ट्रम्प के एक इशारे पर खड़े हुए पाकिस्तानी PM, VIDEO:ग्रुप फोटो में भी सबसे पीछे दिखे, सोशल मीडिया पर शहबाज का उड़ा मजाक
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और ट्रम्प के बीच हुई मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, शहबाज बोर्ड ऑफ पीस समिट में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन उन्हें वहां पर ज्यादा तवज्जो नहीं मिली। इसे लेकर उनका मजाक भी बन रहा है। गाजा को लेकर हुई पहली बैठक में शहबाज को ज्यादा अहमियत मिलती नहीं दिखी। वे पीछे की कतार में और कुछ हद तक अलग-थलग नजर आए। एक पल तो ऐसा भी आया जब ट्रम्प ने भाषण देते हुए शहबाज को ‘खड़ा हो जाइए’ कहा, और वह तुरंत अपनी सीट से खड़े हो भी गए। ट्रम्प ने मंच से कहा- ‘पाकिस्तान और भारत… यह बड़ा मामला था। आपको खड़ा होना चाहिए, कृपया एक पल के लिए खड़े हो जाइए।’ यह सुनते ही शरीफ तुरंत खड़े भी हो गए। इस दौरान शहबाज बेहद असहज दिखे। सोशल मीडिया पर इसे ‘स्कूल असेंबली वाला मोमेंट’ कहा गया- जहां टीचर खड़ा होने कहा और छात्र तुरंत खड़ा हो जाए। एक और वायरल वीडियो में शहबाज, ट्रम्प को गले लगाने की कोशिश करते हुए भी दिखाई देते हैं। इस घटना का VIDEO शहबाज के पाकिस्तानी दौरे की ‘गड़बड़ी’ से शुरुआत अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में गुरुवार को बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक हुई थी। इसमें करीब 40 देशों के अधिकारी शामिल हुए थे। भारत भी इसमें पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हुआ था। इस कार्यक्रम से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं जिनमें शहबाज शरीफ अलग-थलग और असहज दिखाई दे रहे हैं। शरीफ की अमेरिका यात्रा की शुरुआत ही विवादों से हुई। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के बयान में कई टाइपो थे, जैसे कि विदेश मंत्रालय की ऑफिशियल प्रेस रिलीज में ‘यूनाइटेड स्टेट्स’ की जगह ‘Unites States of Americas’ लिखा गया। सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल हो गए और लोग सरकारी स्तर की प्रूफरीडिंग पर सवाल उठाने लगे। पिछले साल इजराइल के ईरान पर हमले की निंदा करते समय शरीफ ने आई कंडेम (I condemn) की जगह आई कंडोम ‘I condom’ लिख दिया था, जिसे तब काफी ट्रोल किया गया। सबसे पीछे नजर आए पाकिस्तानी PM वॉशिंगटन पहुंचने के बाद भी हालात आसान नहीं रहे। ग्रुप फोटो में शरीफ मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। ट्रम्प आगे की कतार में खड़े थे, उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो थे। सऊदी अरब, इंडोनेशिया और कतर के नेता उनके ठीक पीछे खड़े थे, जबकि शरीफ पीछे की ओर नजर आए। भाषण के दौरान ट्रम्प ने शरीफ को खड़े होने के लिए कहा। शरीफ तुरंत खड़े हो गए, जिसका सोशल मीडिया पर मजाक बना और कुछ लोगों ने उन्हें ‘ट्रम्प का पपेट’ कहा। इसी दौरान ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘महान व्यक्ति’ और ‘बहुत अच्छे दोस्त’ बताया, जिससे शरीफ और असहज दिखे। ट्रम्प की चापलूसी करते दिखे शहबाज अपने भाषण में शरीफ ने ट्रम्प को ‘मैन ऑफ पीस’ कहकर संबोधित किया और उन्होंने दक्षिण एशिया का सच्चा रक्षक बता डाला। इस दौरान शहबाज शरीफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में सैन्य टकराव के बाद हुए युद्धविराम का क्रेडिट भी ट्रम्प को दे दिया। हालांकि इतनी तारीफ के बावजूद ट्रम्प को इससे खास फर्क नहीं पड़ा। शरीफ ने ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा- “भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने के लिए आपके समय पर और असरदार हस्तक्षेप ने शायद 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई। आप सच में मैन ऑफ पीस साबित हुए हैं। मैं कहना चाहता हूं कि आप सच में दक्षिण एशिया के मसीहा हैं। गाजा आपकी विरासत होगी।" -------------------------------------- पाकिस्तानी PM से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रूसी मीडिया ने पाकिस्तानी PM से जुड़ा वीडियो डिलीट किया:40 मिनट तक इंतजार करते रहे शहबाज, फिर पुतिन की मीटिंग में जबरन घुसे थे पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की मीटिंग में जबरन घुसने वाला वीडियो रशिया टुडे (आरटी न्यूज) ने सोशल मीडिया से हटा दिया। इसमें दिख रहा है कि पाकिस्तानी पीएम जबरन पुतिन के मीटिंग हॉल में घुस जाते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री बोले- मुनीर मेरे बॉस नहीं:सेना अब सरकार नहीं चलाती; इतिहास में दखल था, अब सिस्टम अलग है
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर उनके बॉस नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि उनके बॉस प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ हैं। फ्रांस 24 इंग्लिश को दिए इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था कि क्या आसिम मुनीर ही पाकिस्तान की सरकार चला रहे हैं। उन्होंने माना कि अतीत में सेना ने सीधे शासन संभाला था। जब उनसे पूछा गया कि क्या आज भी सेना पाकिस्तान को नियंत्रित कर रही है, तो उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं है। ख्वाजा आसिफ ने कहा, पाकिस्तान का एक सिस्टम है। हमारे इतिहास में ऐसे दौर रहे हैं, जब सेना का सरकार पर नियंत्रण रहा। एक समय ऐसा भी था जब सेना ने दखल देकर सत्ता की बागडोर अपने हाथ में ले ली थी। उन्होंने कहा कि इस समय पाकिस्तान अफगानिस्तान से खतरे, आतंकवाद, भारत के साथ तनाव और कमजोर अर्थव्यवस्था जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे हालात में पाकिस्तानी सेना सरकार का समर्थन कर रही है। भारत-अफगानिस्तान पर प्रॉक्सी वॉर चलाने का आरोप लगाया ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि भारत और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ छिपकर लड़ाई (प्रॉक्सी वार) कर रहे हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान पर हमलों को लेकर नई दिल्ली और काबुल की सोच एक जैसी है। आसिफ ने कहा जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान अफगानिस्तान में दोबारा कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर अफगानिस्तान की ओर से शांति की कोई ठोस गारंटी नहीं मिलती है, तो पाकिस्तान वहां नए हमले करने से पीछे नहीं हटेगा। आसिफ ने यह भी कहा कि भारत के साथ युद्ध की संभावना अभी भी खत्म नहीं हुई है। आतंकी हमलों के लिए काबुल को जिम्मेदार ठहराया इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में हाल ही में हुए बम धमाके का जिक्र करते हुए आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में लगभग सभी बड़े आतंकी संगठनों की मौजूदगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद रोकने में काबुल सरकार गंभीर नहीं है। उनके मुताबिक इसे सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मिलीभगत कहना ज्यादा सही होगा। 6 फरवरी को नमाज के दौरान हुए इस आत्मघाती हमले में 31 लोगों की मौत हो गई और 169 लोग घायल हुए। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली है। ‘इजराइल से रिश्ते सामान्य करने का सवाल ही नहीं’ आसिफ ने कहा है कि फिलिस्तीनियों को उनका हक मिले बिना इजराइल से रिश्ते सामान्य करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने साफ किया कि पाकिस्तान अभी इस विकल्प पर विचार भी नहीं कर रहा है। गाजा में संभावित अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर उनसे सवाल किया गया। इस पर आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान की भागीदारी इस बात पर निर्भर करेगी कि उस शांति बल के लिए किस तरह की शर्तें तय की जाती हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में काम करने का लंबा अनुभव है। अगर हालात और शर्तें ठीक रहीं, तो गाजा में शामिल होना दो-राष्ट्र समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का एक अच्छा मौका हो सकता है। पहले कहा था- सरकार और सेना मिलकर देश चलाते हैं ख्वाजा आसिफ ने इससे पहले पिछले साल दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान में सरकार और सेना मिलकर देश चलाते हैं। आसिफ ने कहा था कि पाकिस्तान को हाइब्रिड मॉडल से चलाया जा रहा है। आसिफ पहले भी कई बार हाइब्रिड मॉडल की तारीफ कर चुके हैं। अरब न्यूज को दिए एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान का पॉलिटिकल सिस्टम आदर्श लोकतंत्र नहीं, लेकिन जरूरी है। उन्होंने कहा था कि यह मॉडल पाकिस्तान की आर्थिक और शासन की समस्याओं को हल करने में 'कमाल' कर रहा है। आसिम मुनीर पाकिस्तान में सबसे ताकतवर आसिम मुनीर पाकिस्तान में सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं। उन्हें सरकार ने 4 दिसंबर 2025 को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) नियुक्त किया था। दोनों पदों पर उनका कार्यकाल पांच साल का होगा। मुनीर पाकिस्तान के पहले सैन्य अधिकारी हैं जो एकसाथ CDF और COAS दोनों पद संभाल रहे हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नियुक्ति की सिफारिश करते हुए राष्ट्रपति को समरी भेजी थी। मुनीर को इसी साल फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया गया था। पाकिस्तानी संसद ने 12 नवंबर को सेना की ताकत बढ़ाने वाला 27वां संवैधानिक संशोधन पास किया था। इसके तहत मुनीर को CDF बनाया गया। इस पद के मिलते ही उन्हें पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की कमान भी मिल गई यानी वे देश के सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं। दरअसल 29 नवंबर 2022 को जनरल आसिम मुनीर को सेना प्रमुख नियुक्त किया गया था। उनका मूल कार्यकाल तीन साल का था, यानी 28 नवंबर 2025 को खत्म हो गया। -------------------------- ख्वाजा आसिफ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी रक्षा मंत्री बोले- अमेरिका ने हमारा इस्तेमाल किया:मतलब निकलने पर टॉयलेट पेपर की तरह फेंका; साथ देने की कीमत आज भी चुका रहे पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पिछले हफ्ते संसद में कहा कि अमेरिका ने अपने फायदे के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल किया और काम निकलने के बाद उसे टॉयलेट पेपर की तरह फेंक दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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