रिलेशनशिप एडवाइज- गर्लफ्रेंड उम्र में 4 साल बड़ी है:दोस्त मजाक उड़ाते हैं, उनकी बातें अब परेशान करने लगी हैं, कैसे डील करूं?
सवाल- मैं 28 साल का हूं और मेरी गर्लफ्रेंड मुझसे 4 साल बड़ी है। हम पिछले डेढ़ साल से रिलेशनशिप में हैं और एक-दूसरे को लेकर काफी सीरियस हैं। हम दोनों अपने रिश्ते को भविष्य तक ले जाना चाहते हैं। परेशानी तब होती है, जब मैं अपने दोस्तों के साथ होता हूं। वे अक्सर मेरी गर्लफ्रेंड की उम्र को लेकर मेरा मजाक उड़ाते हैं। शुरुआत में मैं उनकी बातों को हंसी में टाल देता था, लेकिन अब ये बातें मुझे परेशान करने लगी हैं। कभी-कभी मैं सोचने लगता हूं कि क्या सच में उम्र का यह अंतर आगे चलकर हमारे रिश्ते में परेशानी पैदा कर सकता है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि दोस्तों को कैसे जवाब दूं और अपने मन में उठने वाले इन सवालों से कैसे निपटूं? एक्सपर्ट- डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। दोस्तों की बातें सुनकर अपने रिश्ते को लेकर उलझन महसूस करना स्वाभाविक है। जब हम किसी रिश्ते को लेकर सीरियस होते हैं, तो ऐसी टिप्पणियां ज्यादा परेशान कर सकती हैं। हालांकि सच पूछिए तो किसी रिश्ते में उम्र का अंतर अपने आप में परेशानी की वजह नहीं होता। परेशानी तब शुरू होती है, जब दूसरे लोगों की राय हमारे मन पर असर डालने लगती है। दोस्तों की बातें सुनकर हम अपने उस फैसले को शक की नजर से देखने लगते हैं, जिसे लेकर पहले पूरी तरह आश्वस्त थे। हम आगे इसकी साइको एनालिसिस करेंगे, लेकिन एक बात हमेशा याद रखिए कि दुनिया का कोई भी रिश्ता उम्र या जन्म की तारीख से मजबूत या कमजोर नहीं होता। रिलेशनशिप एक बहुत पर्सनल और वलनरेबल स्पेस है। दोस्तों का उस पर किसी भी तरह की टिप्पणी करना चिढ़ाना नहीं, बल्कि आपके रिश्ते और फैसले का अनादर करने की तरह है। लोगों की बातों का असर क्यों होता है? आप अपनी गर्लफ्रेंड के साथ डेढ़ साल से रिश्ते में हैं। दोनों एक-दूसरे को समझते हैं और भविष्य के बारे में भी सोच रहे हैं। इसके बावजूद दोस्तों के मजाक से आपके मन में सवाल उठने लगे हैं। साइकोलॉजी में इसे ‘सोशल इन्फ्लुएंस’ कहते हैं। यानी हम चाहते हैं कि दोस्त-यार हमारे फैसलों को स्वीकार करें। उनकी राय हमारे लिए मायने रखती है। इसलिए जब वे हमारे किसी फैसले का मजाक उड़ाते हैं तो कभी-कभी हमें अपने चुनाव पर ‘शक’ होने लगता है। इसका मतलब यह नहीं कि आपका रिश्ता गलत है। हो सकता है कि आपको अपनी गर्लफ्रेंड की उम्र से ज्यादा इस बात की चिंता हो कि दूसरे लोग आपके रिश्ते को कैसे देखते हैं। इससे बचने के लिए कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखें- दोस्तों की सीमा तय करना जरूरी दोस्तों के बीच मजाक होना सामान्य है, लेकिन मजाक की भी अपनी एक सीमा होती है। जब कोई मजाक आप पर हावी होने लगे तो असहमति जताना जरूरी है। अपनी बात रखने के लिए गुस्सा या बहस करने की जरूरत नहीं है। बस अगली बार जब वे आपकी गर्लफ्रेंड की उम्र को लेकर चिढ़ाएं तो आप शांत होकर कह सकते हैं- “हम दोनों एक-दूसरे के साथ खुश हैं। हमारे रिश्ते में उम्र कोई समस्या नहीं है। इसलिए इस बात पर बार-बार मजाक करना मुझे अच्छा नहीं लगता।” इस तरह आप अपनी सीमा स्पष्ट कर देंगे। अगर दोस्त आपकी भावनाओं की परवाह करते हैं, तो वे आपकी बात समझकर इस विषय पर मजाक करना बंद कर देंगे। कहीं आपका नजरिया तो नहीं बदल रहा? कई बार दूसरों के कमेंट्स का असर हमारे नजरिए पर पड़ने लगता है। हम अपने पार्टनर को भी उसी नजर से देखने लगते हैं, जिस नजर से दूसरे लोग उसे देखते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आपकी परेशानी रिश्ते में है या दूसरों की बातों से पैदा हुई है। इसे समझने के लिए अपने रिश्ते के अनुभवों पर ध्यान दें और खुद से कुछ सवाल पूछें- रिश्ते में आपसी समझ जरूरी सिर्फ उम्र का अंतर किसी रिश्ते की सफलता या असफलता तय नहीं करता। असली बात यह है कि दो लोग एक-दूसरे को कितना समझते हैं, उनकी सोच कितनी मिलती है और वे साथ मिलकर जिंदगी की चुनौतियों का सामना कैसे करते हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आप दोनों का रिश्ता कितना मजबूत है। इसके लिए खुद से कुछ सवाल पूछें- इन सवालों के जवाब आपके रिश्ते की वास्तविक स्थिति को समझने में मदद करेंगे। दरअसल, एक मजबूत रिश्ता सिर्फ प्यार से नहीं, बल्कि भरोसे, सम्मान और इमोशनल सेफ्टी से बनता है। जब दोनों एक-दूसरे की भावनाओं को समझते हैं, अपनी बात खुलकर कह पाते हैं और मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ देते हैं, तो रिश्ते में विश्वास गहरा होता है। इसलिए यह देखना जरूरी है कि आपके रिश्ते में ये आधार कितने मजबूत हैं। मजबूत रिश्ते की नींव ‘बातचीत’ आपको अपनी गर्लफ्रेंड से अपनी भावनाओं के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए। हालांकि, बातचीत का तरीका बहुत मायने रखता है। उससे ये न कहें कि- “तुम मुझसे बड़ी हो, इसलिए मेरे दोस्त मेरा मजाक उड़ाते हैं।” इसके बजाय अपनी परेशानी को अपने अनुभव के रूप में बताएं। आप कह सकते हैं- “दोस्तों की कुछ बातों का मुझ पर असर हो रहा है। मैं समझना चाहता हूं कि मुझे इन बातों से इतना फर्क क्यों पड़ रहा है। मैं चाहता हूं कि हम इस बारे में खुलकर बात करें।” ध्यान रखें कि इस दौरान आपकी गर्लफ्रेंड को अपनी उम्र के लिए असहज या शर्मिंदा महसूस न हो। साथ ही शादी, करियर और परिवार को लेकर अपनी अपेक्षाओं पर खुलकर चर्चा करें, ताकि दूसरों के कमेंट्स की बजाय आप दोनों का ध्यान रिश्ते की वास्तविक जरूरतों पर रहे। रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए कुछ बातों का खास ध्यान रखें- अंतिम बात अगर आप दोनों एक-दूसरे के साथ खुश हैं और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, तो यही एक मजबूत और खुशहाल रिश्ते की बुनियाद है। याद रखें, किसी रिश्ते में बने रहने या उससे आगे बढ़ने का फैसला दूसरों को खुश करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं और समझ के आधार पर लेना चाहिए। रिश्तों से जुड़ी कोई उलझन है? दिल की बात खुलकर कहें। MyTalkIndia by Dainik Bhaskar एक सेफ, कॉन्फिडेंशियल और नॉन-जजमेंटल स्पेस है, जहां आप अपनी मेंटल और इमोशनल सेहत के लिए हमारे प्रोफेशनल काउंसिलर्स से बिल्कुल फ्री में चैट कर सकते हैं। चैट करने के लिए यहां क्लिक करें। *************** ग्राफिक्स- अजीत सिंह …………… ये खबर भी पढ़ें रिलेशनशिप एडवाइज- मैं बेवकूफ था, गुस्से में ब्रेकअप कर लिया:अब गलती का एहसास है, एक्स से फिर दोस्ती करना चाहता हूं, क्या करूं समय बीतने के साथ इंसान अपने पुराने व्यवहार को नए नजरिए से देख पाता है। उसे अपनी गलतियां भी समझ आती हैं। इसे ही हम ग्रोथ कहते हैं। जीवन में ग्रोथ होना बहुत अच्छी बात है। लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है। आपको अपनी गलतियों का एहसास हो गया है और अब आप चाहते हैं कि गुजररा वक्त फिर से लौट आए। पूरी खबर पढ़ें…
जरूरत की खबर- सोते समय मुंह से निकलती है लार:डॉक्टर से समझें, यह कब नॉर्मल है, कब किसी बीमारी का संकेत, बचाव के 11 उपाय
जब हम सो रहे होते हैं, तब भी हमारे शरीर के भीतर कई जरूरी काम लगातार चलते रहते हैं। सलाइवा यानी लार बनना भी इनमें से एक है। यह हमारे शरीर का एक जरूरी फ्लुइड है, जो मुंह को नम रखने, खाना चबाने और निगलने के साथ पाचन की प्रक्रिया में भी मदद करता है। आमतौर पर हम जागते या सोते समय लार को अनजाने में निगलते रहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कई बार सुबह उठने पर तकिए पर लार के निशान मिलते हैं? कभी-कभार सोते समय मुंह से लार निकलना सामान्य है। लेकिन अगर ऐसा रोज हो तो इसके पीछे एलर्जी, एसिड रिफ्लक्स या स्लीप एपनिया जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में सोते समय लार निकलने की समस्या को विस्तार से समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. रोहित शर्मा, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- लार का हमारे शरीर में क्या काम है और ये क्यों जरूरी है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- लार के सभी काम ग्राफिक में देखिए- सवाल- सोते समय मुंह से लार क्यों निकलती है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- क्या सोते समय मुंह से लार निकलना एकदम नॉर्मल है? जवाब- हां, सोते समय मुंह से थोड़ी लार निकलना सामान्य है। लेकिन अगर ऐसा रोजाना ज्यादा मात्रा में हो या अचानक लार निकलने की समस्या बढ़ जाए, तो इसके पीछे कोई दूसरी वजह हो सकती है। सवाल- क्या सोते समय मुंह से लार निकलने का कारण लार का ज्यादा बनना भी हो सकता है? जवाब- हां, ऐसा हो सकता है। शरीर में जरूरत से ज्यादा लार बनने को ‘हाइपरसलाइवेशन’ या ‘सियालोरिया’ कहते हैं। इससे मुंह में अतिरिक्त लार जमा होने लगती है, जो नींद के दौरान बाहर निकल सकती है। एसिड रिफ्लक्स, मुंह में संक्रमण या कुछ दवाओं के कारण लार ज्यादा बनती है। सवाल- क्या यह किसी हेल्थ प्रॉब्लम का संकेत भी हो सकता है? जवाब- हां, अगर सोते समय मुंह से बार-बार लार निकलती है या समस्या अचानक बढ़ जाती है तो इसके पीछे कुछ हेल्थ कंडीशंस हो सकती हैं। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- लार निकलना कब नॉर्मल है और कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है? जवाब- कभी-कभार सोते समय थोड़ी लार निकलना सामान्य है। लेकिन अगर लार लगातार निकलती है या इसके साथ दूसरे लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या लाइफस्टाइल और खानपान की आदतों का सोते समय लार निकलने से कोई संबंध है? जवाब- हां, लाइफस्टाइल और खानपान की कुछ आदतें सोते समय मुंह से लार निकलने की समस्या को बढ़ा सकती हैं, जैसेकि- सवाल- अगर पहले लार नहीं निकलती थी और अचानक रात में रोज लार निकलने लगे तो क्या करें? जवाब- इसे नजरअंदाज न करें। कुछ बातों का ध्यान रखें- सवाल- सोते समय मुंह से लार निकलने की समस्या से बचने के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- इसके लिए रोजमर्रा की आदतों में कुछ बदलाव करना और इससे जुड़ी हेल्थ प्रॉब्लम्स का समय पर इलाज कराना जरूरी है। सभी जरूरी सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या सोते समय बच्चों के मुंह से लार निकालना सामान्य है? जवाब- हां, छोटे बच्चों में निगलने की प्रक्रिया विकसित हो रही होती है। इस दौरान सोते समय लार निकलना सामान्य है। नाक बंद होने, एलर्जी या मुंह से सांस लेने पर भी लार बाहर निकल सकती है। लेकिन अगर रोज ज्यादा लार निकलती है, दिन में भी लार टपकती है या निगलने, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण हैं तो पीडियाट्रिशियन से कंसल्ट करें। …………………………… ग्राफिक्स- विपुल शर्मा …………………………… ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- क्या आप एसेंशियल ऑयल यूज करते हैं:तो न करें ये 10 गलतियां, डॉक्टर से जानें सही इस्तेमाल और 10 जरूरी सावधानियां सोशल मीडिया पर अक्सर एसेंशियल ऑयल्स के इस्तेमाल से जुड़े वीडियो वायरल होते रहते हैं। कोई इन्हें बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करने की सलाह देता है, तो कोई त्वचा को चमकदार बनाने और तनाव कम करने के लिए। पूरी खबर पढ़ें…
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