Kal Ka Mausam: अगले 12 घंटे में बदल सकता है मौसम, 14 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी; जानें IMD का अपडेट
कल का मौसम, 21 अक्टूबर: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और इस बड़े बदलाव की मुख्य वजह दो समुद्री क्षेत्रों में एक साथ शुरू हुई हलचल है. एक तरफ दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, तो दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी और आसपास के तटीय इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. इन दोनों प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में बादलों का डेरा जमने लगा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों के लिए ताजा बुलेटिन जारी करते हुए देश के कम से कम 14 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. दक्षिण भारत के राज्यों में इस मौसमी बदलाव का सबसे तीखा असर देखने को मिलेगा, जबकि राजधानी दिल्ली और उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में फिलहाल मौसम सामान्य बना रहेगा.
अरब सागर में कम दबाव का गहरा असर
दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र समुद्र तल से काफी ऊंचाई तक फैला हुआ है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसके साथ जुड़ा चक्रवाती तंत्र समुद्र में लगातार मजबूती हासिल कर रहा है. यह मौसमी प्रणाली अगले कुछ घंटों तक अपनी तीव्रता बनाए रखते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगी. इसके बाद इसके सोमालिया तट की ओर मुड़ने का अनुमान लगाया गया है. इस सिस्टम के प्रभाव से खुले समुद्र में बहुत तेज हवाएं चल रही हैं और मौसमी हालात लगातार खराब बने हुए हैं. मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले नाविकों और मछुआरों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है. केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप के समुद्री किनारों पर अगले कुछ दिनों तक मछुआरों को समुद्र में न उतरने की साफ सलाह दी गई है ताकि किसी भी तरह के खतरे से बचा जा सके.
मौसम संबंधी चेतावनी
— India Meteorological Department (@Indiametdept) October 20, 2026
मुख्य बिंदु
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तमिलनाडु तट के ऊपर अगले 24 घंटों के दौरान निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के कारण तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 26 अक्टूबर तक भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है इसके अतिरिक्त, 20 से… pic.twitter.com/CpEkSROAY6
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ नया चक्रवाती सिस्टम
दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में भी एक बड़ा मौसमी ढांचा तैयार हो रहा है. तमिलनाडु तट के पास चक्रवाती परिसंचरण बनने से पूरे दक्षिण प्रायद्वीप में हवा का रुख बदल चुका है. इसके असर से अगले चौबीस घंटों के भीतर बंगाल की खाड़ी के इस हिस्से में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है. इसके अलावा थाईलैंड की खाड़ी और म्यांमार के पास बना एक अन्य चक्रवाती घेरा तेजी से उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ रहा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम आगे चलकर और गहरा होगा, जिससे दक्षिण-पूर्वी समुद्री क्षेत्रों में तूफानी हवाओं का दौर शुरू हो सकता है. इस दोहरे दबाव के चलते अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में मौसम बहुत बिगड़ सकता है और वहां भारी बारिश के साथ साठ किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है.
MP-महाराष्ट्र में भी बदलेगा मिजाज
समुद्र से उठने वाली नमी का असर सिर्फ तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य भारत के राज्यों में भी इसका असर दिखाई देगा. मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश, आकाशीय बिजली और तेज झोंके वाली हवाओं का पूर्वानुमान है. पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिन छिटपुट से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है.
इसी तरह महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बादलों के बरसने की उम्मीद है. पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नगालैंड और मिजोरम में भी कुछ स्थानों पर फुहारें पड़ सकती हैं.
दिल्ली में मौसम का हाल
दक्षिण और मध्य भारत में मूसलाधार बरसात के बीच उत्तर भारत का मौसम काफी अलग बना रहेगा. राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और यहां बारिश की कोई संभावना नहीं है. उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में भी फिलहाल किसी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है.
उत्तराखंड में बढ़ सकती है ठंड
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में कुछ दिनों बाद हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है, जिससे पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ सकती है. कुल मिलाकर, आने वाले कुछ दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो विपरीत रूप दिखाएंगे. एक तरफ जहां दक्षिण भारत के लोग भारी बरसात का सामना करेंगे, वहीं उत्तर भारत में मौसम शुष्क और सामान्य बना रहेगा.
प्रमुख शहरों का तापमान
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शहर |
अधिकतम तापमान (20 अक्टूबर) |
न्यूनतम तापमान (20 अक्टूबर) |
|---|---|---|
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दिल्ली |
31°C |
19°C |
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मुंबई |
36°C |
27°C |
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चेन्नई |
28°C |
26°C |
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कोलकाता |
32°C |
23°C |
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लखनऊ |
31°C |
18°C |
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पटना |
31°C |
20°C |
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रांची |
28°C |
17°C |
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भोपाल |
31°C |
20°C |
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जयपुर |
32°C |
19°C |
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शिमला |
22°C |
11°C |
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नैनीताल |
22°C |
12°C |
दक्षिण भारत में आफत बनेगी मूसलाधार बारिश
इस पूरे बदलाव का सबसे गंभीर प्रभाव तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है. निचले इलाकों में पानी भरने और यातायात रुकने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इन सभी राज्यों में अगले कई दिनों तक रुक-रुक कर तेज बरसात का दौर जारी रहने का अनुमान है.
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भारत-न्यूजीलैंड एफटीए व्यापारियों के लिए पीएम मोदी का दशहरा गिफ्ट : प्रवीण खंडेलवाल
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) का आज से लागू होना देश के कारोबारियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दशहरे का एक बड़ा उपहार है। यह बयान कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव और चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने मंगलवार को दिया।
आईएएनएस के साथ एक इंटरव्यू में खंडेलवाल ने कहा कि इस समझौते की सबसे बड़ी खासियत यह है कि न्यूजीलैंड को निर्यात किए जाने वाले भारतीय सामान पर शून्य प्रतिशत शुल्क लगेगा। इससे वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि इससे देशभर के व्यापारियों, उद्योगों और छोटे कारीगरों को निर्यात के माध्यम से कारोबार के महत्वपूर्ण अवसर मिलेंगे। देश के नौ करोड़ व्यापारियों की ओर से मैं विजयादशमी की शुभकामनाएं देता हूं और इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं।
खंडेलवाल ने कहा कि भारत के कई क्षेत्रों, विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, ऑटो स्पेयर पार्ट्स, अनाज और दालों, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल उत्पादों और फार्मास्यूटिकल्स को अब न्यूजीलैंड के बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह एफटीए भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता को दर्शाता है और लोकल टू ग्लोबल, आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत को सपोर्ट करता है।
खंडेलवाल ने कहा कि इस समझौते से कपड़ा एवं परिधान, चमड़ा एवं फुटवियर, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, कृषि उत्पादों और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों सहित कई क्षेत्रों के लिए निर्यात के महत्वपूर्ण अवसर पैदा होंगे।
कैट के अनुसार, न्यूजीलैंड के बाजार में शून्य शुल्क पर पहुंच मिलने से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने की उम्मीद है। इससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), कारीगरों, किसानों, विनिर्माताओं, महिला उद्यमियों और निर्यातकों को लाभ होगा।
इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करने में भी मदद करेगा। साथ ही, भारतीय पेशेवरों और युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार होगा।
भारत और न्यूजीलैंड ने 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं में द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह एफटीए निर्यात, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
खंडेलवाल ने कहा कि यह समझौता दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यापार-केंद्रित कूटनीति किस तरह भारतीय कारोबारियों को नए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद कर रही है, जबकि घरेलू स्तर पर संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा भी की जा रही है।
उन्होंने व्यापारियों, विनिर्माताओं और एमएसएमई से इस समझौते का लाभ उठाकर मेड इन इंडिया उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने का आग्रह किया।
--आईएएनएस
एबीएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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