जंतर-मंतर प्रदर्शन में बम फेंकने की थी प्लानिंग, निशाने पर पुलिस भी...पंजाब से ISI समर्थित 2 आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़; पाकिस्तान भेज रहे थे फुटेज
अमृतसर पुलिस ने ISI समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल हैं।
Bombay HC Order: नितिन गडकरी को बॉम्बे HC से राहत, E20 ईंधन विवाद से जुड़े डीपफेक और AI वीडियो को हटाने का दिया आदेश
शभर में चल रहे E20 पेट्रोल विवाद के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए कुछ लोगों द्वारा फर्जी डीपफेक वीडियो और एआई से तैयार की गई अपमानजनक तस्वीरें शेयर की जा रही थीं, जिन्हें E20 विवाद से जोड़ा गया था। इस मामले में गडकरी के वकील द्वारा याचिका दायर किए जाने के बाद अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश और सख्त टिप्पणियां
बॉम्बे हाईकोर्ट की बेंच ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के वकील संदीप लड्ढा की दलीलें सुनने के बाद यह अंतरिम आदेश पारित किया। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कंटेंट बेहद आपत्तिजनक और अभद्र है, और इसे किसी भी सार्वजनिक मंच पर रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता ने अंतरिम राहत पाने के लिए मजबूत आधार पेश किया है, क्योंकि ऐसी सामग्री का सार्वजनिक मंचों पर बच्चों और युवाओं सहित हर किसी की पहुंच में होना अस्वीकार्य है।
E20 विवाद से जोड़कर फैलाए जा रहे थे डीपफेक वीडियो
यह पूरा मामला केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से जुड़ा हुआ है, जिन पर सोशल मीडिया के जरिए झूठा शिकंजा कसने की कोशिश की गई थी। कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी डीपफेक वीडियो और एआई-जेनरेटेड तस्वीरें बनाकर उन्हें E20 फ्यूल विवाद से जोड़ दिया था, जिसमें इंस्टाग्राम रील्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी आपत्तिजनक सामग्री सामने आई थी। वकीलों द्वारा यह कंटेंट कोर्ट के सामने पेश किए जाने के बाद अदालत ने कड़ी आपत्ति जताई।
मेटा और गूगल की ओर से अदालत को दिया गया आश्वासन
मामले की सुनवाई के दौरान टेक दिग्गज कंपनियों जैसे मेटा और गूगल की तरफ से भी अदालत में पक्ष रखा गया। दोनों कंपनियों ने न्यायालय को भरोसा दिलाया कि वे याचिका के 'एग्जिबिट सी' में सूचिबद्ध सभी आपत्तिजनक और फर्जी सामग्री को अपने प्लेटफॉर्म्स से तुरंत हटा देंगी। कोर्ट ने कंपनियों के इस बयान को स्वीकार कर लिया है।
चार हफ्ते बाद होगी मामले की अगली सुनवाई
अदालत ने अंतरिम राहत के तहत सामग्री हटाने के आदेश जारी करने के साथ ही इस पूरे कानूनी मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की है। अदालत की इस सख्त कार्रवाई से सोशल मीडिया पर एहुद और फर्जी डीपफेक के जरिए दुष्प्रचार करने वालों को बड़ा झटका लगा है।
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