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साइबर लिटरेसी- मैट्रिमोनियल प्लेटफार्म से हो रहा स्कैम:सरकार की एडवाइजरी, फेक प्रोफाइल के 14 संकेत, बचाव के लिए जरूरी 9 सावधानियां

अगर आप मैट्रिमोनियल और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर जीवनसाथी ढूंढ रहे हैं तो सावधान हो जाइए। हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल से मैट्रिमोनियल और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर बढ़ते साइबर स्कैम को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि साइबर ठग शादी और रिश्तों की तलाश कर रहे लोगों की भावनाओं को अपना हथियार बना रहे हैं। ये ठग फर्जी प्रोफाइल बनाकर खुद को पढ़ा-लिखा, सफल और अच्छी नौकरी वाला या विदेश में काम करने वाला व्यक्ति बताकर भरोसा जीतते हैं। ठग यूजर से इमोशनल रिश्ता बनाते हैं। फिर इमोशन का फायदा उठाकर निवेश करने के लिए या क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने के लिए उकसाते हैं। कई बार स्कैमर यूजर से न्यूड फोटो/वीडियो की डिमांड करते हैं। वीडियो कॉल पर न्यूड होने को कहते हैं, फिर स्क्रीन रिकॉर्डिंग करते हैं। बाद में ब्लैकमेल करके पैसे मांगते हैं। I4C ने लोगों को ऑनलाइन रिलेशनशिप में सतर्क रहने की हिदायत दी है। आज साइबर लिटरेसी कॉलम में हम मैट्रिमोनियल-डेटिंग प्लेटफार्म के जरिए होने वाले इस स्कैम के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- मैट्रिमोनियल-डेटिंग एप्स क्या हैं और ये कैसे काम करते हैं? जवाब- ये ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स हैं, जहां लोग शादी या रिश्ते के लिए पार्टनर की तलाश करते हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- मैट्रिमोनियल-डेटिंग प्लेटफार्म के जरिए स्कैम कैसे हो रहा है? जवाब- साइबर ठग मैट्रिमोनियल-डेटिंग प्लेटफार्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। धीरे-धीरे इमोशनल अटैचमेंट बनाते हैं और फिर निवेश के नाम पर उनसे ठगी करते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से इसे समझिए- सवाल- लोग इस स्कैम के झांसे में क्यों आ जाते हैं? जवाब- दरअसल पार्टनर की तलाश कर रहे लोग सामने वाले पर जल्द भरोसा कर लेते हैं। यही उनकी मुख्य कमजोरी है। इस स्कैम के झांसे में फंसने के कई कारण हो सकते हैं। जैसेकि- सवाल- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर स्कैम की पहचान कैसे कर सकते हैं? जवाब- कुछ आसान संकेताें से मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर स्कैम की पहचान की जा सकती है। जैसेकि- ये सभी संकेत बताते हैं कि सामने वाला व्यक्ति असली नहीं, बल्कि स्कैमर हो सकता है। सवाल- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर फेक प्रोफाइल की पहचान कैसे करें? जवाब- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर फेक प्रोफाइल की पहचान इन संकेतों से की जा सकती है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- इस स्कैम से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर खुद को ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से सुरक्षित रख सकते हैं। नीचे दिए गए ग्राफिक के जरिए इसे समझिए- सवाल- ऐसे स्कैम का शिकार होने पर तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- ऐसी स्थिति में पैनिक न हों। तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही जिस अकाउंट, प्रोफाइल या नंबर से ठगी हुई है, उसे तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें। अपने बैंक को तुरंत सूचना दें, ताकि किसी भी नुकसान को रोका जा सके। सवाल- ऑनलाइन डेटिंग में क्या सावधानियां बरतना जरूरी है? जवाब- ऑनलाइन डेटिंग एप यूज करते समय कुछ बुनियादी बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- ……………….. साइबर लिटरेसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- पेंशनर्स के साथ स्कैम: लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर फ्रॉड, बुजुर्गों को करें सावधान, ये 9 बातें हमेशा याद रखें हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल से ऐसी ही एक घटना का वीडियो शेयर किया है। इसमें पेंशनधारकों को लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर होने वाले स्कैम के बारे में सतर्क किया गया है। पूरी खबर पढ़िए…

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जरूरत की खबर- 7 तरीकों से फैलता फ्लू वायरस:आसपास किसी को सर्दी-जुकाम तो रहें दूर, ये 9 सावधानियां बचाएंगी फ्लू के संक्रमण से

फर्ज करिए, आप ऑफिस में हैं। आपके पास बैठे किसी साथी को लगातार छींक आ रही है। कुछ समय बाद आपको भी गले में खराश, सिरदर्द और बुखार महसूस होने लगता है। इसका कारण इन्फ्लुएंजा यानी फ्लू वायरस हो सकता है, जो हवा के जरिए तेजी से फैलता है। बंद और कम हवादार जगहों में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बंद कमरे में वायरस लंबे समय तक हवा में तैरते रहते हैं और सक्रिय बने रहते हैं। भारत में हर साल मौसम बदलने के दौरान फ्लू के मामले तेजी से बढ़ते हैं। आमतौर पर यह एक हल्का संक्रमण है। लेकिन लापरवाही बरतने पर गंभीर रूप भी ले सकता है। हालांकि सही जानकारी, समय पर इलाज और कुछ सावधानियां अपनाकर फ्लू से बचा जा सकता है। तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम फ्लू के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अंकित बंसल, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड इनफेक्शियस डिजीज, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- अगर हमारे आसपास कोई छींके या खांसे तो अगले दिन हमें भी सर्दी-जुकाम हो जाता है? ऐसा क्यों? जवाब- एक-दूसरे से संपर्क ही इसका मुख्य कारण है। इसे नीचे दिए पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- सर्दी-जुकाम-खांसी का वायरस हवा में कैसे ट्रैवल करता है? जवाब- जब कोई व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है, तो उसके मुंह और नाक से बहुत छोटी-छोटी बूंदें (ड्रॉपलेट्स) और सूक्ष्म कण (एरोसोल) हवा में निकलते हैं। इन वाटर ड्रॉपलेट्स में वायरस मौजूद होता है। हैवी ड्रॉपलेट्स कुछ ही सेकेंड में सतह पर गिर जाती हैं। लेकिन हल्के एरोसोल हवा में कुछ समय तक मौजूद रहते हैं। अगर दूसरा व्यक्ति उसी हवा में सांस लेता है तो वायरस रेस्पिरेटरी सिस्टम में पहुंचकर संक्रमण पैदा कर सकता है। यही वजह है कि भीड़भाड़ और बंद जगहों में संक्रमण तेजी से फैलता है। सवाल- क्या फ्लू वायरस इंफेक्टेड सतह को छूने से भी फ्लू हो सकता है? जवाब- हां, फ्लू वायरस कई घंटों तक दरवाजे के हैंडल, मोबाइल, टेबल या कीबोर्ड जैसी सतहों पर सक्रिय रह सकता है। संक्रमित सतह छूने के बाद बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह को छूते हैं, तो वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। सवाल- इसके अलावा और किन-किन तरीकों से फ्लू फैल सकता है? जवाब- फ्लू सिर्फ हवा या छूने से ही नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतों के जरिए भी फैल सकता है। अक्सर हम इन आदतों पर ध्यान नहीं देते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या किसी फ्लू इन्फेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में आने पर 100% फ्लू होता ही है? जवाब- नहीं, ऐसा जरूरी नहीं है। संक्रमण का जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि- मजबूत इम्यूनिटी और सावधानियां संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं। सवाल- क्या ऐसा भी हो सकता है कि किसी को फ्लू हो, लेकिन उसका कोई लक्षण न दिख रहा हो जैसेकि छींक, खांसी, नाक बहना आदि? जवाब- हां, ऐसा संभव है। कई बार व्यक्ति के शरीर में फ्लू वायरस मौजूद होता है, लेकिन कोई स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते हैं। इस दौरान वह स्वस्थ महसूस कर सकता है, फिर भी दूसरों में संक्रमण फैला सकता है। सवाल- फ्लू से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- फ्लू से बचाव के लिए रोजमर्रा की आदतों में थोड़े से बदलाव बहुत असरदार साबित हो सकते हैं। साफ-सफाई, पर्याप्त दूरी और मजबूत इम्यूनिटी से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या फ्लू का टीका लगवाना उपयोगी होता है? जवाब- हां, यह फ्लू होने के खतरे को कम करता है। अगर संक्रमण हो भी जाए तो बीमारी को गंभीर होने से रोकता है। सवाल- अगर किसी को फ्लू हो जाए तो क्या करना चाहिए? जवाब- फ्लू होने पर शरीर को आराम देना बेहद जरूरी है। सही देखभाल और समय पर सावधानी रखने से रिकवरी तेज होती है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- फ्लू आमतौर पर कितने दिनों में ठीक हो जाता है? जवाब- ज्यादातर मामलों में फ्लू के लक्षण 5-7 दिनों में कम हो सकते हैं। इसके बावजूद थकान और कमजोरी कई दिनों तक बनी रह सकती है। पूरी तरह रिकवरी में 10-15 दिन तक का समय लग सकता है। सवाल- अगर फ्लू का सही समय पर इलाज न किया जाए तो क्या समस्याएं हो सकती हैं? जवाब- इलाज में देरी होने पर फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। जैसेकि- सवाल- किस स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है? जवाब- कुछ स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। जैसेकि- ……………….. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- आपका मोटापा फैट है या वाटर वेट: जानें ये क्या होता है, शरीर पानी क्यों स्टोर करता है, डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे? पूरी खबर पढ़िए…

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भोपाल में रियोलिटिक थ्रोम्बेक्टामी की शुरुआत, अब बिना बड़ी सर्जरी 24×7 हटेंगे जानलेवा ब्लड क्लॉट

भोपाल से आई यह खबर सिर्फ एक नई मशीन की शुरुआत नहीं है, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों के लिए राहत की सांस है जो अचानक ब्लड क्लॉट जैसी खतरनाक स्थिति का सामना करते हैं। अब तक जब भी शरीर में जटिल खून का थक्का बनता था, तो इलाज में देरी, बड़ी सर्जरी या बाहर रेफर … Sun, 22 Feb 2026 07:45:08 GMT

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