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हिंसक प्रदर्शनों के दौरान चेहरा छिपाने पर पूरी तरह पाबंदी, क्या है एंटी-रायट कानून? पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने उठाया ये सख्त कदम...

Italy Anti Riot Law: इटली के प्रमुख शहर मिलान में बीते दिनों हुए जमकर बवाल और हिंसा के बाद पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने बड़ा कदम उठाया है. दरअसल, हिंसक प्रदर्शनों के दौरान उपद्रवियों के सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाने और दुकानों में तोड़फोड़ करने पर सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और इस पर सख्त कानून बनाया है. 

मेलोनी सरकार ने क्या कदम उठाया है?

इटली के समाचार पत्रों के मुताबिक मिलान में हुए उग्र प्रदर्शनों के तुरंत बाद प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने सख्त रुख अपनाया. पीएम ने देश में कानून और सुरक्षा व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए 'एंटी-रायट ऑर्डिनेंस/कानून' पास किया है. बता दें इस नए कानून से इटली की सरकार का साफ संदेश है कि विरोध-प्रदर्शन के नाम पर हिंसा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. आइए आपको इस कानून के बारे में डिटेल में बताते हैं.

नए एंटी-रायट कानून की 4 बड़ी बातें...

1. प्रदर्शनों में पुलिस पर हमला करने पर क्या होगी सजा?

जानकारी के मुताबिक नए नियमों के तहत पुलिस, सुरक्षाबलों या आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ अब बिना किसी ढील के गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई होगी. इस तरह के अपराधों के लिए जेल की सजा की अवधि को काफी बढ़ा दिया गया है. इसके पीछे मकसद है कि जेल जाने और सजा के डर से लोग देश की कानून व्यवस्था हाथ में लेने से बचेंगे.

2. तोड़फोड़ और संपत्ति के नुकसान की भरपाई कैसे होगी?

नए नियमों में ऐसा प्रावधान है कि दंगों के दौरान बसों, सरकारी गाड़ियों, दुकानों या सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इतना ही नहीं, नुकसान की पूरी भरपाई भी उपद्रवियों और हिंसा भड़काने वाले आयोजकों की संपत्ति से ही वसूल की जाएगी.

3. क्या चेहरा छिपाकर प्रदर्शन करने पर रोक लगाई गई है?

नए कानून में यह स्पष्ट किया गया है कि हिंसक प्रदर्शनों या रैलियों के दौरान मास्क, हेलमेट या किसी भी अन्य तरीके से चेहरा छिपाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी. ऐसा करते पाए जाने पर व्यक्ति को तुरंत हिरासत में लिया जा सकेगा.

4. बार-बार उपद्रव करने वालों पर क्या असर पड़ेगा?

जो लोग पहले भी हिंसक प्रदर्शनों या दंगे भड़काने में शामिल रहे हैं, उन्हें संवेदनशील इलाकों में जाने और किसी भी तरह के सार्वजनिक जगह पर एकत्रित होने पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. 

क्या शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने की आजादी होगी प्रभावित? 

मेलोनी सरकार का कहना है कि यह कानून आम नागरिकों की सुरक्षा, आर्थिक नुकसान को रोकने और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सुरक्षा देने के लिए बेहद जरूरी था. जबकि विपक्ष और मानवाधिकार समूहों ने इसका विरोध किया है. उनका मानना है कि इतने सख्त नियमों से नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार और शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराने की आजादी प्रभावित हो सकती है. मिलान की घटना के बाद लागू किया गया यह कानून अब पूरे देश में सख्त निगरानी के साथ लागू किया जा रहा है. मेलोनी सरकार के इस कदम से यूरोप के अन्य देशों में भी प्रदर्शनों से निपटने के तरीकों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है.

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आसिम मुनीर के हाथों में है पाकिस्तान की कमान! दावे पर पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने लगाई मुहर

पाकिस्तान को लेकर हमेशा कहा जाता है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री एक कठपुतली की तरह काम करता है. देश का पूरा कंट्रोल पाकिस्तानी आर्मी चीफ के हाथों में है. अब इस बात पर खुद पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मुहर लगा दी है कि पाकिस्तान की कमान पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर के हाथों में ही है.

विदेशों में पलायन कर रहे पाक के नौकरशाह

दरअसल, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नौकरशाहों के बड़े पैमाने पर पलायन को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने इस बारे में एक्स पर लिखा- पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान के कई नौकरशाहों ने कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों को अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है. इन नौकरशाहों ने पाकिस्तान सरकार में काम करने के दौरान ही, एक सोची-समझी योजना के तहत, विदेश जाने की तैयारी कर ली थी. इससे अपने देश और अपनी नौकरी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े होते हैं.

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्री आसिफ ने बताया कि हाल के वर्षों में पुर्तगाल, नौकरशाहों के पलायन के लिए एक पसंदीदा जगह बनकर उभरा है. उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के नाम विदेशों में शिफ्ट होने के सामने आए हैं, वह देश के अहम पदों पर काम कर रहे हैं, जो अलग-अलग सरकारों के काफी करीबी रहे हैं. ख्वाजा आसिफ ने बिना किसी का नाम लिए और बिना सबूत के यह भी दावा किया कि नौकरशाहों को विदेश में PR दिलवाने वाला एक बिचौलिया मोटी रकम लेकर देश से फरार हो गया है.

उन्होंने इन अधिकारियों की ईमानदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या राजनीतिक संरक्षण में वैध और अवैध रूप से संपत्ति कमाने वाले इन लोगों की निष्ठा देश के प्रति निष्कलंक रही है? आसिफ ने तंज कसते हुए पूछा, "क्या यह सब संदेह से परे है या वे सिर्फ यहाँ कुछ समय बिताने आए हैं?" उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या ये नौकरशाह विदेश भागने से पहले पाकिस्तान को सिर्फ एक अस्थायी ठिकाना समझते हैं?

आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक ग्रुप के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का अध्यक्ष नियुक्त हुआ पाकिस्तान

आर्थिक संकटों से जूझते पाकिस्तान की लॉटरी लग गई है. IMF से बार-बार कर्जा और आर्थिक मदद मांगने वाले पाकिस्तान को अब IMF और WBG की अध्यक्षता मिलने जा रही है.  साल 2027 में पाकिस्तान आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक ग्रुप के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. 1953 के बाद पहली बार पाकिस्तान यह जिम्मेदारी संभालेगा. हालांकि, यह नियुक्ति ऐसे वक्त में हो रही है, जब पाकिस्तान IMF के एक बड़े बेलआउट पैकेज प्रोगाम पर निर्भर है.

अध्यक्ष बनना और कर्जदाता बनना अलग-अलग बातें

IMF और विश्व बैंक के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स इन संस्थानों के सर्वोच्च निकाय हैं, लेकिन रोजमर्रा के कामकाज और कर्ज कार्यक्रमों से जुड़े फैसलों में कार्यकारी बोर्डों की अहम भूमिका होती है. पाकिस्तान की अध्यक्षता उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक महत्वपूर्ण संस्थागत भूमिका देगी, मगर इससे उसके मौजूदा कर्ज की शर्तें अपने आप नहीं बदलेंगी.

इस घटनाक्रम का सबसे अहम पहलू यही है कि IMF से वित्तीय सहायता लेने वाला पाकिस्तान अब उसी संस्था के बोर्ड की अध्यक्षता करेगा. यह उसके लिए कूटनीतिक उपलब्धि है, लेकिन देश की आर्थिक चुनौतियों का समाधान अब भी वित्तीय सुधारों, निवेश और स्थिर आर्थिक नीतियों पर निर्भर करेगा.

 

 

 

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युवराज के बाद सौरव गांगुली की टीम में एक और एंट्री, दिल्ली कैपिटल्स ने देसी लेग स्पिनर को बनाया बॉलिंग कोच

amit mishra dc bowling coach: लेग स्पिनर अमित मिश्रा दिल्ली कैपिटल्स के स्पिन गेंदबाजी कोच बनाए गए हैं. फ्रेंचाइजी ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की. हाल ही में दिल्ली ने सौरव गांगुली को अपना हेड कोच नियुक्त किया था. इसके बाद टीम ने युवराज सिंह को असिस्टेंट कोच नियुक्त किया. अमित ने अपने आईपीएल करियर में सबसे ज्यादा सीजन दिल्ली के लिए ही खेले. Wed, 21 Oct 2026 16:23:39 +0530

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