भारत–जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास #DharmaGuardian, 24 फरवरी से उत्तराखंड के चौबट्टिया में शुरू
भारत और जापान के बीच 7वां संयुक्त सैन्य अभ्यास #DharmaGuardian 2026 24 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक उत्तराखंड के चौबट्टिया में आयोजित किया जाएगा. इस अभ्यास का उद्देश्य शहरी युद्ध और आतंकवाद-रोधी अभियानों में दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाना है.
'धर्म गार्डियन' भारत और जापान के बीच एक सालाना सैन्य अभ्यास है. इसका आयोजन बारी-बारी से भारत और जापान में होता है. पिछली बार अभ्यास फरवरी-मार्च 2024 में राजस्थान में हुआ था. इस दौरान भारतीय सेना के 120 सैनिकों की टुकड़ी, जिसमें मुख्य रूप से मद्रास रेजिमेंट के सैनिक शामिल होंगे. 34वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के 120 सैनिक इस अभ्यास करेंगे.
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— Madhurendra kumar मधुरेन्द्र कुमार (@Madhurendra13) February 23, 2026
भारत–जापान संयुक्त सैन्य अभ्यास #DharmaGuardian उत्तराखंड में कल से ????????????????
भारत और जापान के बीच 7वां संयुक्त सैन्य अभ्यास #DharmaGuardian 2026 24 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक उत्तराखंड के चौबट्टिया में आयोजित किया जाएगा।
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इस अभ्यास का उद्देश्य क्या है
इस सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के अधिदेश के तहत शहरी युद्ध और आतंकवाद विरोधी अभियानों में अंतर-संचालन को बढ़ाना है. इस दौरान संयुक्त योजना और सामरिक रणनीतियों पर जोर रहेगा. यह अभ्यास भारत और जापान के द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को ताकत देगा. क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले और समावेशी दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है.
प्रमुख गतिविधियां
▪️ टेम्पररी ऑपरेटिंग बेस की स्थापना
▪️ ISR ग्रिड का विकास
▪️ मोबाइल चेक पोस्ट
▪️ कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन
▪️ हेलिबोर्न मिशन
▪️ हाउस इंटरवेंशन ड्रिल्स
दो सप्ताह तक सैनिक संयुक्त योजना, सामरिक अभ्यास और विशेष युद्ध कौशल को और निखारेंगे. यह अभ्यास भारत–जापान रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है.
यूपी में मेधावी बेटियों के लिए नई उड़ान, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना
उत्तर प्रदेश में बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए Yogi Adityanath सरकार ने एक अहम पहल की है. रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहीं मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी उपलब्ध कराई जा रही है. इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक या परिवहन संबंधी बाधाओं के कारण किसी भी बेटी की पढ़ाई प्रभावित न हो.
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाली छात्राओं के लिए यह योजना विशेष रूप से राहतकारी साबित हो सकती है. कई बार कॉलेज या विश्वविद्यालय की दूरी के कारण छात्राओं को रोजाना लंबी यात्रा करनी पड़ती है, जिससे पढ़ाई में व्यवधान आता है. स्कूटी मिलने से उनका समय बचेगा, सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी.
किन छात्राओं को मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जो उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी हों और ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन में अध्ययनरत हों. चयन के लिए शैक्षणिक योग्यता अहम है छात्रा को मेधावी श्रेणी में आना आवश्यक है. साथ ही परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. यह शर्त इसलिए रखी गई है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों को प्राथमिकता दी जा सके. सरकार का लक्ष्य है कि संसाधनों की कमी पढ़ाई में बाधा न बने.
आवेदन के समय छात्राओं को आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, पिछली कक्षा की मार्कशीट, कॉलेज आईडी, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक पासबुक की प्रति जमा करनी होती है. इन दस्तावेजों के आधार पर पात्रता की जांच कर चयन सूची तैयार की जाती है.
आवेदन प्रक्रिया: पूरी तरह ऑनलाइन
योजना की आवेदन प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है. छात्राओं को उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है. फॉर्म में दी गई जानकारी सही और पूर्ण होनी चाहिए, साथ ही आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड करने होते हैं.
आवेदन जमा होने के बाद विभागीय स्तर पर सत्यापन किया जाता है. चयनित छात्राओं को संबंधित जिले के नोडल सेंटर के माध्यम से सूचना दी जाती है, जहां औपचारिक कार्यक्रम के तहत स्कूटी वितरित की जाती है.
आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना सिर्फ परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की पहल है. इससे छात्राओं का ड्रॉपआउट रेट घटाने और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी. यदि आपके आसपास कोई पात्र छात्रा है, तो उसे इस योजना की जानकारी जरूर दें. यह पहल बेटियों को सशक्त बनाने और उनके सपनों को पंख देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
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