राहुल गांधी ने मंगलवार को भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस की कार्रवाई को तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का संकेत बताया। कांग्रेस नेता ने X पर एक पोस्ट में लिखा कि इस सच्चाई को देश के सामने लाने के लिए युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और अन्य आईवाईसी साथियों की गिरफ्तारी तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण है।
राहुल ने एक्स पर लिखा कि शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है। मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने ‘COMPROMISED PM’ के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज़ उठाई है। अमेरिका के साथ हुए Trade Deal में देश के हितों से समझौता किया गया है। यह समझौता हमारे किसानों और टेक्सटाइल उद्योग को नुकसान पहुंचाएगा तथा हमारे डेटा को अमेरिका के हाथों में सौंप देगा।
कांग्रेस नेता ने आगे लिखा कि इस सच्चाई को देश के सामने रखने के लिए युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और IYC के अन्य साथियों की गिरफ्तारी तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण है। कांग्रेस पार्टी और मैं अपने बब्बर शेर साथियों के साथ मज़बूती से खड़े हैं। सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, देशभक्ति है। डरो मत - सच और संविधान हमारे साथ हैं।
पिछले सप्ताह एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में हुए विवादास्पद "बिना शर्ट वाले" विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में चिब को गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या आठ हो गई है। विपक्ष के नेता द्वारा विरोध प्रदर्शन का जोरदार बचाव ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने अधिक सतर्कता बरती है। वरिष्ठ नेता मार्गरेट अल्वा ने कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गरिमा, अनुशासन और जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसे प्रदर्शन के आयोजन के तरीके की अप्रत्यक्ष आलोचना के रूप में देखा जा रहा है।
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