पाकिस्तान के कराची में फिर सिलेंडर ब्लास्ट: किशोर की मौत, झुलसे पांच
इस्लामाबाद, 22 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सिंध प्रांत का कराची रविवार को फिर दुखद हादसे की वजह से चर्चा में है। यहां एक बहुमंजिला इमारत के 10वें फ्लोर पर सिलेंडर फटने से 15 साल के किशोर की मौत हो गई और 5 अन्य झुलस गए। स्थानीय मीडिया ने पुलिस अधिकारियों और बचाव दल के हवाले से ये जानकारी दी।
जियो न्यूज ने रेस्क्यू टीम और पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया कि रविवार को कराची के हैदरी के पास नॉर्थ नजीमाबाद में एक रिहायशी इमारत में गैस सिलेंडर फट गया। आग की चपेट में आए 15-16 साल के किशोर की मौत हो गई। इस दुखद हादसे में एक महिला और एक बच्चे समेत पांच लोग झुलस गए।
रेस्क्यू अधिकारियों ने बताया कि मलबे से बुरहान नाम के लड़के का शव मिला। डिप्टी कमिश्नर सेंट्रल ताहा सलीम ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि इस घटना में पांच लोग झुलसे हैं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डॉन के अनुसार, रेस्क्यू-1122 प्रवक्ता हसनुल हसीब खान ने बताया कि धमाका ब्लॉक-ई में बिस्मिल्लाह रेजीडेंसी के ऊपरी माले पर सहरी के समय हुआ। धमाके की आवाज मीलों दूर तक सुनी गई।
उन्होंने कहा कि दो फ्लैट आग की चपेट में आए। प्रवक्ता के मुताबिक, आग पर काबू पा लिया गया और टीम ने कूलिंग ऑपरेशन पूरा किया। इस बीच, ईधी फाउंडेशन (पाकिस्तान स्थित एक गैर-लाभकारी सामाजिक कल्याण संगठन) के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि झुलसे हुए लोगों में 70 साल का शख्स और चार साल की बच्ची भी शामिल है। उन्हें कराची स्थित सिविल हॉस्पिटल के बर्न्स सेंटर ले जाया गया।
पुलिस सर्जन डॉ. सुम्मैया सैयद ने डॉन को बताया किएक शख्स 95 फीसदी जबकि दूसरा 81 फीसदी झुलसा है। चार साल की बच्ची 31 फीसदी झुलसी है।
कराची में हाल के हफ्तों में आग और धमाके की कई बड़ी घटनाएं हुई हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में सोल्जर बाजार नंबर 3 में एक तीन मंजिला इमारत में सिलेंडर धमाके धमाके में 16 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें चार बच्चे और छह औरतें शामिल थीं। वहीं, इमारत का एक हिस्सा गिरने से 14 अन्य घायल हो गए थे।
द न्यूज के बताए गए आंकड़ों के मुताबिक, अकेले जनवरी में कराची में आग लगने की 225 घटनाएं हुईं, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ, लोग झुलसे भी और कइयों की जान भी गई।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पाकिस्तान का मध्य पूर्व रुख बढ़ा रहा है क्षेत्रीय आतंकवाद का खतरा, सेना दे रही हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड का साथ
काबुल, 22 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान की सेना हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे कट्टर इस्लामी समूहों को अपनी गतिविधि जारी रखने के लिए समर्थन दे रही है। इसकी वजह से लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) जैसे स्थानीय आतंकी संगठनों को समर्थन मिल रहा है और वे गाजा और कश्मीर पर इस्लामिक देशों से सपोर्ट मांग रहे हैं।
रविवार को एक रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान का मध्य पूर्व की ओर रुख दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के पहले से ही अस्थिर क्षेत्रों में गलतफहमी, वैचारिक प्रभाव और प्रॉक्सी संघर्ष के खतरे को बढ़ा देता है।
पाकिस्तान लंबे समय से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसी अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों को समर्थन देता रहा है। भले ही अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान ने इन्हें प्रतिबंधित किया, लेकिन ये समूह अब भी सहयोगियों और सामने वाली संरचनाओं के जरिए सक्रिय हैं।
पाकिस्तान जब मध्य पूर्व में अपनी सुरक्षा उपस्थिति बढ़ाता है और साथ ही इस्लामी आतंकवादी समूहों को खुले समर्थन देता है, तो यह समस्या सिर्फ दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं रहती, बल्कि क्षेत्रीय बन जाती है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान के राजनीतिक और धार्मिक प्लेटफॉर्म हमास का समर्थन कर रहे हैं। जनवरी 2024 में पाकिस्तान की संसद ने हमास के प्रतिनिधि खालेद कद्दूमी का स्वागत किया और फरवरी 2025 में उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान हमास की मेजबानी कर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों को पश्चिमी देशों, इजराइल और भारत के खिलाफ एकजुट कर रहा है।
अमेरिका और यूरोपीय संघ समेत कई देशों ने हमास को आतंकवादी संगठन घोषित किया है। इसके इतर पाकिस्तान में उन्हें सम्मानित अतिथि के रूप में देखना दो खतरे पैदा करता है। पहला, पाकिस्तान का घरेलू इस्लामी नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के लिए आकर्षक बन सकता है। दूसरा, दुनिया में पाकिस्तान की छवि आतंक समर्थक राष्ट्र के रूप में और मजबूत होती है।
रिपोर्ट में कहा गया, “हमास और मुस्लिम ब्रदरहुड द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों को समर्थन देने को लेकर चिंता जताई गई है। पाकिस्तान में इन प्रतिबंधित इस्लामी संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद को व्यवस्थित और सक्रिय समर्थन प्रदान किया जा रहा है।
--आईएएनएस
केके/वीसी
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