T20 World Cup 2026: क्या बुमराह के साथ कप्तान सूर्या कर रहे नाइंसाफी? दिग्गज ने रोहित को याद कर बोली बड़ी बात
T20 World Cup 2026: आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया इस समय मुसीबत में नजर आ रही है. सुपर-8 में अपना पहला मैच दक्षिण अफ्रीका से 76 रनों से हारने के बाद टीम इंडिया मुश्किलों में फंस गई है. अब उसके सेमीफाइनल में जगह बनाने की राह भी कठिन हो गई है. इस सबके बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने बड़ा बयान दिया है.
मोहम्मद कैफ ने बात करते हुए सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और गौतम गंभीर की लीडरशिप पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने जसप्रीत बुमराह के इस्तेमाल को लेकर टीम इंडिया की आलोचना की है और रोहित शर्मा के वक्त को याद करते हुए टीम इंडिया को बड़ी सलाह दी है.
मोहम्मद कैफ ने सूर्या पर उठाए सवाल
मोहम्मद कैफ ने कहा, 'हम मैच 7 से 15 ओवर के बीच हार गए. आपने बुमराह के दो ओवर पहले करा दिए और बाकी दो डेथ के लिए बचाकर रखे. रोहित शर्मा ने कभी बुमराह का ऐसा इस्तेमाल नहीं किया. बुमराह मिडिल ओवर में एक ओवर डालकर साझेदारी तोड़ते थे. इस टीम में बुमराह से बड़ा मैच विनर कोई नहीं है. उन्हें पावरप्ले में एक ओवर और फिर 11वें या 12वें ओवर में लाना चाहिए था'.
South Africa today showed they have a high class overall bowling attack, no bowler the opposition can go after. Can't say the same about India, they have at least two weak links. Two bowlers who batsmen can take liberties.
— Mohammad Kaif (@MohammadKaif) February 22, 2026
कैफ ने दुबे को लेकर दिया बड़ा बयान
कैफ ने आगे बात करते हुए कहा, 'दुबे बल्लेबाज हैं, ऑलराउंडर नहीं. 10वें ओवर में कोई रक्षात्मक गेंदबाजी नहीं करता. उस समय आक्रमण करना चाहिए. हमें 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाला ऑलराउंडर नहीं चाहिए. वह कभी-कभार विकेट ले सकता है, लेकिन रन भी खूब देगा. वेस्टइंडीज जैसी टीम के खिलाफ वह एक ओवर में चार छक्के भी खा सकता है'.
India has way too many left-handers in top order - this makes it easy for opponents to make tactical plans and pick off-spinners as ideal match-ups. Adding Sanju Samson to the mix could help.
— Mohammad Kaif (@MohammadKaif) February 22, 2026
कैप ने इस खिलाड़ी को लेकर टीम को दी सलाह
मोहम्मद कैफ ने आगे कहा, 'हम टॉप आठ में छह बाएं हाथ के बल्लेबाज खिला रहे हैं. अगर लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन चाहिए तो उसी हिसाब से टीम चुनें. संजू सैमसन को मौका दीजिए'. कैफ कई मौकों पर संजू सैमसन को प्लेइंग-11 में खिलाने की मांग कर चुके हैं.
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AI की एक चूक और बिगड़ी ज़िंदगी, ब्रिटेन में मशीन की गलती से निर्दोष बुजुर्ग पर लगा चोरी का आरोप, जानिए क्या है मामला
UK AI Controversy: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक को भविष्य की सबसे भरोसेमंद प्रणाली माना जा रहा है. लेकिन हाल ही में ब्रिटेन में हुए एक घटना ने इस भरोसे को बड़ा झटका दिया है. यहां एक स्टोर में AI आधारित सुरक्षा सिस्टम की गलती से एक निर्दोष बुजुर्ग को चोर समझ लिया गया. इस गलत पहचान के कारण उन्हें स्टोर में सबके सामने अपमानित होना पड़ा. इस घटना ने एआई सुरक्षा की सटीकता पर सवाल खड़े कर दिए है. चलिए जानते हैं आखिर क्या है पूरा मामला?
AI सिस्टम की वजह से बुजुर्ग पर लगा चोरी का आरोप
जानकारी के अनुसार, स्टोर में लगे फेस रिकग्निशन सिस्टम ने बुजुर्ग व्यक्ति के चेहरे को पहले से दर्ज एक अपराधी के डेटा से जोड़ दिया. जैसे ही सिस्टम ने अलर्ट जारी किया, स्टोर स्टाफ ने बुजुर्ग पर चोरी का शक जताया, लोगों के सामने उनसे सवाल-जवाब किए गए. यह स्थिति उनके लिए बेहद शर्मनाक और मानसिक रूप से परेशान करने वाली थी.
बुजुर्ग ने खुद को बताया निर्दोष
बुजुर्ग ने खुद को निर्दोष बताया. बाद में जांच करने पर पता चला कि एआई सिस्टम ने चेहरे की पहचान में गंभीर गलती की थी. आरोपी व्यक्ति और बुजुर्ग के चेहरे में कुछ समानताएं थीं. इसी आधार पर सिस्टम ने गलत निष्कर्ष निकाल लिया.
मामला सामने आने के बाद संबंधित कंपनी ने अपनी गलती स्वीकार की. कंपनी ने बुजुर्ग से औपचारिक रूप से माफी मांगी. साथ ही उनका पूरा बायोमेट्रिक डेटा सिस्टम से हटाने का दावा किया गया. कंपनी ने कहा कि वह भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए अपने एआई मॉडल को और बेहतर बनाएगी.
एआई सुरक्षा की सटीकता पर खड़े किए सवाल
यह घटना एआई आधारित सुरक्षा प्रणालियों की सटीकता पर बड़े सवाल खड़े करती है. विशेषज्ञों का कहना है कि फेस रिकग्निशन तकनीक अभी पूरी तरह भरोसेमंद नहीं है. खासतौर पर बुजुर्गों और अल्पसंख्यक समूहों के मामले में गलत पहचान की आशंका ज्यादा रहती है.
सरकार और कंपनियों से की जा रही है मांग
मानव अधिकार संगठनों ने भी इस मामले पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि बिना पुख्ता निगरानी और जवाबदेही के एआई सिस्टम आम लोगों की निजता और सम्मान के लिए खतरा बन सकते हैं.
सरकार और कंपनियों से मांग की जा रही है कि एआई तकनीक के इस्तेमाल से पहले सख्त नियम बनाए जाएं. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी निर्दोष व्यक्ति को मशीन की गलती की कीमत न चुकानी पड़े.
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