भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंक लुढ़का, आईटी शेयरों पर दबाव
मुंबई, 24 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी बाजार से मिले कमजोर संकेतों के चलते हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
सेंसेक्स 242 अंक गिरकर 83,053 पर खुला और करीब 500 अंक गिरकर 82,725.30 के दिन के निचले स्तर पर आ गया। वहीं, एनएसई निफ्टी अपने पिछले बंद (25,713.00) से 71 अंक गिरकर 25,641.80 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 9.30 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 557.14 अंकों यानी 0.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,737.52 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी 154.20 (0.60 प्रतिशत) अंक गिरकर 25,558.80 पर था। इस दौरान निफ्टी के सभी इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड करते हुए नजर आए।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.72 प्रतिशत की गिरावट, तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, बीएसई मिडकैप 150 इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई और स्मॉलकैप 250 में 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार बात करें तो निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा 3.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 0.54 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.48 प्रतिशत तो निफ्टी बैंक में 0.12 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 25 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें एचसीएल टेक, इटरनल, इंफोसिस, टीसीएस, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा के शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे, जबकि एसबीआई, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, पावरग्रिड, टाटा स्टील और कोटक बैंक के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
बाजार के जानकारों के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी 50 ने 100 अंकों की बढ़त के साथ गैप-अप ओपनिंग की, जिससे बाजार में मजबूत तेजी का माहौल बना।
तकनीकी स्तर की बात करें तो निफ्टी में 25,850-25,900 का दायरा प्रमुख रेजिस्टेंस है, जबकि 25,550-25,600 का स्तर सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।
एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, दो सत्रों तक लगातार बिकवाली के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 23 फरवरी को वापसी करते हुए 3,843 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। इसके साथ ही वे इस महीने के लिए भी नेट खरीदार बन गए हैं। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,292 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को सतर्क और चयनात्मक रणनीति अपनानी चाहिए। बाजार में गिरावट के दौरान मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ध्यान देना बेहतर रहेगा। मौजूदा स्तरों पर आक्रामक खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है।
निफ्टी में 26,000 के स्तर के ऊपर मजबूती और टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद ही नई खरीदारी का मजबूत अवसर बन सकता है। तब तक जोखिम प्रबंधन के साथ स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति अपनाना समझदारी होगी।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस से परेशान? गर्दन दर्द और अकड़न दूर करने में कारगर योगासन
नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस एक ऐसी शारीरिक समस्या है, जो उम्र बढ़ने, गलत पोस्चर, लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल के इस्तेमाल, चोट या डिस्क के घिसने की वजह से होती है। इसमें गर्दन की हड्डियों और डिस्क में घिसाव होता है, जिससे गर्दन में दर्द, अकड़न, कंधों, हाथों में झुनझुनी, सिरदर्द, चक्कर और कभी-कभी कमजोरी महसूस होती है। योगासन के पास इन समस्याओं का समाधान है।
मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, नियमित योगाभ्यास से गर्दन की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, लचीलापन बढ़ता है, रक्त संचार बेहतर होता है और दर्द-तनाव में काफी राहत मिलती है। योग दवाओं का सहायक विकल्प बनकर समस्या को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में मदद करता है।
सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस के लिए मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा द्वारा सुझाए योगासन और प्राणायाम हैं, जिन्हें दिनचर्या में शामिल कर राहत पाई जा सकती है। इसमें ग्रीवा शक्ति विकासक है, जो गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाता है, दर्द कम करता है। स्कंध, बाहुमूल शक्ति विकासक है, जो कंधे और गर्दन के जोड़ों को मजबूती देकर अकड़न दूर करता है। ताड़ासन पूरी रीढ़ सीधी करता है, मुद्रा सुधारता है और गर्दन पर दबाव कम करता है।
इसमें मार्जरी आसन और गोमुखासन भी शामिल है, जो रीढ़ को लचीला बनाता है, गर्दन और पीठ की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं और जकड़न दूर कर राहत देता है। इसके अलावा, सरल भुजंगासन है, जो गर्दन और ऊपरी पीठ को मजबूत करता है, आगे झुकने की समस्या सुधारता है। मकरासन, नाड़ी शोधन प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम, योग निद्रा जैसे योगासन शामिल हैं, ये पूरे शरीर-मन को रिलैक्स करते हैं और दर्द कम करने में सहायक हैं।
इन योगासन को दिनचर्या में शामिल कर मानसिक शांति मिलती है, गर्दन से जुड़े तनाव कम होते हैं और गर्दन की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, डिस्क पर दबाव कम होता है और रक्त प्रवाह बेहतर होने से सूजन-दर्द में कमी आती है। नियमित अभ्यास से पूरे शरीर को कई लाभ मिलते हैं।
योग से सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस में काफी राहत मिल सकती है, लेकिन याद रखें कि यह पूरा इलाज नहीं है। इसके लिए डॉक्टरी सलाह लें। इस दौरान सावधानियां बरतनी भी जरूरी है। योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लें, खासकर अगर दर्द तेज है या सर्जरी हुई हो। आसन धीरे-धीरे, बिना जोर लगाए करें। गर्दन को कभी भी ज्यादा झुकाएं या घुमाएं नहीं। गर्भावस्था, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य गंभीर शारीरिक समस्या में विशेष सावधानी बरतें।
--आईएएनएस
एमटी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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