MP News : सीएम डॉ मोहन यादव की घोषणा, प्रदेश में खुलेंगे 400 नये सांदीपनी विद्यालय, अनुकंपा नियुक्ति पत्र सौंपे
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अनुकंपा नियुक्ति के पात्र परिजनों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा समय पर अनुकम्पा नियुक्ति मिलने से परिवारों को आर्थिक संबल और भविष्य के प्रति नई आशा मिलती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्कूली शिक्षा विभाग की प्रगति की प्रशंसा करते हुए प्रदेश में 400 नये सांदीपनी विद्यालय खोले जाने की घोषणा की।
स्कूल शिक्षा विभाग ने उनके यहाँ कार्यरत रहे 954 शासकीय सेवकों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की है, विभाग ने एक कार्यक्रम आयोजित कर ये नियुक्ति पत्र प्रदान किये , मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम के दौरान सांकेतिक रूप से 11 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। डॉ यादव ने इस अवसर पर विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समय पर अनुकम्पा नियुक्ति मिलने से परिवारों को आर्थिक संबल मिलता है
डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कार्य संस्कृति बदली है और नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्णय से 954 परिवारों में नई आशा और उम्मीद जगी है। विभाग के माध्यम से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने और उनके सपनों को साकार करने का कार्य किया जा रहा है, उन्होंने कहा समय पर अनुकम्पा नियुक्ति मिलने से परिवारों को आर्थिक संबल और भविष्य के प्रति नई आशा मिलती है।
स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार नई नियुक्तियां होंगी
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हमारे विद्यालयों की प्रगति अद्भुत हैं उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश में सांदीपनी 369 संदीपनी विद्यालय चल रहे है उन्होंने घोषणा की कि सरकार जल्दी ही 400 नए सांदीपनी विद्यालय खोलने जा रही है इसे मंजूरी दी गई है इसमें से 200 सांदीपनी विद्यालय ट्राइबल क्षेत्र में होंगे। उन्होंने कहा इन विद्यालयों में नए भवन होंगे नई व्यवस्था होगी। 85 हजार नई नियुक्ति दी है उसमें से 15 हजार स्कूल शिक्षा की है 20 हजार नई नियुक्तियां निकालने वाले हैं ।
मध्यप्रदेश में सरकारी खरीदी पर विवाद, उमंग सिंघार का आरोप “जनता के पैसों की खुली लूट”
मध्यप्रदेश में सरकारी खरीदी को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार से सवाल किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के नगरीय निकायों में एक ही तरह की वस्तुओं को अलग-अलग कीमतों पर खरीदा गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान होने की आशंका है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के 374 नगरीय निकायों ने 1,134 करोड़ की खरीदी की। उन्होंने कहा कि यदि वस्तुओं की खरीद औसत दरों पर की जाती तो लगभग 250 करोड़ की बचत हो सकती थी।
कांग्रेस ने सरकारी खरीद पर उठाए सवाल
उमंग सिंघार ने सरकारी खरीद में हुई अनियमितताओं पर बीजेपी को घेरा है। उन्होंने कचरा वाहनों की कीमतों का उदाहरण देते हुए कहा है कि एक ही कचरा वाहन कहीं 2 लाख में खरीदा गया तो कहीं इसके लिए 6 लाख रुपए खर्च किए गए। इसी तरह, 60 वॉट की एलईडी लाइट की कीमत कहीं 306 दर्ज होने, जबकि भोपाल में इसकी कीमत 11,800 दर्ज किए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता ने कहा है कि सरकारी खरीदी में कीमतों का इतना बड़ा अंतर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की गाढ़ी कमाई के इस्तेमाल में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और खरीदी प्रक्रिया की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने यह सवाल भी किया कि जब सरकारी अधिकारी ही खरीदी में गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश सरकार से पूछा है कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी।
क्या है मामला
मध्यप्रदेश के 374 नगरीय निकायों ने पिछले तीन साल में GeM पोर्टल के जरिए 1,134 करोड़ की खरीदी हुई। आरोप है कि एक ही कचरा वाहन कहीं 2 लाख में तो कहीं 6 लाख में खरीदा गया। कुछ निकायों ने 1.5 करोड़ तक के वाहन भी खरीदे गए। इसी तरह के अंतर एलईडी लाइट्स खरीद में भी देखे गए। नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने बैठक में इन गड़बड़ियों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को चेताया कि विभाग के पास हर खरीदी का पूरा ब्योरा है और इसकी पूरी निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में किसी के दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
मध्यप्रदेश में सरकारी खरीदी के नाम पर जनता के पैसों की खुली लूट!
भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का आलम देखिए, एक ही कचरा वाहन कहीं ₹2 लाख में तो कहीं ₹6 लाख में खरीदा गया। 60 वाट की LED लाइट कहीं ₹306 में खरीदी गई, तो भोपाल में इसकी कीमत ₹11,800 दर्ज हुई!
पिछले 3 साल में 374…
— Umang Singhar (@UmangSinghar) October 21, 2026
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