‘आप’ नेता सौरभ भारद्वाज का दावा, सरकार ने अब तक लाखों गरीबों को बेघर कर दिया
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने ‘दिल्ली बेहाल जनसंवाद’ कैंपेन के तहत रविवार को चिराग दिल्ली में बड़ी सभा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि दिल्ली में चार इंजन वाली सरकार है फिर भी दिल्लीवाले बेहाल हैं. दिल्ली सरकार को एक साल बीत गए, लेकिन न महिलाओं को 2500 रुपए मिले और ना ही बस मार्शलों को पक्की नौकरी मिली. दिल्ली सरकार ने सिर्फ प्रदूषण कम करने, नकली यमुना बनाने और 370 मोहल्ला क्लीनिकों का नाम आरोग्य मंदिर करने का फर्जीवाड़ा किया.
बेहाल दिल्ली की जनता की आवाज उठाएगी
इन्होंने मोहल्ला क्लीनिकों को बंद कर हजारों युवाओं को बेरोजगार कर दिया और अब 6 हजार बस कंडक्टरों को निकाल रहे हैं. एक मार्च को आम आदमी पार्टी जंतर मंतर पर विशाल जनसभा कर बेहाल दिल्ली की जनता की आवाज उठाएगी. चिराग दिल्ली में ‘दिल्ली बेहाल जन संवाद’ के दौरान सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ये लोग चुनाव के समय ही गरीबों के बीच आते हैं. ‘आप’ सरकार ने बड़ी मुश्किल से गांवों के लिए जो सुविधाएं बनवाई थीं. गांवों व कस्बों में यह सोचकर डिस्पेंसरी बनवाई गई ताकि गरीबों और बुजुर्गों को आसानी से इलाज मिल सके.
मोहल्ला क्लीनिकों को बंद कर रही है सरकार
सौरभ भारद्वाज ने शेख सराय में पानी टंकी के नीचे बनाए गए मोहल्ला क्लीनिक में सबसे ज्यादा गांव की महिलाएं इलाज के लिए आती थीं. महिलाएं पैसे व समय की कमी के कारण डॉक्टर के पास नहीं जा पातीं हैं. ऐसे में मोहल्ला क्लीनिक में डायबिटीज, थायरॉइड और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों के फ्री टेस्ट और फ्री दवाइयां मिलने से उन्हें बहुत सुविधा हुई थी. अब सरकार एक- एक कर मोहल्ला क्लीनिकों को बंद कर रही है. सीएम ने 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का झूठा दावा कर रही हैं.
महिलाओं के खाते में 2500 रुपए आएंगे
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पिछले 8-9 सालों से ‘‘आप’’ सरकार दिल्ली के 360 गांवों के लिए शाहपुर जट गांव में एक शाहपुर जट फेस्टिवल करवाती थी. इसमें गांव के बुजुर्ग भी फैशन शो करते थे. लेकिन अब यह फेस्टिवल बंद करवा दिया गया. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की महिलाओं को गारंटी दी गई थी कि चुनाव जीतते ही मार्च से हर महिलाओं के खाते में 2500 रुपए आएंगे. लेकिन किसी भी महिला को 2500 रुपए नहीं मिले.
सीमा से परे पाकिस्तान का दमन, असिम मुनीर के नेतृत्व में ज्यादती बढ़ी: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असिम मुनीर के नेतृत्व में देश की सेना ने ट्रांसनेशनल रिप्रेशन (देश की सीमा से परे दमन) के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नवंबर 2022 से असीम मुनीर के कमान संभालते ही ज्यादती बढ़ी है।
विदेश में रहने वाले आलोचकों, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को धमकियां, निगरानी और यहां तक कि हत्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट्स के अनुसार, मुनीर शासन ने अमेरिका, यूके और कनाडा जैसे देशों में पाकिस्तानी प्रवासियों को निशाना बनाया है, जिसमें परिवारों पर दबाव और कानूनी उत्पीड़न शामिल है, जो पाकिस्तान की बढ़ती दमन प्रवृत्ति को दर्शाता है।
ग्रीक सिटी टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई विश्लेषकों और दुनिया भर के विशेषज्ञों ने कहा है कि मुनीर ने खुद इस खतरनाक तरीके को अपनाया है और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े लोगों को खुलेआम चेतावनी दी है।
इसमें कहा गया है कि विरोधियों को उनके वजूद के लिए खतरा बताकर, मुनीर विदेशों में पाकिस्तानी नागरिकों पर निगरानी और हिंसा को सही ठहरा रहे हैं।
पाकिस्तान का 27वां संविधान संशोधन, जो 2025 के आखिर में लागू हुआ, उसने मुनीर को जिंदगी भर की छूट दी, एक कठपुतली अदालत बनाई, और अदालती निगरानी खत्म कर दी, जिससे उन्हें दुनिया भर में विरोधियों को निशाना बनाने की पूरी ताकत मिल गई।
रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है, पाकिस्तान की मिलिट्री पश्चिमी देशों में विरोधियों के खिलाफ एक गंदा अंतरराष्ट्रीय दमन अभियान चला रही है। यह कोई अंदाजा नहीं है; यह एक ऐसा पैटर्न है जिसके तहत पाकिस्तानी सरकार की आलोचना करने वालों को विदेश में उनके घरों में शिकार बनाया जाता है, धमकाया जाता है, हमला किया जाता है और डराया जाता है, जबकि पाकिस्तान के अंदर उनके परिवारों का फ़ायदा उठाया जाता है।
इसमें आगे कहा गया, सेना का मकसद आसान है: बुराई करने वालों को मनोवैज्ञानिक तौर पर तोड़ो, उन्हें चुप रहने पर मजबूर करो, और बाकी सबको चेतावनी दो कि देश निकाला उनकी रक्षा नहीं करता। यह पाकिस्तान के घरेलू दबाव मॉडल का पश्चिमी सड़कों पर भी विस्तार है, जिसमें क्रिमिनल प्रॉक्सी और डराने-धमकाने का इस्तेमाल किया जाता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि जब से मुनीर ने पाकिस्तानी आर्मी की कमान संभाली है, ट्रांसनेशनल दमन बढ़ गया है। इसमें कहा गया है कि हमलों में हथियारों का इस्तेमाल, आगजनी, एसिड, और ट्रेंड ऑपरेटिव शामिल हैं जो इस भरोसे के साथ काम करते हैं कि डेमोक्रेटिक सरकारें दखल नहीं देंगी।
रिपोर्ट में कहा गया है, सबसे नया और सबसे साफ सबूत यूनाइटेड किंगडम में है। जनवरी 2026 में, लोकल मीडिया ने बताया कि स्कॉटलैंड यार्ड के काउंटर-टेररिज्म कमांड ने यूके में रहने वाले पाकिस्तानी सत्ता के विरोधियों पर बहुत ज्यादा टारगेटेड हमलों की जांच अपने हाथ में ले ली है, जिसमें जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खास समर्थक भी शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया, हमले लगातार हो रहे थे, जिसमें मारपीट से लेकर बंदूक से हमला, आग लगाने की कोशिश और बार-बार प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना शामिल था। एक पीड़ित, मिर्जा शहजाद अकबर, जो एक ह्यूमन-राइट्स वकील और खान के समय के पूर्व कैबिनेट सदस्य थे, पर हमला तब हुआ जब हमलावर ने उनकी पहचान कन्फर्म की और फिर उनके परिवार के सामने उन्हें बार-बार घूंसे मारे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी सरकार के कथित तौर पर इंटरनेशनल दमन में भूमिका के बढ़ते सबूतों के बावजूद, पश्चिमी देशों के जवाब बहुत नाकाफी रहे हैं।
--आईएएनएस
केआर/
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