बाद अहम मैच के लिए तैयार है. बता दें कि 23 फरवरी को वेस्टइंडीज ने सुपर-8 में जिम्बाब्वे को 107 रनों के बड़े अंतर से हराया, जिसके बाद जिम्बाब्वे का नेट रन रेट बेहद ही खराब हो गया है. वहीं साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 में भारत को 76 रनों से हार का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद टीम इंडिया का नेट रन रेट भी खराब हुआ है. ऐसे में जस्टिन सैमन्स को लगता है कि भारक शुरुआत में ही उनके खिलाफ हावी होकर खेलने की कोशिश करेगा.
भारत वेस्टइंडीज के तरीके को अपनाएगा - जस्टिन सैमन्स
भारत के खिलाफ मैच से पहले जस्टिन सैमन्स ने कहा, हम जानते हैं कि भारत किस तरह से खेलेगा. उनके खेलने का तरीका भी वहीं होगा, जो वेस्टइंडीज ने अपनाया. भारतीय टीम कोई कसर नहीं छोड़ेगी. इससे हमे अच्छी सीख मिलेगी, कि हम दवाब से कैसे निपटते हैं, हम कैसे शांत कहते हैं और कैसे बिना देर किए सोच-समझकर काम करते हैं.
26 फरवरी को खेला जाएगा भारत-जिम्बाब्वे का मैच
जस्टिन सैमन्स ने वेस्टइंडीज के खिलाफ की गई गलतियों को स्वीकार किया. उन्होंने कहा, हम इस मामले में थोड़ा और समझदारी से काम ले सकते हैं. चेन्नई का मैदान थोड़ा बड़ा होगा और इस वजह से यहां शायद हमे थोड़ी ज्यादा आसानी होगी. बता दें कि भारत और जिम्बाब्वे के बीच सुपर-8 का मैच 26 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा.
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