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AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन पर PM मोदी की तीखी टिप्पणी, इन दलों का जताया आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इंडिया समिट में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन पर टिप्पणी करे हुए कहा कि यह प्रदर्शन दिखाता है कि देश कि सबसे पुरानी पार्टी विचारधार के हिसाब से दिवालिया हो चुकी है. उन्हें कांग्रेस को छोड़ अन्य विपक्षी पार्टियों टीएमसी, डीएमके समेत बीएसपी का आभार व्यक्त किया. 

यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम के अंदर शर्टलेस विरोध प्रदर्शन किया था. इसमें उन्होंने “बेरोजगारी, महंगाई और कथित इंडिया-US ट्रेड डील” को लेकर पीएम  नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए.

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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: 'नई दिल्ली घोषणा' को मिला 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित अब तक के सबसे बड़े एआई इवेंट इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का समापन शनिवार को नई दिल्ली घोषणा को अपनाने के साथ हुआ।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को एक एक्स पोस्ट में बताया कि एआई इम्पैक्ट समिट घोषणापत्र पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और पूरी दुनिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानव-केंद्रित एआई दृष्टिकोण का समर्थन किया है।

उन्होंने बताया कि यह घोषणापत्र सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के सिद्धांत से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य एआई के संसाधनों और उसके लाभों को पूरी मानवता तक समान रूप से पहुंचाना है।

इस शिखर सम्मेलन में 89 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने मिलकर काम करने वाले, भरोसेमंद, मजबूत और कुशल एआई के लिए साझा वैश्विक विजन का समर्थन किया। इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

घोषणा में इस बात पर जोर दिया गया कि एआई आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई का बड़ा साधन बन सकता है, बशर्ते इसे जिम्मेदारी और समान अवसर के सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ाया जाए।

घोषणापत्र में कहा गया कि एआई के लाभ पूरी मानवता के साथ साझा किए जाने चाहिए। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना, बहुपक्षीय भागीदारी बढ़ाना और राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करना जरूरी है। साथ ही, भरोसेमंद और सुलभ एआई फ्रेमवर्क विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।

एआई इम्पैक्ट समिट की घोषणा सात प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जो वैश्विक एआई सहयोग की नींव रखेंगे। इनमें एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण, आर्थिक विकास और सामाजिक भलाई, सुरक्षित और भरोसेमंद एआई, विज्ञान के लिए एआई, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए पहुंच, मानव पूंजी विकास तथा लचीली और दक्ष एआई प्रणाली शामिल हैं।

सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण और स्वैच्छिक वैश्विक पहलों की घोषणा की गई।

एआई के लोकतांत्रिक वितरण के लिए चार्टर लाया गया, जिसका उद्देश्य बुनियादी एआई संसाधनों तक सस्ती और समान पहुंच सुनिश्चित करना है।

ग्लोबल एआई इम्पैक्ट कॉमन्स नामक मंच शुरू किया गया, जो दुनिया भर में एआई के सफल उपयोग मामलों को बढ़ावा देगा और उन्हें दोहराने योग्य बनाएगा।

भरोसेमंद एआई कॉमन्स की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया, जो सुरक्षित और मजबूत एआई सिस्टम विकसित करने के लिए टूल्स, बेंचमार्क और श्रेष्ठ प्रक्रियाओं का साझा भंडार होगा।

विज्ञान संस्थानों के लिए एआई का एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बनाने की पहल की गई, जिससे वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग और एआई-आधारित शोध को बढ़ावा मिलेगा।

सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एआई प्लेटफॉर्म का उद्देश्य ज्ञान साझा करना और एआई को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना है।

एआई श्रम शक्ति विकास प्लेबुक और रीस्किलिंग सिद्धांतों के माध्यम से कौशल विकास, प्रशिक्षण और एआई साक्षरता को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।

इसके अलावा, ऊर्जा-कुशल और लचीले एआई सिस्टम के विकास के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों पर भी जोर दिया गया।

घोषणा में एआई को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बताया गया। ओपन-सोर्स और सुलभ एआई इकोसिस्टम को बढ़ावा देने, ऊर्जा-कुशल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और शासन व सार्वजनिक सेवाओं में एआई के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

सम्मेलन में शामिल देशों ने एआई शासन के लिए साझा वैश्विक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने, स्वैच्छिक और गैर-बाध्यकारी ढांचे को अपनाने तथा निरंतर सहयोग के जरिए विजन को वास्तविक कार्यों में बदलने की प्रतिबद्धता दोहराई।

इस समिट से दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूती मिलने और एआई को वैश्विक आर्थिक वृद्धि का प्रमुख चालक बनाने की उम्मीद जताई गई है।

--आईएएनएस

डीबीपी/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

ICC Pre-Seeding विवाद पर बोले Sunil Gavaskar- 'टूर्नामेंट से पहले क्यों नहीं उठाए सवाल?'

टी20 विश्व कप 2026 अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है और सुपर 8 मुकाबले शुरू हो गए हैं। कोलंबो में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड का पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, लेकिन असली चर्चा अब टूर्नामेंट के प्रारूप को लेकर हो रही है।

दरअसल आईसीसी द्वारा अपनाई गई प्री-सीडिंग व्यवस्था पर सोशल मीडिया में सवाल उठ रहे हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार ग्रुप चरण की सभी शीर्ष टीमों भारतीय टीम, साउथ अफ्रिका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को सुपर 8 के ग्रुप 1 में रखा गया। वहीं दूसरे ग्रुप में इंग्लैंड, श्रीलंका, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड जैसी टीमें शामिल हैं, जो अपने-अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहीं।

गौरतलब है कि इस व्यवस्था के कारण दो मजबूत टीमें सुपर 8 चरण में ही बाहर हो सकती हैं। आम तौर पर बड़े टूर्नामेंटों में ग्रुप विजेताओं को अपेक्षाकृत संतुलित ग्रुप मिलता है, लेकिन यहां उल्टा समीकरण बन गया है। इसी वजह से प्रशंसकों, खासकर श्रीलंका समर्थकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि श्रीलंका में ग्रुप चरण खेलने के बावजूद सेमीफाइनल में पहुंचने पर टीम को भारत में खेलना पड़ सकता है।

इस विवाद के बीच पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा कि अब इस मुद्दे को उठाने का ज्यादा मतलब नहीं है। उनके मुताबिक अगर किसी को प्रारूप पर आपत्ति थी तो उसे टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उठाना चाहिए था, जब कार्यक्रम घोषित किया गया था।

गावस्कर ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करना आसान नहीं होता। चूंकि यह प्रतियोगिता दो देशों में खेली जा रही है, इसलिए यात्रा, वीजा, सीमा शुल्क और आवास जैसी व्यवस्थाएं भी ध्यान में रखनी पड़ती हैं। हर टीम के साथ सहयोगी स्टाफ की संख्या अलग-अलग होती है, जिससे होटल बुकिंग और अन्य इंतजाम प्रभावित होते हैं। संभव है कि इन्हीं व्यावहारिक कारणों से प्री-सीडिंग का फैसला लिया गया हो।

बता दें कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही शीर्ष आठ टीमों की अंतरराष्ट्रीय टी20 रैंकिंग के आधार पर सुपर 8 के स्लॉट तय कर दिए गए थे। इसी वजह से दक्षिण अफ्रीका अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहने के बावजूद सीडिंग में नीचे माना गया, क्योंकि न्यूजीलैंड की रैंकिंग ऊंची थी।

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि इस प्रारूप ने सुपर 8 को और प्रतिस्पर्धी जरूर बना दिया है, लेकिन इससे असंतुलन की बहस भी तेज हुई है। अब आने वाले मुकाबले तय करेंगे कि विवाद के बीच कौन सी टीम दबाव झेलते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाती है।
Sun, 22 Feb 2026 21:31:21 +0530

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