राष्ट्रीय एकता दिवस के लिए भोपाल से निकली पुलिस बाइक रैली, डीजीपी कैलाश मकवाना ने दिखाई हरी झंडी
सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के लिए मध्यप्रदेश से राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली निकाली जा रही है। इस रैली का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के साथ ‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ अभियान के तहत नशे के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाना है।
मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने आज भोपाल के लाल परेड ग्राउंड से रैली को फ्लैग ऑफ किया। इस रैली में मध्यप्रदेश पुलिस के सात सदस्यीय बाइक राइडर्स दल के साथ अन्य राज्यों के 139 पुलिस राइडर्स भी शामिल है। इस तरह कुल 146 पुलिस राइडर्स भोपाल से गुजरात के एकता नगर के लिए रवाना हुए हैं।
नशे के विरुद्ध जागरूकता का संदेश लेकर निकले पुलिस राइडर्स
इस मोटरसाइकिल रैली को ‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ अभियान से जोड़कर नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया गया है। रैली के जरिए लोगों को नशे से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान के प्रति जागरूक करने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस पहल के माध्यम से देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव का संदेश भी प्रसारित किया जाएगा।
रैली में शामिल पुलिस राइडर्स विभिन्न निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए लोगों तक यह संदेश पहुंचाएंगे। यात्रा के दौरान स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने की भी योजना है, ताकि अभियान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
सुरक्षा और जनजागरूकता पर रहेगा जोर
इस रैली के दौरान पुलिस राइडर्स की सुरक्षित यात्रा, रात्रि विश्राम, स्वागत और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित जिलों को दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। मार्ग में स्थानीय पुलिस द्वारा सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ जनसंपर्क और जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
14 राज्यों की टीमें शामिल
31 अक्टूबर को एकता नगर में रैली का समापन होगा। यहां सभी राज्यों के पुलिस राइडर्स राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में शामिल होंगे। रैली के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और नशामुक्ति का संदेश देशभर में पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इस राष्ट्रव्यापी रैली में बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, असम और सिक्किम की पुलिस टीमें हिस्सा ले रही हैं। सभी टीमें निर्धारित मार्गों से होते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेंगी।
भारत-ब्रिटेन व्यापार: द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए टीपीसीआई और यूकेआईबीसी ने किया समझौता
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के लागू होने के बाद द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई) और यूके-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूकेआईबीसी) ने दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और कारोबारी सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
टीपीसीआई के एक बयान के मुताबिक, यह समझौता संस्थागत स्तर पर व्यापारिक सहयोग का नया ढांचा तैयार करेगा। इसके तहत दोनों देशों की कंपनियों को जोड़ने, व्यापार मिशनों को बढ़ावा देने, बाजार संबंधी जानकारी साझा करने और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) के लिए नए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समझौते के साथ ही लंदन में टीपीसीआई द्वारा एक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) मैचमेकिंग कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें भारत की 48 निर्यातक कंपनियों और ब्रिटेन के 150 आयातकों ने भाग लिया।
खाद्य एवं पेय पदार्थ क्षेत्र को नए व्यापार ढांचे के तहत सबसे अधिक संभावनाओं वाले क्षेत्रों में माना जा रहा है। ब्रिटेन हर साल लगभग 50.68 अरब डॉलर मूल्य के प्रोसेस्ड फूड का आयात करता है, जबकि इसमें भारत की हिस्सेदारी केवल 0.6 प्रतिशत यानी 30.95 करोड़ डॉलर है। ऐसे में भारतीय निर्यातकों के लिए विस्तार की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।
सीईटीए के तहत प्रोसेस्ड फूड पर ब्रिटेन द्वारा लगाए जाने वाले 70 प्रतिशत तक के शुल्क, झींगा (श्रिम्प) पर 4.2 से 8.5 प्रतिशत तक के शुल्क और इंस्टेंट कॉफी पर लगने वाली ड्यूटी समाप्त कर दी गई है, जिससे भारतीय निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा।
टीपीसीआई के अध्यक्ष मोहित सिंघला ने कहा कि यह समझौता भारत-यूके व्यापारिक संबंधों को नीति स्तर से आगे बढ़ाकर वास्तविक साझेदारी में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा, भारत-यूके सीईटीए लागू होने के बाद टीपीसीआई और यूकेआईबीसी द्विपक्षीय व्यापार विकास को नई गति देने के लिए सक्रिय रूप से काम करेंगे, ताकि मुक्त व्यापार समझौते से मिलने वाले अवसर जमीन पर दिखाई दें।
सिंघला ने कहा कि अब भारतीय उत्पादों की 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों को ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त पहुंच मिल रही है। प्रोसेस्ड फूड पर 70 प्रतिशत तक के शुल्क समाप्त होने से भारतीय खाद्य निर्यातकों के लिए परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है।
इस दौरान टीपीसीआई प्रतिनिधिमंडल ने ब्रिटेन के डिपार्टमेंट फॉर बिजनेस, इनोवेशन, साइंस एंड ट्रेड (बीआईएसटी), लंदन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एलसीसीआई) और स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन के अधिकारियों से भी मुलाकात की।
टीपीसीआई के अनुसार, दोनों पक्षों ने व्यापार सहयोग को बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए कारोबारी समर्थन तंत्र को मजबूत करने पर चर्चा की।
भारत और ब्रिटेन के बीच वित्त वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 48 अरब पाउंड (करीब 65 अरब डॉलर) तक पहुंच चुका है।
उद्योग जगत का मानना है कि सीईटीए के लागू होने के बाद भारतीय खाद्य निर्यातक 18.6 लाख भारतीय मूल के लोगों के पारंपरिक बाजार से आगे बढ़कर ब्रिटेन के खुदरा और खाद्य सेवा क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। इससे भारतीय निर्यात, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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