थलपति विजय का दांव पड़ा उल्टा? कैसे स्टालिन की गिरफ्तारी से DMK को मिली संजीवनी
एक्ट्रेस तृषा पर अभद्र टिप्पणी के मामले में उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी को लेकर डीएमके प्रमुख एम के स्टालिन पर हमलावर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई कावेरी मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए की गई।
Panchmukhi Hanuman Story: पांच मुखों वाला हनुमान स्वरूप क्यों है इतना शक्तिशाली? पढ़ें पौराणिक कथा
रामायण से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लंका युद्ध के दौरान रावण ने अपने मायावी भाई अहिरावण को सहायता के लिए बुलाया। अहिरावण पाताल लोक का शक्तिशाली राजा और तंत्र-मंत्र का ज्ञाता माना जाता था। उसने अपनी मायावी शक्तियों से वानर सेना को गहरी नींद में सुलाकर भगवान श्रीराम और लक्ष्मण का अपहरण कर उन्हें पाताल लोक ले गया।
कहा जाता है कि अहिरावण भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की बलि देकर अपनी तांत्रिक शक्तियों को बढ़ाना चाहता था। जब यह समाचार हनुमान जी को मिला, तो उन्होंने तुरंत पाताल लोक जाकर अपने आराध्य प्रभु को मुक्त कराने का संकल्प लिया।
अहिरावण का वध कैसे हुआ?
धार्मिक कथाओं के अनुसार, पाताल लोक पहुंचने पर हनुमान जी को पता चला कि अहिरावण को तभी पराजित किया जा सकता है, जब पांच अलग-अलग दिशाओं में जल रहे पांच दीपकों को एक ही समय में बुझाया जाए। यदि एक भी दीपक जलता रह जाता, तो अहिरावण दोबारा जीवित हो जाता।
ऐसी स्थिति में हनुमान जी ने अपना पंचमुखी स्वरूप धारण किया। इस दिव्य रूप में उनके पांच मुख अलग-अलग दिशाओं की ओर थे। उन्होंने एक साथ पांचों दीपकों को बुझाया और उसी क्षण अहिरावण का वध कर दिया। इसके बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को सुरक्षित पाताल लोक से वापस लेकर आए। यह कथा मुख्य रूप से कुछ पौराणिक ग्रंथों, लोक परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं में वर्णित है।
पंचमुखी हनुमान के पांच मुखों का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचमुखी हनुमान के पांचों मुख अलग-अलग दिव्य शक्तियों का प्रतीक माने जाते हैं—
हनुमान मुख (पूर्व दिशा)
यह मुख साहस, पराक्रम, आत्मबल और शत्रुओं पर विजय का प्रतीक माना जाता है।
नरसिंह मुख (दक्षिण दिशा)
यह स्वरूप भय, नकारात्मक शक्तियों और विपत्तियों से रक्षा का प्रतीक माना जाता है।
गरुड़ मुख (पश्चिम दिशा)
गरुड़ मुख को सर्प दोष, विष संबंधी कष्टों और नकारात्मक प्रभावों से रक्षा करने वाला माना जाता है।
वराह मुख (उत्तर दिशा)
यह मुख स्थिरता, समृद्धि और जीवन की बाधाओं को दूर करने का प्रतीक माना जाता है।
हयग्रीव मुख (ऊर्ध्व दिशा)
हयग्रीव मुख ज्ञान, बुद्धि, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है।
पंचमुखी हनुमान की पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचमुखी हनुमान की पूजा करने से भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा की कामना की जाती है। भक्त मानते हैं कि उनकी आराधना से साहस, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है। विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को पंचमुखी हनुमान की पूजा शुभ मानी जाती है।
नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। विभिन्न ग्रंथों और परंपराओं में इस कथा के विवरण में कुछ भिन्नताएं मिल सकती हैं।
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