आज से बदलेगी टैरिफ की दर : अब 15% की दर से चुकानी होगी ड्यूटी, खत्म होगी भारतीय टेक्सटाइल निर्यातकों की प्रतिस्पर्धी बढ़त
नई दिल्ली। अमेरिका की व्यापार नीति में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव ने भारतीय परिधान और टेक्सटाइल निर्यातकों को सतर्क रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए आयात शुल्क और बाद में 15 प्रतिशत के फ्लैट ग्लोबल टैरिफ की घोषणा ने उद्योग में अनिश्चितता बढ़ा दी है।
अमेरिकी सरकार आज से राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद कर देगी। इसके बाद 18 प्रतिशत की मौजूदा दर को घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया जाएगा। इसके बावजूद उद्योग जगत का कहना है कि स्थिति इतनी अस्थिर और परिवर्तनशील है कि दीर्घकालिक योजना बनाना कठिन हो गया है।
अनिश्चित परिस्थितियों में टिके रहना मुस्किल
क्लोदिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएमएआई) के चीफ मेंटर राहुल मेहता ने कहा कि व्यवसाय कठिन परिस्थितियों में जीवित रह सकते हैं, लेकिन अनिश्चित परिस्थितियों में टिके रहना बेहद मुश्किल होता है। उन्होंने कहा-पहले भारत को कुछ देशों पर जो मामूली बढ़त मिलने की उम्मीद थी, वह अब लगभग समाप्त हो चुकी है।
सभी देश समान स्तर पर आ गए हैं। उन्होंने कहा पहले भारत पर लगभग 18 प्रतिशत टैरिफ था, जबकि बांग्लादेश पर 19 प्रतिशत और वियतनाम पर 20 प्रतिशत शुल्क लागू था, जिससे भारतीय निर्यातकों को हल्का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता था।
अमेरिकी निर्यात में भारत का हिस्सा 28% फीसदी
अमेरिका को होने वाले कुल टेक्सटाइल निर्यात में भारत का हिस्सा लगभग 28 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2024 में भारत से 10.05 अरब डॉलर का निर्यात किया गया था। इसमें परिधान का हिस्सा सबसे अधिक है, इसके बाद होम टेक्सटाइल और बेड लिनन, तौलिया, कालीन, पर्दे तथा अपहोल्स्ट्री जैसे उत्पाद आते हैं।
वित्त वर्ष 2025 में भारत का कुल टेक्सटाइल और परिधान निर्यात लगभग 38 अरब डॉलर रहा। नई दरों के बाद भारतीय निर्यातकों को अपने अनुबंधों की कीमतें दोबारा तय करनी पड़ रही हैं और चीन तथा बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धियों के बीच अपनी स्थिति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
BSE से मिली कंपनी को ब्रोकिंग की मंजूरी, शेयरों को खरीदने की मची लूट, 12% उछला स्टॉक
Mobikwik Share Price: फिनटेक कंपनी मोबिक्विक की पूर्णतः स्वामित्व वाली कंपनी वन मोबिक्विक सिस्टम्स को बीएसई ने स्टॉक ब्रोकिंग बिजनेस का शुरू करने की अनुमति दे दी है। यानी अब कंपनी अपने ग्राहकों को शेयर बेचने से लेकर खरीदने तक की सर्विसेज दे पाएगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi
Hindustan
















.jpg)





