पन्ना में दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को मारी टक्कर, दो युवकों की मौत
पन्ना: मध्यप्रदेश के पन्ना से एक भीषण सड़क हादसे की खबर सामने आई है। जहां पहाड़ीखेड़ा चौकी क्षेत्र के अंतर्गत एक अनियंत्रित डंपर ट्रक की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। दोनों युवक पहाड़ीखेड़ा में आयोजित रामलीला देखकर बाइक से घर लौट रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों युवक पहाड़ीखेड़ा में आयोजित रामलीला देखकर अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात डंपर ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक बाइक सहित हवा में उछलकर सड़क किनारे स्थित आम के पेड़ से जा टकराये और गंभीर रूप से घायल हो गये। हादसे को अंजाम देने के बाद चालक मौके से डंपर ट्रक लेकर फरार हो गया।
हादसे में दो लोगों की मौत
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल ही अस्पताल भिजवाया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक मृतकों के सिर और सीने में गंभीर चोटें आई थीं, जो मौत का कारण बनीं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बता दें कि हादसे में लुहारहाई के वर्तमान सरपंच लच्छू गोंड के 20 वर्षीय पुत्र सुनील गोंड और उनके 25 वर्षीय साथी पुन्नू की मौत हुई है। सुनील गोंड की आगामी 25 नवंबर को शादी होने वाली थी। घर में विवाह की तैयारियां अंतिम चरण में थीं, लेकिन एक झटके में सारी खुशियां चीत्कार में बदल गईं। इस दुखद हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इशाक डार के सामने राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर घेरा:कहा- आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ एकजुट हों, चीन पर भी निशाना
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता। मंत्री ने कहा कि आतंकवाद से निपटने में दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। आतंकियों को पैसा देने, उनका समर्थन करने और उन्हें पनाह देने वालों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार भी बैठक में मौजूद थे। राजनाथ ने कहा कि आतंकवाद से निर्दोष लोगों की जान जाती है। इससे निवेश और कारोबार प्रभावित होते हैं, समाज में कट्टरता बढ़ती है। उन्होंने सदस्य देशों से आतंकवाद के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करने की अपील की। राजनाथ ने अपने भाषण में पाकिस्तान या इशाक डार का नाम लेकर सीधे कोई आरोप नहीं लगाया। उन्होंने बिना नाम लिए चीन पर भी निशाना साधा और कहा कि कनेक्टिविटी के नाम पर किसी भी देश की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। राजनाथ बोले- संप्रभुता का सम्मान करते हुए योजनाएं बनें राजनाथ सिंह ने कहा कि देशों को जोड़ने वाली परियोजनाएं सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हुए बनाई जानी चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित देशों से सलाह-मशविरा करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन सिद्धांतों का पालन नहीं करने वाली परियोजनाएं लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हो सकतीं। भारत ऐसी परियोजनाओं का समर्थन करता है, जो देशों के बाजारों को जोड़ें, व्यापार बढ़ाएं और विकास के नए रास्ते खोलें। लेकिन इनके नाम पर किसी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। राजनाथ सिंह ने चीन का नाम नहीं लिया, लेकिन संप्रभुता और कनेक्टिविटी पर उनकी बात भारत के इसी पुराने रुख से जुड़ती है। इसके पीछे सबसे अहम मामला चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का है। BRI प्रोजेक्ट का विरोध करता है भारत चीन ने 2013 में बेल्ट एंड रोड (BRI) पहल शुरू की थी। इसका मकसद सड़क, रेल, बंदरगाह और दूसरी बुनियादी सुविधाओं के जरिए चीन को एशिया, यूरोप और अन्य क्षेत्रों के बाजारों से जोड़ना है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) बेल्ट एंड रोड (BRI) पहल की प्रमुख परियोजनाओं में से एक है। यह चीन के शिनजियांग क्षेत्र को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ता है। इसका एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से गुजरता है। भारत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के उन इलाकों को अपना हिस्सा मानता है, जिन पर पाकिस्तान का कब्जा है। भारत का कहना है कि इन इलाकों में चीन की परियोजनाएं उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े सवाल उठाती हैं। राजनाथ सिंह के बयान की 4 और अहम बातें… - चाबहार बंदरगाह पर: राजनाथ ने ईरान के चाबहार बंदरगाह और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इनसे मध्य एशिया को बड़े बाजारों से जोड़ने और व्यापार बढ़ाने में मदद मिल सकती है। - SCO की भूमिका पर: राजनाथ ने कहा कि संगठन में सिर्फ नई संस्थाएं बनाने से उपलब्धियां नहीं बढ़ेंगी। नई व्यवस्थाएं ऐसी होनी चाहिए, जो सदस्य देशों की जरूरतें पूरी करें, पहले से चल रहे काम को न दोहराएं और लोगों को सीधा फायदा पहुंचाएं। - दुनिया की आर्थिक चुनौतियों पर: भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार में रुकावटें, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा की चिंताएं और तकनीक के क्षेत्र में बढ़ता अंतर वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। राजनाथ ने इनसे निपटने के लिए आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने और व्यापार व निवेश को आसान बनाने पर जोर दिया। - व्यापार को आसान बनाने पर: राजनाथ ने कहा कि देशों को जोड़ने के लिए केवल सड़क, रेल और बंदरगाह बनाना काफी नहीं है। सीमा शुल्क की प्रक्रिया आसान करनी होगी, डिजिटल दस्तावेजों का इस्तेमाल बढ़ाना होगा और सामान की ढुलाई से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना होगा, ताकि कारोबार की लागत घटे।
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