उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान, 13 हेलीपोर्ट का निर्माण तेज; पर्यटन और आपदा राहत को होगा बड़ा फायदा
Uttarakhand Tourism: उत्तराखंड में हवाई संपर्क को मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि इसी कड़ी में राज्य में 13 नए हेलीपोर्ट का निर्माण तेजी से चल रहा है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिर्फ हवाई यात्रा को आसान बनाना नहीं है, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों तक तेज और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना भी है. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास अब जमीन पर नजर आने लगे हैं और आने वाले समय में इसका सीधा लाभ प्रदेश के लोगों को मिलेगा.
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के कुशल नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारे प्रयास अब धरातल पर उतरकर प्रभावी परिणाम भी दे रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश में 13 हेलीपोर्टों का निर्माण तेज गति से… pic.twitter.com/kaowJ5VssS
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 5, 2026
दूर दराज क्षेत्रों में पहुंच होगी आसान
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में कई ऐसे इलाके हैं, जहां सड़क मार्ग से पहुंचने में काफी समय लगता है. ऐसे में हेलीपोर्ट बनने से दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी. इससे आम लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन हेलीपोर्टों का सबसे बड़ा फायदा आपदा और आपातकालीन स्थितियों में देखने को मिलेगा. उत्तराखंड में हर साल भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने जैसी प्राकृतिक घटनाएं होती रहती हैं. ऐसी परिस्थितियों में राहत और बचाव दल को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. हेलीपोर्ट तैयार होने के बाद हेलीकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव दल को कम समय में घटनास्थल तक पहुंचाया जा सकेगा.
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सीएम ने दिया आश्वासन
सीएम धामीन ने कहा कि यह व्यवस्था आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाएगी. किसी भी आपात स्थिति में लोगों को जल्दी मदद मिल सकेगी, जिससे जान-माल के नुकसान को कम करने में भी मदद मिलेगी. पर्यटन के लिहाज से भी यह परियोजना काफी अहम मानी जा रही है. उत्तराखंड देश और दुनिया के लाखों पर्यटकों और श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र है. चारधाम यात्रा, धार्मिक स्थल, एडवेंचर टूरिज्म और प्राकृतिक पर्यटन के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं. हेलीपोर्ट बनने से पर्यटकों को यात्रा में आसानी होगी और कम समय में ज्यादा स्थानों तक पहुंचना संभव होगा.
स्वास्थ्य सेवाओं में दिखेगा असर
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। दूरस्थ इलाकों में रहने वाले गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर के जरिए बड़े अस्पतालों तक जल्दी पहुंचाया जा सकेगा। इससे इलाज में होने वाली देरी कम होगी और कई गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. पर्यटन बढ़ने से होटल, परिवहन, स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और अन्य छोटे कारोबारों को नया अवसर मिलेगा. इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी.
13 नए हेलीपोर्ट बनेंगी मजबूती
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को आधुनिक बुनियादी सुविधाओं से जोड़ना और विकास की गति को तेज करना है. 13 हेलीपोर्टों का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के विकास, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन को नई मजबूती देगा.
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क्या दो हजार के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर लगेगा चार्ज? संसद में नया विधेयक पेश किया
वित्त मंत्रालय ने संसद में भुगतान और निपटान प्रणाली (संशोधन) विधेयक, 2027 पेश किया पेश किया है. इस बिल के तहत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की बात की है. यह चार्ज 2000 रुपये से अधिक की लिमिट पर लागू किया जा सकता है. इसका अर्थ है कि अगर 2000 रुपये से अधिक का पेमेंट एकबार किया जाता है तो MDR चार्ज देना होगा.
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