पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के बाहर इमरान खान के समर्थन में प्रदर्शन, परिवार और डॉक्टर से मुलाकात की मांग
इस्लामाबाद, 23 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थन में विपक्ष के सदस्यों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने मांग उठाई कि इमरान खान के खिलाफ सभी मामलों की तुरंत सुनवाई कराई जाए। साथ ही उनके परिवार के सदस्यों को जेल मिलने की इजाजत दी जाए।
विरोध प्रदर्शन में सीनेट विपक्षी नेता आलमा रजा नसीर अब्बास और पीटीआई के महासचिव सलमान अकरम राजा शामिल थे। चीफ व्हिप आमिर डोगर, नेशनल असेंबली के सदस्य (एमएनए) अली मोहम्मद खान और शाहिद खटक, प्रांतीय विधानसभा के सदस्य (एमपीए) शफिउल्लाह जां और मुहम्मद हुसैन सहित अन्य नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान को अगस्त 2023 से जेल में बंद किया गया है। वे रावलपिंडी की अडियाला जेल में £190 मिलियन के भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की सजा काट रहे हैं और हाल ही में एक अन्य मामले में राज्य उपहारों से संबंधित आरोपों में भी दोषी ठहराए गए थे।
पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के दिनों में इमरान खान के परिवार और पार्टी ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि जनवरी में उनकी आंख की बीमारी राइट सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (सीआरवीओ) सामने आई थी।
विपक्षी गठबंधन तहरीक-ए-तहफुज-ए-आइन-ए-पाकिस्तान (टीटीपीए) की एक्स पोस्ट के अनुसार, विरोधियों ने मांग की कि इमरान खान का व्यक्तिगत डॉक्टरों के माध्यम से पूर्ण चिकित्सीय परीक्षण कराया जाए। उन्होंने सरकार से कदम उठाने का आग्रह किया, जिसमें इमरान खान के परिवार और डॉक्टरों को उनसे मिलने की अनुमति देना भी शामिल है।
टीटीपीए एक्स पर प्रोटेस्ट का वीडियो शेयर करते हुए कहा, सुप्रीम कोर्ट के बाहर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ का प्रदर्शन जारी रहा, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि इमरान खान के खिलाफ सभी मामलों की सुनवाई तुरंत निर्धारित की जाए, परिवार से मिलने की अनुमति दी जाए और उनके व्यक्तिगत डॉक्टरों के माध्यम से पूर्ण चिकित्सीय जांच कराई जाए। इस प्रदर्शन में सीनेट में विपक्षी नेता आलमा नसीर अब्बास, सलमान अकरम राजा, आमिर डोगर और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
रिपोर्टरों से बात करते हुए सलमान अकरम राजा ने कहा कि पीटीआई किसी भी सरकारी रिपोर्ट पर भरोसा नहीं करती। संभवतः इसका जिक्र उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (पीआईएमएस) की रिपोर्ट के संदर्भ में किया। उन्होंने कहा, “सिर्फ पीटीआई संस्थापक की आंख ही नहीं, उनके पूरे शरीर को जांच की जरूरत है।”
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, अली मुहम्मद खान ने मांग की कि पीटीआई के संस्थापक को अस्पताल ले जाया जाए। उन्होंने कहा कि लीडर की आंख से ही देश अपना भविष्य देखता है। उन्होंने इमरान खान को उनके पर्सनल डॉक्टरों और परिवार की मांग के मुताबिक इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाने की मांग की।
शाहिद खट्टक ने कहा कि इमरान खान के इलाज को अहंकार का मुद्दा बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी को भी पॉलिटिकल केस में जेल में रखा गया है। उन्होंने कहा कि वह और पीटीआई के दूसरे लीडर फिर से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और उन्हें इस मामले के बारे में याद दिलाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट में जमा की गई एक मेडिकल रिपोर्ट में, इमरान खान ने दावा किया है कि उनकी दाहिनी आंख में सिर्फ 15 प्रतिशत रोशनी बची है। पीटीआई के वकील सलमान सफदर ने अदियाला जेल दौरे के बारे में सुप्रीम कोर्ट में सात पेज की रिपोर्ट जमा की। रिपोर्ट में कहा गया कि “याचिकाकर्ता (इमरान) के अनुसार, उन्हें एक रक्त क्लॉट का पता चला था, जिसने गंभीर क्षति पहुंचाई और दिए गए इलाज के बावजूद उनकी दाईं आंख में केवल 15 प्रतिशत रोशनी बची है।”
--आईएएनएस
अर्पित याज्ञनिक/एमएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी, अमेरिका को लूटने वाले रहें तैयार, टैरिफ के लिए कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत नहीं
वॉशिंगटन, 23 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को खरीदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि टैरिफ लगाने के लिए उन्हें कांग्रेस से नई मंजूरी की आवश्यकता नहीं है। ट्रंप ने कहा कि वे देश जिन्होंने दशकों तक अमेरिका को लूटा है, अब कहीं अधिक टैरिफ को झेलने को तैयार रहें।
डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सुप्रीम कोर्ट की ओर से उनके प्रशासन के दौरान लगाए गए टैरिफ को निरस्त किए जाने के बाद उत्पन्न अनिश्चितता के बीच भारत ने अपनी प्रस्तावित व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की वॉशिंगटन यात्रा टाल दी है।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “राष्ट्रपति के रूप में मुझे टैरिफ के लिए कांग्रेस के पास वापस जाने की जरूरत नहीं है। इसकी मंजूरी पहले ही कई रूपों में मिल चुकी है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के हास्यास्पद और खराब तरीके से तैयार किए गए फैसले से पुष्टि मिल गई है।”
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रेडिंग पार्टनर्स को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी देश जो इस हास्यास्पद सुप्रीम कोर्ट के फैसले के साथ खेल खेलने की कोशिश करेगा, खासकर वे देश जिन्होंने वर्षों और दशकों तक अमेरिका को लूटा है, उन्हें हाल ही में बनी टैरिफ सहमति से कहीं अधिक और सख्त टैरिफ झेलना होगा।”
व्हाइट हाउस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “हम अपने सभी व्यापारिक साझेदारों के साथ पर्दे के पीछे काम करना जारी रखे हुए हैं।”
यह बात तब आई जब भारत ने अपने ट्रेड डेलीगेशन का यूनाइटेड स्टेट्स दौरा टाल दिया है। यह निर्णय अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद करने के बाद लिया गया था क्योंकि टैरिफ सिस्टम पर अनिश्चितता पैदा हो गई थी।
योजना से परिचित एक सूत्र के अनुसार, भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों के बीच परामर्श के बाद यात्रा टालने का निर्णय लिया गया। फिलहाल प्रतिनिधिमंडल की नई यात्रा तिथि तय नहीं की गई है, क्योंकि अदालत के फैसले के बाद टैरिफ की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
भारतीय डेलीगेशन को वाशिंगटन में एक अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत करनी थी। प्रस्तावित व्यवस्था से भारतीय एक्सपोर्ट पर दंडात्मक टैरिफ कम होने और अमेरिकी इंपोर्ट में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद थी।
--आईएएनएस
अर्पित याज्ञनिक/एमएस
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