AI का खौफ: IT Stocks में बिकवाली का बवंडर, Share Market में मचा कोहराम
कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़ी चुनौतियों और वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में भारी बिकवाली से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 1,069 अंक टूट गया जबकि निफ्टी में 288 अंक की गिरावट रही। विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका एवं ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। दो सत्रों की तेजी के बाद बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,068.74 अंक यानी 1.28 प्रतिशत टूटकर 82,225.92 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,359.93 अंक लुढ़ककर 81,934.73 अंक तक आ गया था।
नुकसान के साथ बंद हुआ
एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 288.35 अंक यानी 1.12 प्रतिशत के नुकसान के साथ 25,424.65 अंक पर बंद हुआ। दिन में यह 385.4 अंक फिसलकर 25,327.60 अंक तक आ गया था। व्यापक गिरावट के बीच निफ्टी में शामिल 32 शेयर गिरकर बंद हुए। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘वैश्विक व्यापार घटनाक्रम और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को लेकर पैदा हुई नई चिंताओं के बीच निवेशक धारणा कमजोर रही और कच्चे तेल के दाम भी चढ़ गए।
इसके अलावा एआई से व्यापक व्यवधान की आशंका और वैश्विक प्रौद्योगिकी शेयरों में बने दबाव का असर भी मानक सूचकांकों की गिरावट के रूप में देखा गया।’’ आईटी कंपनियों में से टेक महिंद्रा के शेयर में सर्वाधिक 6.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में भी गिरावट रही। इसके विपरीत एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और सन फार्मा में तेजी का रुख देखा गया। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “घरेलू बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसका नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया।
एआई की वजह से व्यापक व्यवधान और पारंपरिक आईटी सेवा प्रदाताओं के मार्जिन पर दबाव से जुड़ी वैश्विक चिंताएं फिर उभर आई हैं।” नायर ने कहा कि वैश्विक व्यापार और अमेरिकी शुल्क को लेकर चिंताएं दोबारा बढ़ गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार समझौतों पर चेतावनियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संभावित शुल्क की खबरों ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला। नायर ने कहा कि आईटी क्षेत्र में लंबे समय तक दबाव रहने की आशंका से रियल एस्टेट शेयरों पर भी असर पड़ा, क्योंकि इससे घरों की मांग और मूल्यांकन प्रभावित हो सकते हैं।
क्षेत्रवार सूचकांकों में फोकस आईटी खंड में सर्वाधिक 4.80 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि आईटी खंड में 4.53 प्रतिशत, रियल्टी खंड में 2.61 प्रतिशत और दूरसंचार खंड में 1.79 प्रतिशत की गिरावट रही। व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मॉलकैप सिलेक्ट सूचकांक 0.68 प्रतिशत और मझोली कंपनियों का मिडकैप सिलेक्ट 0.54 प्रतिशत नीचे आ गया। बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,802 शेयर नुकसान के साथ बंद हुए जबकि 1,422 शेयरों में बढ़त रही और 143 अन्य अपरिवर्तित रहे। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और जापान का निक्की बढ़त में रहे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में बंद हुआ।
यूरोपीय बाजारों में जर्मनी का डीएएक्स, लंदन का एफटीएसई 100 और पेरिस का सीएसी 40 दोपहर के कारोबार में गिरावट में थे। अमेरिकी बाजार सोमवार को करीब दो प्रतिशत नुकसान के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.22 प्रतिशत बढ़कर 71.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,483.70 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,292.24 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। पिछले सत्र में सेंसेक्स 479.95 अंक बढ़कर 83,294.66 अंक पर और निफ्टी 141.75 अंक चढ़कर 25,713 अंक पर बंद हुआ था।
IND Semi Final Scenario: वेस्टइंडीज की जीत से भारत की परेशानी बढ़ी, अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए क्या करना होगा? जानें
IND Semi Final Scenario: टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। एक दिन पहले वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को 107 रन से हराकर ग्रुप-1 की तस्वीर पूरी तरह बदल दी। इस जीत का सीधा असर भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की राह पर भी पड़ा है क्योंकि टीम इंडिया अपने पहले सुपर-8 मैच में साउथ अफ्रीका से 76 रन से हार गई थी।
अब सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत के सामने साफ चुनौती है, बाकी बचे दोनों मैच हर हाल में जीतने होंगे। यही सेमीफाइनल में पहुंचने का सबसे सीधा रास्ता है।
भारत के सामने सेमीफाइनल में पहुंचने के क्या समीकरण?
सुपर-8 में हर ग्रुप से सिर्फ 2 टॉप टीमें ही सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। ऐसे में भारत के लिए गणित काफी दिलचस्प हो गया।
अगर भारत दोनों मैच जीतता है
- अगर भारत अपने सुपर-8 राउंड के बाकी बचे मैच में वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दोनों को हरा देता है, तो उसके 4 अंक हो जाएंगे। अगर साउथ अफ्रीका भी अपने बाकी बचे दोनों मुकाबले जीत जाता है तो भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों ही सेमीफाइनल में पहुंच जाएंगे।
- दूसरी कंडीशन ये है कि अगर भारत अपने दोनों मैच जीत जाता है और दक्षिण अफ्रीका अपना एक मुकाबला हार जाता है तो 3 टीमें 4-4 अंक पर बराबर हो जाएंगी। उस सूरत में सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीम का फैसला नेट रनरेट से होगा। इसलिए भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना मैच बड़े अंतर से जीतना ही होगा।
- अगर भारत अपने दोनों मैच जीत जाता है और दक्षिण अफ्रीका अपने दोनों मैच गंवा बैठता है तो उस सूरत में वेस्टइंडीज और भारत सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगे।
अगर वेस्टइंडीज अपने दोनों मुकाबले हार जाता है तो भी भारत और साउथ अफ्रीका अंतिम-4 में पहुंच जाएंगे।
अगर भारत सिर्फ एक मुकाबला जीतता है तो क्या होगा?
भारत अगर अपने बाकी बचे दो सुपर-8 मैच में से अगर एक में ही जीत हासिल करता है तो फिर सेमीफाइनल में पहुंचने के रास्ते करीब-करीब बंद हो जाएंगे, फिर चाहें बाकी नतीजे कुछ भी हों।
वेस्टइंडीज की चुनौती आसान नहीं
भारत का अगला मुकाबला 26 फरवरी को जिम्बाब्वे से है। इसके बाद 1 मार्च को टक्कर वेस्टइंडीज से होगी। कैरेबियाई टीम इस वक्त शानदार फॉर्म में है। उसने अब तक खेले अपने सभी 5 मुकाबले जीते हैं और आत्मविश्वास से भरी हुई दिख रही। उनकी बल्लेबाज़ी भी मजबूत है और गेंदबाज़ भी लगातार असर डाल रहे। ऐसे में भारत के लिए यह मैच असली परीक्षा साबित हो सकता। वैसे भी टी20 विश्व कप में भारत कैरेबियाई टीम से एक ही मैच जीता है, वो भी 12 साल पहले।
साउथ अफ्रीका की स्थिति मजबूत
दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका ने भारत को हराकर सुपर-8 की शुरुआत दमदार अंदाज़ में की है। अब उसे वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे से खेलना है। अगर अफ्रीकी टीम दोनों मुकाबले जीत जाती है तो उसका सेमीफाइनल टिकट लगभग पक्का माना जाएगा। इसलिए भारत की उम्मीदें काफी हद तक बाकी टीमों के नतीजों पर भी टिकी रहेंगी।
सुपर-8 का फॉर्मेट समझिए
सुपर-8 चरण में कुल 8 टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में 4-4 टीमें हैं और हर टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों से मुकाबला खेलती है। इस तरह एक ग्रुप में कुल 6 मैच होते हैं और दोनों ग्रुप मिलाकर 12 मुकाबले खेले जाते हैं। अभी तक 4 मैच पूरे हो चुके हैं।
हर ग्रुप से टॉप दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल 4 मार्च को खेला जाएगा जबकि दूसरा 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होगा। इन दोनों मैचों की विजेता टीमें 8 मार्च को खिताबी मुकाबले में आमने-सामने होंगी। फिलहाल तस्वीर साफ है कि अगर भारत को ट्रॉफी की दौड़ में बने रहना है, तो अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं है।
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