बैंक मिस-सेलिंग बंद करें, अपने मूल काम पर दें ध्यान: वित्त मंत्री सीतारमण
नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बैंकों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि उन्हें अपने मूल काम पर ध्यान देना चाहिए, न कि ग्राहकों को जबरन बीमा जैसे उत्पाद बेचने (मिस-सेलिंग) में समय लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मिस-सेलिंग एक अपराध है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बजट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय निदेशक मंडल के साथ बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि वह लगातार मिस-सेलिंग के मुद्दे को उठाती रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई ग्राहक घर के लिए लोन लेने आता है और उसके पास पर्याप्त गारंटी (कोलेटरल) है, तो उसे अतिरिक्त बीमा पॉलिसी लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
सीतारमण ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आरबीआई ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मिस-सेलिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैंकों को अपना मुनाफा लोन देने और जमा जुटाने जैसे मुख्य कार्यों से कमाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि बैंकों को चालू खाता और बचत खाता (सीएएसए) जमा बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पहले जब बैंक अतिरिक्त धन की मांग लेकर आए थे, तब उन्होंने साफ कहा था कि बैंकों को सीधे पैसा देने के बजाय सीएएसए के माध्यम से संसाधन जुटाने को प्राथमिकता देनी चाहिए।
वित्त मंत्री ने अमेरिका द्वारा हाल में घोषित टैरिफ (आयात शुल्क) बदलावों पर कहा कि इसके प्रभाव पर अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय स्थिति की समीक्षा कर रहा है और आगे की व्यापार वार्ताओं पर निर्णय प्रतिनिधिमंडल द्वारा लिया जाएगा।
हाल ही में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की। बाद में इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया।
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए होने वाली बैठक को फिलहाल पुनर्निर्धारित किया गया है।
सीतारमण ने कहा कि भारत वैश्विक व्यापार समझौतों के लिए प्रतिबद्ध है और ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ पहले ही समझौते कर चुका है। भारत आगे भी वैश्विक बाजारों से जुड़कर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहता है।
वित्त मंत्री ने सोने की बढ़ती कीमतों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हाल में सोने की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने और चांदी की खरीद बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि भारतीय परिवारों के लिए सोना हमेशा एक पसंदीदा निवेश रहा है और त्योहारी सीजन में इसकी मांग बढ़ जाती है।
सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि सरकार और आरबीआई स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल सोने की कीमतों में बढ़ोतरी चिंताजनक स्तर तक नहीं पहुंची है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच ईरान में भारतीय दूतावास ने भारतीयों के लिए जारी की एडवाइजरी
नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच भारत ने ईरान में रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इससे पहले पोलैंड और सर्बिया ने भी अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया था। अमेरिका ने पिछले 22 साल में मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ी सैन्य तैनाती की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस्लामिक रिपब्लिक के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर सैन्य कार्रवाई की धमकी भी दे रहे हैं। इन्हीं सब चेतावनियों और धमकियों के बीच अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।
ईरान में भारतीय दूतावास ने लिखा, भारत सरकार की 5 जनवरी 2026 की एडवाइजरी को जारी रखते हुए, और ईरान में बदलते हालात को देखते हुए, जो भारतीय नागरिक अभी ईरान में हैं (छात्र, तीर्थयात्री, बिजनेस करने वाले और टूरिस्ट) उन्हें सलाह दी जाती है कि वे कमर्शियल फ्लाइट समेत ट्रांसपोर्ट के मौजूद तरीकों से ईरान छोड़ दें।
भारतीय दूतावास ने आगे लिखा कि एडवाइजरी में यह दोहराया जाता है कि सभी भारतीय नागरिकों और पीआईओ को पूरी सावधानी बरतनी चाहिए, विरोध या प्रदर्शन वाली जगहों से बचना चाहिए, ईरान में भारतीय एम्बेसी के संपर्क में रहना चाहिए और किसी भी डेवलपमेंट के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर रखनी चाहिए।
भारतीय एंबेसी ने ईरान में सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे अपने ट्रैवल और इमिग्रेशन डॉक्यूमेंट्स, जिनमें पासपोर्ट और आईडी शामिल हैं, अपने पास तैयार रखें। उनसे इस बारे में किसी भी मदद के लिए भारतीय दूतावास से संपर्क करने का अनुरोध किया जाता है।
मदद के लिए भारतीय दूतावास ने अलर्ट भी जारी किया है। इमरजेंसी कॉन्टैक्ट हेल्पलाइन के लिए मोबाइल नंबर +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +989932179359 हैं। इसके अलावा सीओएनएस डॉट तेहरान एट द रेट डॉट जीओवी डॉट इन पर ईमेल भी कर सकते हैं।
ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों, जिन्होंने भारतीय दूतावास में रजिस्टर नहीं किया है, उन्हें तुरंत रजिस्टर करने के लिए कहा गया है। अगर कोई भारतीय नागरिक ईरान में इंटरनेट की दिक्कतों की वजह से रजिस्टर नहीं कर पाता है, तो भारत में उनके परिवार ऐसा कर सकते हैं।
इससे पहले सर्बिया ने अपने नागरिकों से ईरान छोड़ने की अपील की है। सर्बियाई विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा, सुरक्षा व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के कारण, सर्बिया गणराज्य के नागरिकों को ईरान जाने की सलाह नहीं दी जाती है। वहीं, ईरान में मौजूद सभी लोगों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी जाती है।
सर्बिया ने ईरान में अपने नागरिकों से जितनी जल्दी हो सके देश छोड़ने की अपील की है। बाल्कन देश ने जनवरी में ही सर्बियाई नागरिकों को ईरान छोड़ने और वहां न जाने के लिए कहा था। दिसंबर 2025 के अंत और जनवरी 2026 की शुरुआत में देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे।
गुरुवार को ही पोलिश पीएम डोनाल्ड टस्क ने अपने लोगों से ईरान न जाने और वहां से लौट आने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए ईरान में मौजूद पोलिश नागरिकों को तुरंत वहां से निकल जाना चाहिए क्योंकि हथियारों से लैस लड़ाई की आशंका के कारण कुछ ही घंटों में निकलना मुमकिन नहीं होगा।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation


















