एआई समिट शानदार रही, भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दुनिया को दिखाया अपना विजन : एन. चंद्रशेखरन
नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 शानदार रही है। इसमें भारत ने दुनिया को दिखाया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर उसका क्या विजन है और वह इसे आगे ले जाने के लिए क्या कर सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी में समिट के साइडलाइन में आईएएनएस से बातचीत करते हुए टाटा संस के चेयरमैन ने कहा कि इस आयोजन ने देश की एआई से संबंधित सभी योजनाओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान किया।
इससे पहले, समिट में ओपनएआई ने टाटा समूह के साथ मिलकर स्थानीय स्तर पर एआई-आधारित डेटा सेंटर विकसित करने के लिए साझेदारी की, जिसे डेटा रेजिडेंसी, सुरक्षा और दीर्घकालिक घरेलू क्षमता के लिए डिजाइन किया गया है।
चंद्रशेखरन ने कहा, मुझे लगता है कि यह एक शानदार समिट है जहां हम अपनी सभी पहलों और योजनाओं को वैश्विक स्तर पर सभी महत्वपूर्ण नेताओं और सभी राजनीतिक नेताओं को एक साथ प्रदर्शित करने में सक्षम हैं।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के हाइपरवॉल्ट डेटा सेंटर कारोबार की पहला ग्राहक ओपनएआई होगी। इसकी शुरुआत 100 मेगावाट क्षमता से होगी और समय के साथ इसे बढ़ाकर 1 गीगावाट तक किया जा सकेगा।
यह बुनियादी ढांचा ओपनएआई के सबसे उन्नत मॉडलों को भारत में सुरक्षित रूप से चलाने में सक्षम बनाएगा, जिससे डेटा रेजिडेंसी, सुरक्षा और अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करते हुए कम देरी सुनिश्चित होगी। यह महत्वपूर्ण और सरकारी कार्यों के लिए उपयुक्त है।
चंद्रशेखरन ने कहा,ओपनएआई और टाटा समूह के बीच यह रणनीतिक सहयोग, भारत के एआई क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनने के लक्ष्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। भारत में अत्याधुनिक एआई अवसंरचना स्थापित करने के लिए ओपनएआई के साथ साझेदारी करके हमें बेहद खुशी है।
उन्होंने आगे कहा, यह ओपनएआई और टीसीएस के लिए उद्योगों को बदलने का एक अनूठा अवसर है और साथ मिलकर, हम भारत के युवाओं को कुशल बनाएंगे और उन्हें एआई युग में सफल होने के लिए सशक्त बनाएंगे।
टाटा समूह अगले कुछ वर्षों में अपने कर्मचारियों के बीच चैटजीपीटी एंटरप्राइज को लागू करने की योजना बना रहा है, जिसकी शुरुआत टीसीएस के लाखों कर्मचारियों से होगी। इसके साथ ही यह दुनिया के सबसे बड़े एंटरप्राइज एआई डिप्लॉयमेंट में से एक बन जाएगा।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
मध्य प्रदेश में डॉग लवर्स ने कुत्तों का विरोध करने पर खोया आपा, तलवार से दो महिलाओं को किया घायल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है. दरअसल अयोध्या नगर थाना क्षेत्र की श्रवण कांटा कॉलोनी में आवारा कुत्तों को लेकर चल रहा तनाव गुरुवार सुबह खूनी झड़प में बदल गया. कॉलोनी के कुछ परिवार पिछले कई दिनों से कुत्तों की बढ़ती संख्या से परेशान थे और उन्होंने नगर निगम से उन्हें पकड़ने की शिकायत की थी. लेकिन जब निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची, तो मामला तूल पकड़ गया.
कहासुनी से बढ़ा टकराव
बताया गया कि बुधवार रात निगम की टीम के पहुंचने पर कॉलोनी निवासी वंदना सेन और लक्ष्मी ठाकुर की बहस शांति नगर की रहने वाली एक महिला और उसकी बेटी से हो गई. उक्त महिला पशु-प्रेमी बताई जा रही है और स्थानीय पशु कार्यकर्ताओं से जुड़ी है. आरोप है कि विवाद के बाद कुछ लोगों ने पकड़कर ले जाए जा रहे कुत्तों को छुड़ा लिया, जिससे दोनों पक्षों में तनाव और गहरा गया.
सुबह-सुबह पहुंचा आरोपी
घटना के अगले दिन गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे महिला ने अपने पति अशोक को पूरे विवाद की जानकारी दी. इसके बाद अशोक अपनी पत्नी, बेटी और एक अन्य साथी के साथ श्रवण कांटा कॉलोनी पहुंचा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने वंदना के घर के बाहर खड़े होकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया और कथित तौर पर परिवार को अपशब्द कहे.
तलवार से हमला, दो महिलाएं गंभीर
जब वंदना सेन ने वीडियो बनाने और गाली-गलौज पर आपत्ति जताई, तो मामला अचानक हिंसक हो गया. आरोप है कि अशोक ने तलवार निकालकर पहले वंदना पर हमला किया और फिर लक्ष्मी ठाकुर को भी निशाना बनाया. लक्ष्मी के पेट में गंभीर चोट आई, जबकि वंदना के दाहिने हाथ पर गहरा घाव हुआ. दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो जांच का अहम हिस्सा बन सकता है.
हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
थाना प्रभारी महेश लिहार ने बताया कि आरोपी अशोक और उसके साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस टीम उनकी तलाश में जुटी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है.
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि शहरी इलाकों में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर प्रशासन, पशु-प्रेमियों और स्थानीय निवासियों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, ताकि मतभेद हिंसा में न बदलें.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation





















