मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी मामला - अब 10 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं सभी की नजरें
Mohammad Ali Jauhar University: रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े 38 भवनों के मानचित्र का मामला एक बार फिर चर्चा में है, जिसको लेकर इस मामले की सुनवाई सोमवार को कमिश्नर कोर्ट में हुई. साथ ही पूरे दिन लोगों की निगाहें इस बात पर लगी रहीं कि अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है. हालांकि, इस दिन कोई अंतिम फैसला नहीं आया. कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त की तारीख तय कर दी है.
10 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश पर पहले से लगी अंतरिम रोक जारी रहेगी. यानी जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक इस मामले में यथास्थिति बनी रहेगी. इससे दोनों पक्षों को अपना पक्ष विस्तार से रखने का मौका मिलेगा. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रामपुर विकास प्राधिकरण और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, दोनों से जवाब मांगा है. अदालत ने दोनों पक्षों को अपने-अपने दस्तावेज और दलीलें पेश करने के निर्देश दिए हैं. अब माना जा रहा है कि 10 अगस्त की सुनवाई में दोनों पक्ष विस्तार से अपना पक्ष रखेंगे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया तय हो सकती है.
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जानें किन भवनों को लेकर है विवाद
यह मामला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है. विवाद उन भवनों को लेकर है, जिनके मानचित्र और निर्माण से जुड़े सवाल उठाए गए हैं. इसी कारण यह मामला प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत कमिश्नर कोर्ट तक पहुंचा है. अब इस पूरे विवाद का समाधान भी अदालत की सुनवाई और रिकॉर्ड में मौजूद तथ्यों के आधार पर ही तय होगा. सोमवार की सुनवाई से पहले ही रामपुर में इस मामले को लेकर काफी चर्चा थी। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक, सभी की नजरें कोर्ट की कार्यवाही पर थीं. कई लोग अंतिम आदेश की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन अदालत ने फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय अगली तारीख तय करते हुए दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया है. अदालत की यही प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि किसी भी निर्णय से पहले सभी पक्षों की बात सुनी जाए.
अदालत की कार्यवाही पर रहेगी लोगों की निगाहें
इस मामले में अंतरिम रोक का जारी रहना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसका मतलब यह है कि फिलहाल किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होगी और अदालत के अंतिम निर्देशों का इंतजार किया जाएगा. इससे संबंधित सभी पक्षों को कानूनी प्रक्रिया के अनुसार अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा. अब अगली सुनवाई 10 अगस्त को कमिश्नर मुरादाबाद की अदालत में होगी. इस तारीख को लेकर एक बार फिर लोगों की निगाहें अदालत की कार्यवाही पर रहेंगी. उम्मीद की जा रही है कि उस दिन दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क और दस्तावेज पेश करेंगे। इसके बाद अदालत आगे की दिशा तय कर सकती है.
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि अदालत की प्रक्रिया जारी है और अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है. ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना और अदालत के आदेश का इंतजार करना ही उचित माना जाता है. इसलिए अब सभी की नजरें 10 अगस्त की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में आगे की तस्वीर कुछ और साफ हो सकती है.
RBI का बड़ा भरोसा, अगले वित्त वर्ष में 6.7% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा अनुमान जताया है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसलों की घोषणा करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक विकास दर 6.7% रहने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि इस मजबूत विकास दर के साथ भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। आरबीआई का मानना है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और आगे भी विकास की रफ्तार जारी रहने की उम्मीद है। आरबीआई द्वारा अगस्त एमपीसी में जारी किया गया विकास दर अनुमान पिछले अनुमान 6.6 प्रतिशत से 10 आधार अंक ज्यादा है। उन्होंने कहा कि जून 2026 के बाद से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण आपूर्ति पक्ष पर पड़ने वाला दबाव कुछ कम हुआ है।
एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव
जुलाई के पहले हफ्ते से टकराव के फिर से बढ़ने की वजह से एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है और सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता फिर से पैदा हो गई है। लगातार बनी हुई ग्लोबल अनिश्चितता के बावजूद, घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, जैसा कि पहली तिमाही के हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से पता चलता है। मल्होत्रा ने कहा कि पहली तिमाही के शुरुआती कॉर्पोरेट नतीजों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी अच्छे प्रदर्शन का संकेत मिलता है।
आरबीआई ने जताया अनुमान
आरबीआई गवर्नर के मुताबिक, हेडलाइन महंगाई दर बढ़ने का अनुमान है, जिसकी मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों और ईंधन की आपूर्ति से जुड़े दबाव हैं, जबकि मुख्य महंगाई दर सामान्य बनी हुई है और तीसरी तिमाही में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद इसके कम होने की उम्मीद है।
क्या बोले गर्वनर?
उन्होंने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून, अल नीनो, भू-राजनीतिक अस्थिरता और ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी को लेकर अनिश्चितताओं के बीच भविष्य की स्थिति अभी साफ नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी पॉलिसी से जुड़ा कदम उठाने से पहले महंगाई की चाल और उसके घटकों के बारे में ज्यादा स्पष्टता की जरूरत है। विकास दर को लेकर मल्होत्रा ने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस गतिविधियों में लगातार विस्तार और जबरदस्त निर्यात की वजह से अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है।
(DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)
--आईएएनएस
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