अन्नाद्रमुक नेता थंबीदुरै ने Rajya Sabha में Madras High Court का नाम तमिलनाडु करने की मांग की
नयी दिल्ली, पांच अगस्त राज्यसभा में बुधवार को अन्नाद्रमुक के नेता डा. एम थंबीदुरै ने मद्रास उच्च न्यायालय का नाम बदलकर तमिलनाडु पर करने की मांग करते हुए कहा कि 2016 में तमिलनाडु विधानसभा ने इस बारे में केंद्र से अनुरोध करते हुए एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया था। उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मांग उठाते हुए अन्नाद्रमुक सांसद ने कहा कि यह तमिलनाडु के लोगों की पुरानी और आम सहमति वाली आकांक्षा है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की राजधानी मद्रास का नाम तीन दशक पहले बदलकर चेन्नई किया गया था।
उन्होंने कहा कि बहरहाल, उच्च न्यायालय का नाम अभी तक मद्रास उच्च न्यायालय है जो औपनिवेशिक युग की याद दिलाता है और इसमें राज्य के लोगों की आकांक्षा परिलक्षित नहीं होती है। अन्नाद्रमुक सदस्य ने कहा कि अगस्त 2016 में, दिवंगत जयललिता के नेतृत्व में तत्कालीन अन्नाद्रमुक सरकार के समय तमिलनाडु विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें केंद्र सरकार से मद्रास उच्च न्यायालय का नाम बदलकर चेन्नई उच्च न्यायालय करने के बजाय तमिलनाडु उच्च न्यायालय’ करने का आग्रह किया गया था। थंबीदुरै ने कहा कि उच्च न्यायालय का अधिकार पूरे तमिलनाडु राज्य पर है, न कि केवल चेन्नई शहर तक सीमित है इसलिए मद्रास उच्च न्यायालय का नाम तमिलनाडु उच्च न्यायालय’ किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मदुरै में भी उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ है, इसलिए इसे केवल चेन्नई का नाम देना ठीक नहीं लगता। उन्होंने कहा कि 1996 में मद्रास शहर का नाम बदलकर चेन्नई कर दिया गया था, लेकिन अन्नाद्रमुक लगातार यह मांग करती रही है कि अन्य राज्यों की तरह इसका नाम भी राज्य के नाम यानी तमिलनाडु पर होना चाहिए। उन्होंने आसन के माध्यम से केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि राज्य के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए मद्रास उच्च न्यायालय का नाम बदला जाए।
Article 370 हटने से Jammu Kashmir को हर योजना का लाभ मिला: BJP सांसद सतपाल शर्मा
नयी दिल्ली, पांच अगस्त राज्यसभा में बुधवार को भाजपा के सतपाल शर्मा ने जम्मू कश्मीर से आज ही के दिन अनुच्छेद 370 हटाये जाने का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसके कारण केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को केंद्र की हर योजना का लाभ मिल रहा है और वह देश के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दे रहा है। शून्यकाल में भारतीय जनता पार्टी के सांसद सतपाल शर्मा ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज एक ऐसा दिन है जिसका इंतजार जम्मू कश्मीर ही नहीं बल्कि पूरे देश के लोग दशकों से कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत प्रदत्त विशेष दर्जे को रद्द कर दिया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।
उन्होंने कहा कि आज के दिन गृह मंत्री अमित शाह ने जो काम किया वह जम्मू कश्मीर को नयी ऊंचाइयों पर ले गया है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35 ए का कांटा जम्मू कश्मीर के लोगों को चुभ रहा था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने निकाल कर फेंक दिया। शर्मा ने कहा कि जनसंघ के नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने ‘एक विधान, एक निशान, एक प्रधान’ के लक्ष्य के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
उन्होंने कहा कि इस सपने को पूरा करने के लिए बहुत से लोगों ने बलिदान दिया है और वे ऐसे सभी लोगों को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि आज जम्मू कश्मीर भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहा है औद देश के विकास में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत सरकार की हर योजना का लाभ जम्मू कश्मीर के लोगों को मिल रहा है।
शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस ने न जाने कितने राष्ट्रवादी लोगों पर जुल्म किया और उनकी हत्याएं तक की गयीं।
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