नई दिल्ली. फिल्म दिलवाले (1994) का गाना सातों जनम में तेरे 90 के दशक का वो कल्ट रोमांटिक ट्रैक है, जिसे आज भी शादियों और प्यार करने वालों के बीच खूब सुना जाता है. अजय देवगन और रवीना टंडन पर फिल्माया गया यह गाना वफादारी और सात जन्मों के साथ का वादा करता है. इसे कुमार सानू और अलका याग्निक ने अपनी मखमली आवाजों से सजाया है, जो उस दौर की सबसे हिट सिंगिंग जोड़ी थी. इस गाने की वाइब बहुत ही प्योर और इमोशनल है. गाने में अजय देवगन का वो गंभीर अंदाज और रवीना टंडन की खूबसूरती ने इसे पर्दे पर जीवंत कर दिया था. नदीम-श्रवण के संगीत ने इस गाने को एक ऐसी धुन दी जो सीधे रूह में उतर जाती है. फिल्म में जिस तरह से यह गाना कहानी को आगे बढ़ाता है, उसने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली थी.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भारत की साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद टीम की गेंदबाज़ी और टीम चयन पर सवाल उठने लगे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की हार ने भारत की 13 मैचों की जीत की लय भी तोड़ दी। इस मुकाबले के बाद कई पूर्व खिलाड़ियों ने टीम की रणनीति पर खुलकर राय दी है।
मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 187/7 का मजबूत स्कोर बनाया। भारतीय गेंदबाज़ों को पहली बार इस टूर्नामेंट में दबाव में देखा गया। वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 47 रन लुटाए जबकि हार्दिक पंड्या ने 45 रन खर्च कर दिए।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाज़ी पूरी तरह बिखर गई और टीम सिर्फ 111 रन पर ऑल आउट हो गई। यह टी20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी हार भी बन गई।
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज़ शोएब अख्तर ने भारत की गेंदबाज़ी पर सीधा हमला बोला। उनका कहना है कि इस मैच में भारतीय गेंदबाज़ी की पोल खुल गई। अख्तर ने कहा कि वरुण चक्रवर्ती की गति भी कम नजर आई और उन पर आसानी से रन बने। उन्होंने खास तौर पर उस शॉट का जिक्र किया जिसमें डेवाल्ड ब्रेविस ने बिना देखे छक्का जड़ दिया।
अख्तर ने यह भी कहा कि डेथ ओवरों में गेंदबाज़ी सही तरीके से नहीं की गई। उनके मुताबिक हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे की गति लगभग 120 किमी प्रति घंटा के आसपास थी, जो बल्लेबाज़ों को डराने के लिए काफी नहीं थी। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज़ों ने खुलकर हमला किया।
इधर भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने टीम चयन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंट में टीम को ज्यादा स्थिर रखना जरूरी होता है। अश्विन का मानना है कि अक्षर पटेल को बाहर करना समझ से परे फैसला था।
टीम मैनेजमेंट ने दक्षिण अफ्रीका के बाएं हाथ के बल्लेबाज़ों को देखते हुए अक्षर की जगह वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया था। लेकिन यह रणनीति ज्यादा असरदार साबित नहीं हुई। अश्विन ने कहा कि अक्षर पटेल लंबे समय से टीम के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
अब भारत के सामने टूर्नामेंट में बने रहने की बड़ी चुनौती है। टीम को अगले मैचों में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। साथ ही गेंदबाज़ी संयोजन और प्लेइंग इलेवन को लेकर भी टीम मैनेजमेंट को अहम फैसले लेने पड़ सकते हैं।