Faridabad में शिक्षिका की हत्या का आरोपी अमित तीन दिन की रिमांड पर भेजा गया
फरीदाबाद, पांच अगस्त फरीदाबाद के एक निजी स्कूल में शिक्षिका की हत्या के आरोपी 21 वर्षीय अमित ने करीब दो महीने पहले ही इस वारदात की साजिश रच ली थी और इस घटना को अंजाम देने के लिए विशेष रूप से चाकू भी खरीदा था। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी काफी समय से संध्या शर्मा (28) पर हमला करने के अवसर की तलाश में था।
पुलिस के अनुसार, सोमवार को हुए इस हमले में आरोपी ने संध्या की गर्दन और सीने पर 27 से अधिक बार लगातार तेजी से वार किया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि कथित घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है। पुलिस ने बताया कि अमित, संध्या शर्मा को पसंद करता था, लेकिन वह उसे नहीं चाहती थीं।
संध्या ने पहले अमित के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिसके बाद उसने माफी मांग ली थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, संध्या के स्कूल और निवास स्थान दोनों बदल लेने के बाद से आरोपी उससे काफी नाराज था। पुलिस के अनुसार, अमित सुबह करीब 9.30 बजे सिकरोना गांव स्थित स्कूल में पहुंचा और उसने कथित तौर पर संध्या को उसके पति का नाम लेकर कक्षा से बाहर बुलाया।
उसने बताया कि जैसे ही संध्या बाहर आई, आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने हमले के दो घंटे के भीतर ही कोट गांव के निवासी आरोपी अमित को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद एक स्थानीय अदालत ने मंगलवार को उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने शुरुआत में संध्या के स्कूल आने-जाने के दौरान उस पर हमला करने के बारे में सोचा था, लेकिन पकड़े जाने के डर से उसने यह योजना छोड़ दी।
इसके बाद उसने स्कूल के भीतर घुसकर वारदात को अंजाम देने का फैसला किया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, आरोपी इतना गुस्से में था कि चाकू के मुड़ जाने के बाद भी वह वार करता रहा। उन्होंने यह भी बताया कि हत्या में इस्तेमाल हथियार जब्त कर लिया गया है तथा आरोपी की मोटरसाइकिल और उसके कपड़े बरामद करने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस ने बताया कि यह हमला स्कूल के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया। उसने बताया कि आरोपी ने हमले के दौरान बीच-बचाव करने की कोशिश करने वाले एक कर्मचारी को भी धमकाया था। संध्या के पति विक्की गुर्जर के अनुसार, संध्या सिरोही गांव के एक स्कूल में पढ़ाती थी और वहीं उसकी मुलाकात अमित से हुई थी।
गुर्जर ने कहा कि यदि पुलिस ने पहले दर्ज कराई गई छेड़छाड़ की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की होती, तो शायद आज संध्या जिंदा होतीं। फिरोजपुर गांव के निवासी गुर्जर और डबुआ इलाके के रहने वाली संध्या का प्रेम विवाह हुआ था। दंपति के दो बच्चे हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अमित तीन भाइयों में सबसे छोटा है। उसके दोनों भाई अलग-अलग अस्पतालों में नौकरी करते हैं। पूछताछ के दौरान पता चला कि अमित भैंस पालकर व दूध बेचकर अपनी आजीविका चलाता है।
Karnataka Cabinet में जगह न मिलने पर Congress MLA समर्थकों ने बागेपल्ली में प्रदर्शन किया
चिक्कबल्लापुर (कर्नाटक), पांच अगस्त कर्नाटक मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से नाराज, बागेपल्ली से कांग्रेस विधायक एस. एन. सुभा रेड्डी के समर्थकों ने बुधवार को यहां जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बाजार बंद कराए, कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों का परिचालन रोका, सड़कों पर टायर जलाए और यातायात बाधित किया। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर असंतोष केवल बागेपल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी इसका असर देखने को मिला।
रेड्डी के समर्थकों द्वारा बुलाए गए सूर्योदय से सूर्यास्त तक के बंद के कारण चिक्कबल्लापुर जिले की बागेपल्ली, चेलूर और गुडीबांडे तहसीलों में जनजीवन प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सड़कों पर ट्रैक्टर, बस, कार और अन्य वाहन खड़े कर मार्ग अवरुद्ध कर दिए। उन्होंने तीन बार के विधायक रेड्डी को मंत्री बनाए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी की और टायर जलाकर विरोध जताया।
कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ‘‘कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में हमें न्याय नहीं मिला है। इसी कारण बागेपल्ली, चेलूर और गुडीबांडे के लोगों ने स्वेच्छा से बंद रखा है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हमारे विधायक के लिए कोई सकारात्मक फैसला होगा।’’ गुडीबांडे में उस समय स्थिति नाटकीय हो गई जब रेड्डी के समर्थक अंबरीश ने विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया।
पुलिसकर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर उसके हाथ से पेट्रोल का डिब्बा छीन लिया और आत्मदाह की कोशिश को विफल कर उसे हिरासत में ले लिया। बागेपल्ली में प्रदर्शनकारियों ने केएसआरटीसी बस अड्डे के बाहर टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा चाय की दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जबरन बंद कराए जाने के आरोपों को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी भी हुई।
यह विरोध प्रदर्शन मंत्रिमंडल विस्तार के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस में बढ़ते असंतोष के बीच हुआ है। मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज 22 से अधिक विधायक और उनके समर्थक अपनी नाराजगी जता चुके हैं। कई विधायकों ने मंत्रियों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
कुछ ने अपने पद से इस्तीफा देने की चेतावनी दी है, जबकि उनके समर्थकों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में अपने नेताओं के लिए ‘‘न्याय’’ की मांग को लेकर प्रदर्शन किए। मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने मंत्री पद नहीं मिलने पर इस्तीफे की धमकी देने वाले नाराज कांग्रेस विधायकों को कड़ी चेतावनी देते हुए मंगलवार को कहा था कि पार्टी सर्वोपरि है और यदि कोई इस्तीफा देता है तो उसे कुछ ही मिनटों में स्वीकार कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री पद संभालने के दो महीने बाद शिवकुमार ने सोमवार को 19 मंत्रियों को शामिल कर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया।
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