Telanaga Special Lock: 27 किलो वजनी और 300 साल पुराना अनोखा ताला, खोलने के लिए चाहिए दो चाबियां और खास तरीका
Telangana Special Rare 300 Year Old Lock Weighing 27 Kg: तेलंगाना में 27.5 किलोग्राम और 200 से 300 साल पुराना प्राचीन ताला मिला है. इसे खोलने की तकनीक बेहद जटिल है और इसमें दो चाबियों का इस्तेमाल होता है. पहले ताले के मुख्य हिस्से की चाबी हटानी होती है. इसके बाद दूसरी चाबी को तय छेद में डालकर उसे सावधानी से दो बार घुमाना पड़ता है. तभी इसका भारी-भरकम कुंडा बाहर निकलता है.
पीएम मोदी बोले – ‘रामराज्य का मतलब शासन नहीं, जनकल्याण’, दिल्ली में कलाकारों की आरती उतारने के बाद किया रावण दहन
विजयादशमी पर देशभर में रावण दहन के कार्यक्रम हुए। वहीं दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलीला में शामिल कलाकारों की आरती उतारी और प्रतीकात्मक तीर चलाकर रावण दहन किया। वहीं इस दौरान उन्होंने भगवान राम के आदर्शों, रामराज्य और विकसित भारत के लक्ष्य पर बात की। दरअसल लुधियाना में अमित शाह ने रिमोट का बटन दबाकर रावण दहन किया, जबकि पंचकूला में 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले के दहन का कार्यक्रम रखा गया।
दरअसल पीएम मोदी ने कहा कि विजयादशमी केवल एक त्योहार नहीं बल्कि भारत की प्राण ऊर्जा है। उन्होंने भगवान राम के जीवन से प्रेरणा लेने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्प के साथ काम करने की बात कही।
पीएम मोदी बोले – रामराज्य का मतलब शासन नहीं, जनकल्याण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भगवान राम के आदर्शों और रामराज्य की भावना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के सामने विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य है। इसे हासिल करने के लिए भगवान राम के जीवन से सीख लेने की जरूरत है। पीएम ने गरीबों और वंचितों की सेवा को सबसे ऊपर रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि ‘परेशानी या चुनौती कितनी भी बड़ी हो, लोगों को दूसरों के भरोसे बैठने के बजाय अपने संकल्प को ताकत बनाना चाहिए और मेहनत से रास्ता निकालना चाहिए। रास्ते की कठिनाइयां पराक्रम को रोक नहीं सकतीं।’
यह परंपरा देश के लोगों को साहस देती है: पीएम मोदी
दरअसल पीएम मोदी ने कहा कि ‘रामलीला का मंचन, भगवान राम के आदर्शों को जीवित रखने की परंपरा और असत्य पर सत्य की जीत का भरोसा भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है।’ उन्होंने कहा कि यह परंपरा देश के लोगों को साहस देती है। उनके मुताबिक शत्रु कितना भी बड़ा क्यों न हो, सच्चाई और मानवता की जीत होती है। संबोधन के दौरान उन्होंने लोगों से ‘सियावर रामचंद्र की जय’ का उद्घोष भी कराया।
भारत की सांस्कृतिक विरासत पर बोले पीएम मोदी
वहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने सांस्कृतिक केंद्रों और विरासत को दुनिया में नई पहचान दिला रहा है। उन्होंने यूनेस्को में भारतीय विरासत से जुड़ी जगहों को शामिल किए जाने का जिक्र किया और कहा कि यह करोड़ों भारतीयों की सामूहिक शक्ति का नतीजा है। पीएम मोदी ने कहा कि देश के आत्मसम्मान के लिए अपनी संस्कृति और विरासत को पहचानना जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि सदियों तक भारत की धरोहरों को लूटकर विदेश ले जाया गया लेकिन अब उन्हें वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक बीते 12 साल में 650 से ज्यादा मूर्तियां भारत वापस लाई गई हैं। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए आत्मसम्मान की भावना जरूरी है। विजयादशमी का पर्व भी लोगों को इसी तरह साहस और संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
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