Lauki Thepla: डिनर में बनाकर सर्व करें लौकी थेपला, टेस्टी और हेल्दी फूड सब करेंगे पसंद
Lauki Thepla: अगर घर में लौकी रखी हो और बच्चे उसे देखकर नाक-भौं सिकोड़ते हों, तो अब चिंता छोड़ दीजिए। वही साधारण लौकी जब थेपले के रूप में तवे पर सिककर प्लेट में आती है, तो हर कोई चटकारे लेकर खाता है। लौकी थेपला स्वाद और सेहत का ऐसा मेल है, जो नाश्ते से लेकर टिफिन तक हर जगह फिट बैठता है।
गुजराती स्टाइल थेपला वैसे तो मेथी से बनाया जाता है, लेकिन लौकी मिलाने से यह और ज्यादा नरम, पौष्टिक और लंबे समय तक ताजा रहने वाला बन जाता है। फाइबर और विटामिन से भरपूर यह रेसिपी उन लोगों के लिए भी बढ़िया है, जो हल्का लेकिन हेल्दी खाना पसंद करते हैं। आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका।
लौकी थेपला बनाने के लिए सामग्री
- 1 कप कद्दूकस की हुई लौकी (पानी निचोड़ा हुआ)
- 2 कप गेहूं का आटा
- 2 बड़े चम्मच बेसन
- 1 छोटा चम्मच अदरक-हरी मिर्च पेस्ट
- आधा छोटा चम्मच हल्दी
- 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
- आधा छोटा चम्मच अजवाइन
- स्वादानुसार नमक
- 1 बड़ा चम्मच दही
- 1 बड़ा चम्मच तेल (मोयन के लिए)
- सेंकने के लिए घी या तेल
लौकी थेपला बनाने का तरीका
लौकी थेपला स्वाद और पोषण से भरपूर डिश है। इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले एक बड़े बाउल में गेहूं का आटा और बेसन डालें। इसमें हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अजवाइन और नमक मिलाएं। अब कद्दूकस की हुई लौकी और दही डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।
लौकी में मौजूद नमी के कारण पानी कम ही लगेगा। जरूरत हो तो थोड़ा-सा पानी डालकर सॉफ्ट आटा गूंध लें। अंत में एक चम्मच तेल डालकर आटे को चिकना करें और 10-15 मिनट ढककर रख दें।
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अब आटे की मध्यम आकार की लोइयां बना लें। सूखे आटे की मदद से इन्हें रोटी की तरह गोल और पतला बेलें। ध्यान रखें कि थेपला बहुत मोटा न हो, वरना ठीक से सिकेगा नहीं।
मीडियम आंच पर तवा गरम करें। बेला हुआ थेपला तवे पर डालें और दोनों तरफ हल्का-सा तेल या घी लगाकर सुनहरा होने तक सेंकें। जब दोनों ओर हल्के भूरे दाग दिखने लगें, तो थेपला तैयार है।
लौकी थेपला को दही, अचार या हरी चटनी के साथ परोसें। चाहें तो रोल बनाकर बच्चों के टिफिन में भी रख सकते हैं। यह लंबे समय तक नरम रहता है और स्वाद में भी लाजवाब होता है।
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(लेखक:कीर्ति)
T20 WC Seeding: सुपर-8 में क्यों भारत की सारे टेबल टॉपर्स से होगी टक्कर, क्यों प्री सीडिंग पर उठ रहे सवाल, समझें पूरा गणित
T20 World cup super 8 seeding: टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच गया। टूर्नामेंट का सुपर-8 स्टेज 21 फरवरी से शुरू होने जा रहा लेकिन इस बार मैचों से पहले ही नया विवाद खड़ा हो गया। वजह है टूर्नामेंट का 'प्री-सीडिंग' फॉर्मेट, जिस पर फैंस सवाल उठा रहे। दरअसल इस बार सुपर-8 के लिए 8 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया। एक ग्रुप में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे, भारत और वेस्टइंडीज हैं जबकि दूसरे ग्रुप में इंग्लैंड, श्रीलंका, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि पहले राउंड में अपनी-अपनी ग्रुप टेबल में टॉप रहने वाली चारों टीमें एक ही ग्रुप में आ गई हैं। यही बात फैंस को खटक रही है।
टूर्नामेंट के सह-मेजबान भारत और श्रीलंका हैं इसलिए आईसीसी ने पहले से टीमों की संभावित जगह तय कर दी थी। इसे ही प्री-सीडिंग कहा जा रहा। आईसीसी का कहना है कि इससे टिकट, ब्रॉडकास्ट, यात्रा और लॉजिस्टिक्स प्लान करना आसान होता है। हालांकि फैंस इस तर्क से खुश नहीं हैं।
भारत के साथ कौन-कौन?
सुपर 8 के ग्रुप-1 में भारत के साथ वेस्टइंडीज , साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे शामिल हैं। ये तीनों ही टीमें अपने-अपने ग्रुप में न सिर्फ टॉपर रहीं, बल्कि ग्रुप स्टेज में एक भी मैच नहीं हारीं थीं। इसी वजह से भारत को अपने सारे मुकाबले ग्रुप स्टेज में शीर्ष पर रहने वाली टीमों से खेलने हैं।
दूसरे ग्रुप में कौन पहुंचा?
दूसरी ओर ग्रुप-2 में पाकिस्तान, श्रीलंका, इंग्लैंड, और न्यूजीलैंड को जगह मिली है, जो अपने-अपने ग्रुप में दूसरे पायदान पर रहीं थीं। यानी कागज पर एक बैलेंस साधने की कोशिश की गई लेकिन नतीजा उल्टा आया।
भारत का सुपर 8 शेड्यूल
22 फरवरी बनाम साउथ अफ्रीका
26 फरवरी बनाम जिम्बाब्वे
1 मार्च बनाम वेस्ट इंडीज
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई लोगों ने इसे खेल की निष्पक्षता के खिलाफ बताया। एक यूजर ने लिखा कि लॉजिस्टिक्स को खेल से ऊपर रखना गलत है। चारों ग्रुप विनर एक ही ग्रुप में डाल देना अजीब है। वहीं एक अन्य फैन ने इसे 'जोक' बताते हुए कहा कि जब सभी टेबल टॉपर एक ही ग्रुप में हैं तो ग्रुप स्टेज में पहले या दूसरे नंबर पर आने का मतलब क्या रह जाता है।
कुछ फैंस का मानना है कि इस सिस्टम से कई मैचों की अहमियत कम हो जाती है। एक पोस्ट में लिखा गया कि इससे ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले 'डेड रबर' जैसे हो जाते हैं। वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बड़े मुकाबले कराने और ज्यादा कमाई के लिए ऐसा फॉर्मेट बनाया गया है।
विवाद के बीच अब नजरें सुपर-8 के मैचों पर हैं। इस चरण का पहला मुकाबला 21 फरवरी को कोलंबो में न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा। इसके बाद 22 फरवरी को इंग्लैंड बनाम श्रीलंका पल्लेकल में होगा, जबकि उसी दिन अहमदाबाद में भारत का मुकाबला साउथ अफ्रीका से होगा।
23 फरवरी को मुंबई में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज आमने-सामने होंगे। 24 फरवरी को पल्लेकल में इंग्लैंड और पाकिस्तान भिड़ेंगे, जबकि 25 फरवरी को न्यूजीलैंड और श्रीलंका का मैच होगा। 26 फरवरी को अहमदाबाद में वेस्टइंडीज बनाम साउथ अफ्रीका और चेन्नई में भारत बनाम जिम्बाब्वे खेला जाएगा।
इसके बाद 27 फरवरी को इंग्लैंड और न्यूजीलैंड कोलंबो में भिड़ेंगे। 28 फरवरी को पाकिस्तान और श्रीलंका का मुकाबला पल्लेकेले में होगा। सुपर-8 का आखिरी दिन 1 मार्च रहेगा, जब कोलकाता में भारत और वेस्टइंडीज आमने-सामने होंगे, जबकि दिल्ली में जिम्बाब्वे का सामना साउथ अफ्रीका से होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि मैदान पर क्रिकेट ज्यादा चर्चा में रहता है या प्री-सीडिंग का विवाद।
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