वाराणसी में Indian Air Force का Wings Over Ganga एयर शो 22 अक्टूबर से, 100 विमान दिखाएंगे ताकत
भारतीय वायुसेना की ओर से वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को नमो घाट पर भव्य हवाई प्रदर्शन का आयोजन होगा। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। ‘इंडियन एयरफोर्स एरियल डिस्प्ले 2026’ के नाम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होने वाले इस कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना अपनी ताकत, तकनीकी क्षमता और हवाई युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेगी।
कार्यक्रम का विषय ‘विंग्स ओवर गंगा’ रखा गया है। इस आयोजन के जरिए भारतीय वायुसेना की गौरवशाली विरासत, आधुनिक हवाई क्षमता और देश की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया जाएगा। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम में कुल 100 विमानों को शामिल किया गया है, जिनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान और 32 हेलीकॉप्टर शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि हवाई प्रदर्शन में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिग-29, मिराज-2000, जगुआर और स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस जैसे लड़ाकू विमान अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही सी-130, सी-295, सी-17 ग्लोबमास्टर, एएन-32 और अन्य परिवहन व निगरानी विमानों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम भी अपने शानदार हवाई करतबों से आसमान में रोमांच पैदा करेगी।
उन्होंने बताया कि सी-17 ग्लोबमास्टर के नेतृत्व में नौ हॉक विमानों की उड़ान के बाद सूर्यकिरण टीम का प्रदर्शन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगा। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान विमानों की कई विशेष संरचनाएं बनाई जाएंगी जिनमें ‘काशी’, ‘वरुण’, ‘केदार’, ‘हनुमान’, ‘ओंकार’, ‘रुद्र’ और ‘भागीरथी’ जैसी संरचनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनका उद्देश्य भारतीय वायुसेना की सटीक उड़ान क्षमता, समन्वय और परिचालन कौशल को प्रदर्शित करना है।
उन्होंने बताया कि ‘काशी’ संरचना में तीन किरण विमानों के वी आकार में उड़ान भरने की योजना है, जबकि ‘वरुण’ संरचना में भारतीय वायुसेना के तीन एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर अपनी क्षमता दिखाएंगे। उन्होंने बताया कि ‘ओंकार’ संरचना में तीन एमआई-17 हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज के साथ उड़ान भरेंगे और फूलों की वर्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय को प्रदर्शित करने वाली ‘त्रिदेव’ संरचना भी शामिल होगी।
उन्होंने बताया कि इसमें भारतीय नौसेना का कामोव-31, वायुसेना का एएलएच एमके-3 और थलसेना का एएलएच एमके-3 हेलीकॉप्टर हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त चिनूक, डोर्नियर, सी-130, एईडब्ल्यू एंड सी विमान और मिग-29 जैसे विमानों की विभिन्न संरचनाएं भी हवाई प्रदर्शन का हिस्सा होंगी। अधिकारियों ने बताया कि नमो घाट पर होने वाला यह आयोजन भारतीय वायुसेना की पेशेवर दक्षता, आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर होगा।
उन्होंने बताया कि गंगा के ऊपर विमानों की रोमांचक और सूर्यकिरण टीम के हवाई करतब इस आयोजन को खास बनाएंगे। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए वाराणसी पुलिस ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है। उन्होंने बताया कि महाकुंभ की तर्ज पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।
उन्होंने बताया कि शहर के प्रमुख मार्गों, गंगा घाटों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि आयोजन को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंधन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख हिस्सों और आयोजन स्थल के आसपास अस्थायी पुलिस थाने और चौकियां स्थापित की जा रही हैं, ताकि किसी भी स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि काशी की संकरी गलियों, घाटों और अनूठी भौगोलिक बनावट को देखते हुए बाहर के जिलों से आने वाले पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात जवानों को उनके निर्धारित स्थल की जानकारी देने के साथ ही शहर की भौगोलिक स्थिति और प्रमुख रास्तों से भी परिचित कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है कि भीड़ भाड़ या आपातकालीन स्थिति में पुलिसकर्मी रास्तों की पहचान करके तत्काल कार्रवाई कर सकें। उन्होंने कहा कि इससे भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान शहर के बाहरी और आंतरिक हिस्सों में बड़े वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि वीआईपी और आम जनता के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर के प्रवेश बिंदुओं और आयोजन स्थल के आसपास बड़े पार्किंग स्थल चिन्हित किए जा रहे हैं, ताकि सड़कों पर जाम की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि किसी भी आकस्मिक चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख अस्पतालों और आयोजन स्थल के बीच ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था रहेगी।
उन्होंने कहा कि इसके जरिए एंबुलेंस बिना किसी बाधा के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचा सकेंगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आयोजन स्थल के आसपास अस्थायी चिकित्सा शिविर और डॉक्टरों की टीमें तैनात रहेंगी, जो जरूरत पड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार और जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने कहा कि हवाई प्रदर्शन को देखने आने वाले दर्शकों की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि गंगा घाटों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
Jaipur में फर्जी Call Centre का पर्दाफाश, US नागरिकों से ठगी मामले में 10 अरेस्ट
जयपुर में पुलिस ने एक फर्जी तकनीकी सहायता कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करके मंगलवार को दो महिलाओं सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया। इस कॉल सेंटर के जरिए अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह भांकरोटा क्षेत्र से संचालित हो रहा था और आईफोन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान करने के नाम पर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था।
विशेष पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि छापेमारी के दौरान 19 मोबाइल फोन और 12 लैपटॉप जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी एक्स-लाइट सॉफ्टवेयर और टोल-फ्री नंबरों का इस्तेमाल करके अमेरिकी नागरिकों से संपर्क करते थे और उन्हें आईफोन से जुड़ी कथित तकनीकी समस्याओं में सहायता देने की पेशकश करते थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों पर तकनीकी सहायता के नाम पर ग्राहकों से पैसे लेने और उनकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह से जुड़ी एक महिला बैंक अधिकारी बनकर पीड़ितों को उनके बैंक खातों से संबंधित संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए राजी करती थी। पुलिस के अनुसार, इसके बाद यह जानकारी टेलीग्राम समूह के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी, जो कथित तौर पर पीड़ितों के खातों से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस को आशंका है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की आगे की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि गिरोह के सरगनाओं की पहचान करने, पैसों के लेन-देन का पता लगाने और ठगी की कुल रकम का आकलन करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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