लैब से निकल हर गांव तक पहुंचेगा AI: IndiaAI Mission की कमान संभाल रहे देवघर के IAS ने बताया अपना विजन
IAS Nand Kumaram: देवघर के रहने वाले 2008 बैच के आईएएस अधिकारी नंद कुमारम आज भारत के 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन' का नेतृत्व कर रहे हैं. NeGD के सीईओ के रूप में वे ₹10,371 करोड़ के IndiaAI मिशन के जरिये तकनीक को आम आदमी के जीवन से जोड़ रहे हैं. आईआईटी धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग और यूपीएससी में 8वीं रैंक हासिल करने वाले नंद कुमारम का लक्ष्य डिजिटल डिवाइड को खत्म कर सरकारी सेवाओं को हर नागरिक के मोबाइल तक पहुंचाना है.
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Love Jihad रोकने के लिए गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, शादी के नियमों में किया बड़ा बदलाव
'लव जिहाद' वाली शादियों पर रोक की तैयारी गुजरात से शुरू हो गई है. गुजरात सरकार 'विवाह पंजीकरण अधिनियम' में संशोधन करने जा रही है, जिसके बाद अपनी पहचान छिपाकर या माता-पिता को अंधेरे में रखकर प्रेम विवाह करना आसान नहीं रह जाएगा.
राज्य विधानसभा में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि मौजूदा प्रविधानों का दुरुपयोग हो रहा है और नई व्यवस्था से प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी व सुरक्षित बनाया जाएगा.
संघवी ने सदन में कहा कि कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में खामियों को दूर करने की मांग की थी. उन्होंने 'लव जिहाद' का उल्लेख करते हुए इसे “सांस्कृतिक आक्रमण'' करार दिया और कहा कि सरकार इस मुद्दे को नजरअंदाज नहीं कर सकती.
विवाह पंजीकरण के लिए नया ऑनलाइन पोर्टल मंत्री कार्यालय द्वारा साझा मसौदे के अनुसार प्रत्येक विवाह पंजीकरण आवेदन सहायक पंजीयक (असिस्टेंट रजिस्ट्रार) के समक्ष प्रस्तुत करना होगा. आवेदन के साथ यह घोषणा-पत्र देना होगा कि वर-वधू ने अपने माता-पिता को विवाह की सूचना दी है या नहीं.
दूल्हा-दुल्हन को अपने माता-पिता के नाम, पते, आधार संख्या और संपर्क विवरण आवेदन में देने होंगे. सहायक पंजीयक की संतुष्टि के बाद 10 कार्यदिवस के भीतर माता-पिता को सूचना भेजी जाएगी.
आवेदन संबंधित जिला या तालुका पंजीयक को अग्रेषित किया जाएगा और सभी शर्तें पूरी होने की पुष्टि के 30 दिन बाद विवाह पंजीकृत होगा. पूरी प्रक्रिया के विवरण को सरकार द्वारा विकसित किए जाने वाले आनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा.
सरकार ने प्रस्तावित संशोधनों पर 30 दिनों तक जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं. ये सुझाव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की वेबसाइट पर दर्ज किए जा सकेंगे. प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर अंतिम नियम अधिसूचित किए जाएंगे.
राजनीतिक समर्थन और विरोधआम आदमी पार्टी के विधायक हेमंत आहिर, जिन्होंने इस विषय पर निजी विधेयक पेश किया था, तथा भाजपा विधायक लविंगजी ठाकोर ने सदन में उपमुख्यमंत्री को बधाई दी और कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सुधार समय की मांग है. उनका आरोप है कि असामाजिक तत्व प्रक्रियागत खामियों का लाभ उठाकर “मासूम लड़कियों'' को फंसाते हैं.
हालांकि, विधि विशेषज्ञों का कहना है कि विवाह पंजीकरण एक प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता तथा वयस्कों के विवाह के अधिकार से संतुलित करना होगा. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में वयस्कों को अपनी पसंद से विवाह करने को मौलिक अधिकार का हिस्सा माना है. ऐसे में संशोधित नियमों की वैधानिकता और गोपनीयता संबंधी पहलुओं पर भी बहस हो सकती है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सामाजिक सरोकार और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ आगामी चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है. फिलहाल, सबकी निगाहें इस पर हैं कि सार्वजनिक परामर्श के बाद सरकार अंतिम नियमों में क्या बदलाव करती है.
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