South Africa के दो शहरों में दूषित पानी पीने से 500 से अधिक लोग बीमार
दक्षिण अफ्रीका के दो शहरों में 500 से अधिक लोग पेट में ऐंठन और दस्त जैसी समस्याएं पैदा करने वाली जठरांत्र संबंधी बीमारी से पीड़ित हुए हैं। अधिकारियों ने इसके लिए पानी की खराब गुणवत्ता को जिम्मेदार ठहराया है। इस सप्ताह अधिकारियों ने राजधानी प्रिटोरिया के पूर्व में स्थित समुदायों के लोगों को नल का पानी पीना बंद करने की चेतावनी जारी की।
यह चेतावनी 408 लोगों के बीमार पड़ने के बाद दी गई, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इन सभी का विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज किया गया। देश के अन्य शहरों की तरह, राजधानी प्रिटोरिया और उसके आसपास के इलाकों में भी लंबे समय से पानी की स्वच्छता को लेकर समस्याएं रही हैं।
यह मुद्दा अब भी राजनीतिक रूप से विवादास्पद बना हुआ है। शहर के अधिकारी बुधवार को आपातकालीन टैंकरों के जरिए निवासियों को पानी वितरित कर रहे थे, जबकि धर्मार्थ संगठन ‘गिफ्ट ऑफ द गिवर्स’ ने समुदाय के लोगों को बोतलबंद पानी उपलब्ध कराया। बीमार पड़ने वालों में ज्यादातर चार साल से कम उम्र के बच्चे थे।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, प्रिटोरिया के पूर्व में स्थित कई समुदायों को पानी की आपूर्ति करने वाले जल शोधन संयंत्र से दूषित पानी पीने के कारण लोग बीमार पड़े। अधिकारियों ने पुष्टि की कि संयंत्र में लगभग तीन सप्ताह से पानी में क्लोरीन नहीं मिलाया गया था, जिससे वह पीने के लिए असुरक्षित हो गया था। अधिकारियों ने कहा कि नगरपालिका को अपने नियमित आपूर्तिकर्ता से क्लोरीन प्राप्त करने में परेशानी हो रही थी।
उन्होंने बताया कि इस संयंत्र को ब्रोंखोर्स्टस्प्रूट नदी से पानी मिलता है, जो नदी के ऊपरी हिस्से में स्थित खराब तरीके से काम कर रहे अपशिष्ट जल शोधन संयंत्रों से निकलने वाले सीवेज के कारण बुरी तरह प्रदूषित है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि अधिकारियों ने पानी की खराब गुणवत्ता के बारे में निवासियों को सूचित नहीं किया था। प्रिटोरिया और त्श्वाने शहर की मेयर नासिफी मोया ने कहा कि जांच में पता चला है कि शहर के अधिकारी प्रभावित इलाकों के लोगों को यह चेतावनी देने में विफल रहे कि उन्हें आपूर्ति किया जा रहा पानी क्लोरीन रहित था।
इसलिए इस पानी को पीना या उबालने के बाद भी खाना पकाने, कपड़े धोने या नहाने के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। विभिन्न राजनीतिक दलों ने पानी के दूषित होने की घटना की जिम्मेदारी लेने के लिए मोया से इस्तीफा देने और अन्य अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की है। ईस्टर्न केप प्रांत के तटीय शहर ग्केबेरहा में रोड्स विश्वविद्यालय के कम से कम 111 छात्रों का पिछले कुछ दिनों में जठरांत्र संबंधी बीमारी के लिए इलाज किया गया है।
विश्वविद्यालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। विश्वविद्यालय और जल अधिकारियों ने बीमारी फैलने के कारणों की जांच शुरू कर दी थी, लेकिन उन्हें यह भी संदेह था कि इसका कारण पानी की खराब गुणवत्ता हो सकती है। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ओल्वेतु ग्वान्या ने बुधवार को कहा, “जिन छात्रों में बीमारी के गंभीर लक्षण दिखाई दिए, उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था और वे अब परिसर में लौट आए हैं।” कर्मचारियों और छात्रों से परिसर के अंदर और बाहर, दोनों जगह सतर्क रहने तथा पानी के सुरक्षित इस्तेमाल, भोजन को संभालने और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े नियमों का पालन करने की अपील की गई।
ग्वान्या ने कहा, “इन उपायों में पानी को उबालकर ठंडा करने के बाद पीना या बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करना, खाना तैयार करने और दांत साफ करने के लिए सुरक्षित पानी का उपयोग करना, बर्फ और बिना उपचारित पानी से धोए गए कच्चे खाद्य पदार्थों से परहेज करना तथा नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोना शामिल है।”
काले सूट पर दुपट्टा डाले ममदानी ने न्यूयॉर्क में भारतीयों के साथ खेला गरबा, इलिनोइस मंदिर हमले के प्रयास के बाद एकता का आह्वान
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने हिंदू समुदाय के लोगों के साथ नवरात्रि और दुर्गा पूजा के जश्न में शामिल होने के बाद, लोगों से नफरत के खिलाफ एकजुट होने और एक-दूसरे का ख्याल रखने की अपील की है। उनका यह बयान इलिनोइस के एक मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कथित साजिश को अधिकारियों द्वारा नाकाम किए जाने के कुछ दिनों बाद आया है। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में ममदानी को भारतीय समुदाय के लोगों के साथ गरबा करते हुए और न्यूयॉर्क सिटी के विभिन्न मंदिरों में प्रार्थनाओं तथा अन्य उत्सव संबंधी रीतियों में हिस्सा लेते हुए देखा जा सकता है। ममदानी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा इस हफ्ते, मुझे क्वींस में हिंदू न्यूयॉर्कवासियों के साथ नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दशईं और विजयादशमी मनाने का सौभाग्य मिला।
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उन्होंने कहा हमने गरबा किया, आरती की, सिंदूर खेला देखा और देवी दुर्गा का सम्मान किया। हमारे शहर के मंदिरों में खुशी, आस्था और समुदाय के साथ एक साथ आना सम्मान की बात थी। खासकर पिछले हफ्ते इलिनोइस के एक हिंदू मंदिर में हुई सामूहिक गोलीबारी की कोशिश के बाद। मेयर ने आगे कहा कि आइए, हम सब मिलकर नफरत के खिलाफ खड़े होने और एक-दूसरे का ख्याल रखने की अपनी साझा जिम्मेदारी निभाएं। जय माता की। ममदानी की ये टिप्पणियां अमेरिका में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती नफरत को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बीच आई हैं। साथ ही, यह बयान इलिनोइस के अरोरा इलाके में हिंदुओं के एक पूजा स्थल पर हमले की साजिश रचने के आरोप में 19 वर्षीय एक युवक की गिरफ्तारी के बाद आया है। 11 अक्टूबर को मंदिर पर कथित तौर पर हमला करने की कोशिश करने के बाद पैलेटाइन के एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने का आरोप लगाया गया है।
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अधिकारियों ने बताया कि मंदिर में संदिग्ध की राइफल जाम हो जाने के कारण हमला नाकाम हो गया, जिसके बाद उसे वापस घर लौटना पड़ा। अमेरिकी सांसदों, राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज संगठनों ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने देश में हिंदुओं और भारतीयों के खिलाफ बढ़ती नफरत को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है। इलिनोइस का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने बताया कि जब वह किशोर वहां पहुंचा, तो वे और उनका परिवार भी ऑरोरा मंदिर में ही मौजूद थे। माना जा रहा है कि वह वहां बड़ी गोलीबारी (मास शूटिंग) करने के इरादे से आया था।
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