AI Summit Shirtless Protest: एआई समिट शर्टलेस प्रोटेस्ट में बड़ी कार्रवाई, यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब गिरफ्तार
AI Summit Shirtless Protest 2026: दिल्ली पुलिस ने AI समिट के दौरान शर्टलेस प्रोटेस्ट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि उदय भानु चिब को तिलक मार्ग थाने में रखा गया है। ऐसे में स्टेशन के बाहर सुरक्षा को व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है।
CRPF और दिल्ली पुलिस के जवान गेट पर तैनात हैं। वहीं उदय भानु चिब की गिरफ्तारी ने सियासी रंग भी ले लिया है। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर केंद्र सरकार के खिलाफ निशाना साधा जा रहा है।
पुलिस ने क्या कहा ?
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उदय भानु चिब ने सहयोग नहीं किया, वहीं अपने बयानों से जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश भी की है। पुलिस का दावा है कि चिब के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। वहीं कांग्रेस सांसद ससीकांत सेंटिल का कहना है कि चिब को मंगलवार सुबह साढ़े 4 बजे गिरफ्तार कर लिया था, वह करीब 20 घंटे से पुलिस कस्टडी में है।
बता दें कि भारत मंडपम में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट इंडिया समिट’ के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रोटेस्ट के दौरान उन्होंने अपने कपड़े उतारकर ऐसे नारे लिखे हुए थे, जिनमें ‘Compromised PM’ जैसे शब्द शामिल थे, जिसे प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध के रूप में बताया गया है।
#WATCH दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर गिरफ्तार किया। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचे। pic.twitter.com/RvfFDOF4JI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 24, 2026
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दिल्ली पुलिस द्वारा IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई उदय भानु चिब जी एवं अन्य युवा साथियों की ग़ैरक़ानूनी गिरफ्तारी की मैं कड़ी निंदा करता हूं.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) February 24, 2026
"ताना-शाह" सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में युवाओं का आवाज उठाना, सवाल पूछना और विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे मजबूत…
गिरफ्तारी गैरकानूनी- भूपेश बघेल
कांग्रेस के सीनियर नेता भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट करके लिखा है कि, 'दिल्ली पुलिस की ओर से IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई उदय भानु चिब और दूसरे युवा साथियों की गैरकानूनी गिरफ्तारी की मैं कड़ी निंदा करता हूं, 'ताना-शाह' सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में युवाओं का आवाज उठाना, सवाल पूछना और विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे मजबूत हथियार।'
भूपेश बघेल ने आगे लिखा, 'हमारे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना किसी हिंसा या उकसावे के, सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री के समझौतों और युवाओं की अनसुनी पीड़ा को सामने लाया।
यह एक साहसी, जायज और लोकतांत्रिक कदम था, जिसे दबाने के लिए अब सरकार के द्वारा पुलिसिया दमन का सहारा लिया जा रहा है, यह कार्रवाई न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र पर सीधा हमला भी है।'
वघेल ने लिखा, 'हम मांग करते हैं कि उदय भानु चिब जी सहित सभी गिरफ्तार IYC कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए गए सभी झूठे आरोप वापस लिए जाएं तथा इस तरह की दमनकारी कार्रवाईयों को तत्काल रोका जाए, लड़ेंगे-जीतेंगे।'
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चुनाव आयोग का ऐतिहासिक कदम: 27 साल बाद 'राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन' का आयोजन, चुनावी प्रक्रियाओं में सुधार पर होगा मंथन
नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग मंगलवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में एक महत्वपूर्ण 'राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन' आयोजित कर रहा है। इस सम्मेलन की सबसे खास बात यह है कि इसका आयोजन 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किया जा रहा है।
इससे पहले इस तरह का आखिरी सम्मेलन वर्ष 1999 में हुआ था। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे और इसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी भी उपस्थित रहेंगे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य और रणनीतिक समन्वय
इस गोलमेज सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य केंद्रीय चुनाव आयोग और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। बैठक के माध्यम से राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय चुनाव निकायों के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा चुनावी संचालन में सहकारी संघवाद की भावना को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की जाएगी।
तकनीकी नवाचार और 'ईसीआईनेट' (ECINET) का प्रदर्शन
सम्मेलन के दौरान चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में लॉन्च किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म 'ईसीआईनेट' (ECINET) पर एक विशेष प्रस्तुति देंगे। यह प्लेटफॉर्म चुनाव प्रबंधन के प्रशासनिक, कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर ईसीआई और राज्य चुनाव आयोगों के बीच संस्थागत संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
इसके अलावा, बैठक में ईवीएम की पारदर्शिता, सुरक्षा और मतदाता सूची की सटीकता को और बेहतर बनाने के उपायों पर भी विस्तार से विचार किया जाएगा।
राज्यों और तकनीकी विशेषज्ञों की व्यापक भागीदारी
इस सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य निर्वाचन आयुक्तों के साथ-साथ उनके कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। साथ ही, सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी इस चर्चा का हिस्सा बनेंगे। यह बैठक चुनावी प्रक्रियाओं और व्यवस्थाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा मंच साबित होगी।
महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
राज्य चुनाव आयोगों का गठन भारतीय संविधान के 73वें और 74वें संशोधन के तहत किया गया था। दशकों बाद हो रहा यह सम्मेलन प्रशासनिक और तकनीकी अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। 1999 के बाद अब 2026 में हो रहा यह आयोजन देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मतदाता जागरूकता और समावेशी चुनाव पर विशेष सत्र
सम्मेलन के एक विशेष सत्र में मतदाता भागीदारी बढ़ाने और विशेष रूप से युवाओं व शहरी मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने की नई रणनीतियों पर भी चर्चा की जाएगी। चुनाव आयोग का लक्ष्य तकनीकी माध्यमों और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के जरिए मतदाता सूची में पंजीकरण की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
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