Yogasana Benefits: जोड़ों के दर्द में राहत दिलाएंगे ये 5 योगासन, पाचन भी सुधरेगा, जानें अभ्यास का तरीका
Yogasana Benefits: आजकल कम उम्र में ही घुटनों, कमर और कंधों में दर्द की शिकायत आम हो गई है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधि की कमी और गलत खानपान इसके बड़े कारण हैं। दवाइयों से अस्थायी राहत तो मिलती है, लेकिन अगर आप प्राकृतिक और स्थायी समाधान चाहते हैं तो योग को दिनचर्या में शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
योगासन न सिर्फ जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं। नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, सूजन कम होती है और गैस, अपच जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है। आइए जानते हैं 5 ऐसे योगासन और उन्हें करने का सही तरीका।
5 योगासन अभ्यास से मिलेगा लाभ
वज्रासन
वज्रासन पाचन सुधारने के लिए सबसे प्रभावी आसनों में से एक माना जाता है। इसे भोजन के बाद भी किया जा सकता है। जमीन पर घुटनों के बल बैठें और एड़ियों पर कूल्हों को टिकाएं। दोनों हाथ घुटनों पर रखें और पीठ सीधी रखें। 5-10 मिनट तक गहरी सांस लेते रहें। यह घुटनों को मजबूत बनाता है और पाचन क्रिया को बेहतर करता है।
भुजंगासन
कमर और रीढ़ की हड्डी के लिए भुजंगासन फायदेमंद है। पेट के बल लेट जाएं, हथेलियां कंधों के पास रखें और धीरे-धीरे सिर व छाती को ऊपर उठाएं। नाभि तक का हिस्सा जमीन पर रहे। 15-20 सेकंड रुकें और फिर सामान्य स्थिति में लौट आएं। यह आसन पीठ दर्द कम करता है और पाचन अंगों को सक्रिय करता है।
पवनमुक्तासन
जैसा नाम वैसा काम यह आसन गैस और अपच की समस्या दूर करने में मदद करता है। पीठ के बल लेटकर एक-एक घुटने को सीने तक लाएं और हाथों से पकड़ लें। 20 सेकंड तक रोकें, फिर छोड़ दें। दोनों पैरों से भी दोहराएं। इससे पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और जोड़ों में जकड़न कम होती है।
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ताड़ासन
ताड़ासन शरीर को संतुलन और मजबूती देता है। सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाएं और एड़ियों पर खड़े होने की कोशिश करें। कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहें। यह आसन घुटनों, टखनों और कंधों को मजबूत करता है तथा शरीर की मुद्रा सुधारता है।
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन से शरीर के साइड हिस्सों में खिंचाव आता है। पैरों को फैलाकर खड़े हों, एक हाथ नीचे पैर की ओर झुकाएं और दूसरा हाथ ऊपर रखें। 15-20 सेकंड बाद दूसरी ओर दोहराएं। इससे कमर दर्द में राहत मिलती है और पाचन तंत्र बेहतर होता है।
ध्यान रखने योग्य बातें
योग हमेशा खाली पेट या हल्के भोजन के 3-4 घंटे बाद करें। शुरुआत में किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक की देखरेख में अभ्यास करना बेहतर होता है। अगर जोड़ों में ज्यादा सूजन या गंभीर समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
नियमित योग अभ्यास से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है, दर्द कम होता है और पाचन सुधरता है। थोड़ी सी नियमितता आपको दवाइयों पर निर्भर रहने से बचा सकती है।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
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