एआई के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक होगा भारत: ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन
नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट में तकनीक जगत के दिग्गजों ने शिरकत की। इन दिग्गजों में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन, मेटा के चीफ एआई अधिकारी अलेक्जेंडर वांग और माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ जैसे कुछ अहम नाम शामिल हैं।
माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने एआई समिट को लेकर कहा, “दुनिया भारत में इसलिए आई है ताकि हम मिलकर सोच सकें कि एआई को दुनिया के ज्यादा हिस्सों, खासकर ग्लोबल साउथ तक एआई को पहुंचाने के लिए क्या कर सकते हैं।”
मेटा के चीफ एआई अधिकारी अलेक्जेंडर वांग ने कहा, भारत मेटा के एआई भविष्य का अहम हिस्सा है। भारत मेटा के लिए सबसे जरूरी देशों में से एक है। यह उन कुछ देशों में से एक है, जहां हम पर्सनल सुपरइंटेलिजेंस को बहुत तेजी से बढ़ा सकते हैं।
ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा, भारत में सारे गुण हैं। भारत में हो रहा काम और एआई को अपनाना दुनिया में सबसे आगे है। यह दुनिया में एआई के लिए सबसे बड़े मार्केट में से एक होगा और मुझे लगता है कि भारत का इस पर बहुत ज्यादा असर होगा।
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा, गूगल भारत के लिए प्रतिबद्ध है और हम साथ मिलकर जो भविष्य बना रहे हैं, उसे लेकर मैं पहले कभी इतना उत्साहित नहीं था।
इससे पहले एआई समिट के दौरान सुंदर पिचाई ने अपने संबोधन में कहा, मैंने एआई के साथ इस खास पल पर कुछ विचार शेयर किए। मैंने कहा कि हम बहुत ज्यादा तरक्की और नई खोजों के दौर की शुरुआत में हैं, लेकिन सबसे अच्छे नतीजों की गारंटी नहीं है। हमें यह पक्का करने के लिए मिलकर काम करना होगा कि एआई के फायदे हर किसी को और हर जगह मिलें। अमेरिका-भारत साझेदारी का एक अहम रोल है। गूगल को उनके बीच एक कनेक्शन पॉइंट के तौर पर काम करने पर गर्व है।
सुंदर पिचाई ने आगे कहा, दोनों देशों में हमारी टीमें हैं जो हमारे सबसे जरूरी कामों पर बिना किसी रुकावट के साथ काम कर रही हैं। भारत में शुरू होने वाले इनोवेशन, जैसे गूगल पे, दुनिया भर के लोगों के लिए प्रोडक्ट्स को बेहतर बना रहे हैं। मेरा मानना है कि भारत एआई के साथ एक असाधारण रास्ता तय करने वाला है और हम प्रोडक्ट्स, स्किलिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित फुल-स्टैक कमिटमेंट के साथ समर्थन कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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अमेरिकी टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आया भारत का पहला रिएक्शन, कहा- ‘निर्णय और उसके असर का कर रहे हैं गहन अध्ययन’
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (20 फरवरी) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी आयात शुल्क (टैरिफ) को गैरकानूनी करार दिया है. इस फैसले के बाद भारत सरकार ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है. भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसके संभावित प्रभावों का बारीकी से अध्ययन कर रहा है. मंत्रालय के अनुसार, अदालत के आदेश और अमेरिकी प्रशासन की आगे की नीतियों को समझने के बाद ही कोई ठोस रुख अपनाया जाएगा. इससे साफ है कि भारत इस मामले में जल्दबाजी में प्रतिक्रिया नहीं देना चाहता.
पीयूष गोयल ने क्या कहा?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने अमेरिकी अदालत के फैसले पर ध्यान दिया है. उन्होंने बताया कि अमेरिका में इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हुई है और कुछ प्रशासनिक निर्णय लिए गए हैं. भारत इन सभी पहलुओं का अध्ययन कर रहा है.
क्या बोले प्रह्लाद जोशी?
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी कहा कि इस मामले को वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर देख रहे हैं. विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इस पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ही कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी जाएगी.
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