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Mumbai Airport की क्षमता में 50 लाख यात्रियों की कटौती की तैयारी, Navi Mumbai जाएंगे स्लॉट

मुंबई हवाई अड्डे पर आने वाले समय में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 पर जगह की कमी को देखते हुए संचालक ने विमानन कंपनियों से कहा है कि 2027 की गर्मियों के उड़ान कार्यक्रम से हर साल करीब 50 लाख यात्रियों के बराबर क्षमता कम करनी होगी। इसके लिए कंपनियों को अपने अंतरराष्ट्रीय विमानों के संचालन में बदलाव करने के विकल्प दिए गए हैं।

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) ने सोमवार को एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी (एओसी) के सदस्यों को भेजे ईमेल में कहा कि कंपनियां चाहें तो मुंबई के टर्मिनल 2 से अपनी करीब एक-तिहाई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ले जा सकती हैं। दूसरा विकल्प इन उड़ानों को 2030 तक मुंबई से बंद रखने का है। कंपनियां इसके अलावा दूसरे रास्तों पर भी विचार कर सकती हैं। एमआईएएल ने साफ किया कि 2027 की गर्मियों और उसके बाद की उड़ानों को लेकर फैसला करने की पूरी आजादी संबंधित कंपनियों के पास होगी।

कंपनी ने यह भी भरोसा दिया है कि मुंबई हवाई अड्डे पर विमानन कंपनियों को पहले से मिले उड़ान समय यानी स्लॉट बरकरार रहेंगे। टर्मिनल 1 के दोबारा निर्माण का काम पूरा होने के बाद 2030 में इन स्लॉट को फिर से बहाल कर दिया जाएगा। एमआईएएल के मुताबिक, कंपनियों से बातचीत करने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि फैसले को एकतरफा कार्रवाई के रूप में न देखा जाए।

हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर हवाई अड्डा संचालक और विमानन कंपनियों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। टर्मिनल 1 के चरणबद्ध पुनर्निर्माण के दौरान वहां से प्रभावित होने वाले घरेलू यात्रियों को जगह देने के लिए टर्मिनल 2 की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती का प्रस्ताव रखा गया है। विमानन कंपनियों ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि उनकी मंजूरी के बिना पहले से आवंटित उड़ान समय में कटौती या उन्हें रद्द नहीं किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी ने शनिवार को एमआईएएल को पत्र लिखकर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई हवाई अड्डे पर ट्रांसफर करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। कमेटी ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय की मई 2013 में जारी उड़ान समय आवंटन संबंधी गाइडलाइन और अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ के नियमों का पालन करने की मांग की है। साथ ही, उसने प्रस्तावित बदलावों के समर्थन में क्षमता से जुड़े आकलन, संचालन के आंकड़े और टर्मिनल 1 के पुनर्निर्माण की पूरी योजना भी मांगी है। इसमें इमारत की सुरक्षा जांच, काम के अलग-अलग चरण और उन्हें पूरा करने की समय-सीमा शामिल है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, विवाद 1 अक्टूबर को शुरू हुआ था, जब एमआईएएल ने 25 अक्टूबर से मुंबई हवाई अड्डे की हर सप्ताह की 770 अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान उड़ानों में से 265 स्लॉट कम करने का प्रस्ताव रखा था। इसका मकसद टर्मिनल 1 से प्रभावित होने वाले करीब 50 लाख घरेलू यात्रियों के लिए टर्मिनल 2 पर जगह बनाना है।

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Delhi High Court पहुंचे CJP कार्यकर्ता Saurav Das और Ashutosh Ranka, SEM हिरासत आदेश को दी चुनौती

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सौरभ दास और आशुतोष रांका ने अपनी न्यायिक हिरासत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनके वकील ने इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की है। यह घटनाक्रम एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) द्वारा दोनों कार्यकर्ताओं की हिरासत को 21 अक्टूबर तक बढ़ाए जाने के एक दिन बाद सामने आया है। अब उनकी कानूनी टीम हिरासत के इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग कर रही है।

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वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका कुछ अन्य लोगों के साथ मंगलवार को भारी बैरिकेडिंग और कड़ी सुरक्षा को भेदते हुए जंतर-मंतर पहुंच गए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। हालांकि पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी जंतर मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया जिसका मतलब है कि अब इस स्थान पर धरना-प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘एक्स पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टैग करते हुए कहा, आप प्रतिरोध की आवाज को दबा नहीं सकते। संगठन ने अपनी कार्रवाई को जंतर-मंतर पर फिर से अपना अधिकार स्थापित करने और विरोध-प्रदर्शन के अधिकार की बहाली के लिए प्रयास बताया।

कॉजपा ने एक बयान में कहा, किला बने जंतर मंतर पर पुनः अधिकार कर लिया गया है। इसमें कहा गया कि इसके सदस्यों ने भारी बैरिकेड वाली जगह में प्रवेश किया और वहां तिरंगा फहराया। कॉजपा ने जंतर मंतर को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से बाहर करने की निंदा की। इस संगठन ने नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर जंतर मंतर पर 36 दिन तक धरना दिया था जिसके चलते धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। इससे पहले, दीपके, दास और रांका को शनिवार को एक उड़ान से दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिस कर्मियों ने विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने यह कार्रवाई सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर संगठन द्वारा आहूत प्रदर्शन के मद्देनजर किए गए व्यापक सुरक्षा उपायों के तहत की थी। हालांकि उन्हें एक दिन बाद इस शर्त पर रिहा कर दिया गया कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे।

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हालांकि, कॉजपा नेताओं ने सीईसी के इस्तीफा देने तक अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा था, निर्धारित स्थल पर प्रदर्शन शांति में खलल नहीं डाल रहा है। कॉजपा के अनुसार, रांका, दास और अजिंक्य शिंदे सहित उसके लगभग 11 सदस्यों को मंगलवार को हिरासत में लिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं छापने का अनुरोध करते हुए कहा कि दास, रांका और कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। दीपके ने ‘एक्स’ पर कहा, तिरंगा के साथ कॉकरोच आज तड़के दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े जाने से पहले जंतर-मंतर में दाखिल हो गए। दीपके ने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें कॉजपा सदस्यों को भारी बैरिकेड वाले जंतर-मंतर की ओर भागते हुए और फिर एक गेट से कूदते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान उन्होंने भारत माता की जय जैसे नारे लगाए तथा सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग की। हालांकि पुलिस कर्मियों ने पकड़ लिया।

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  Sports

न्यूजीलैंड से जीत को कभी तरसता था भारत:पहली जीत में 10 साल लगे; अब लगातार तीसरी टी-20 सीरीज जीतने का मौका

2007 में भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। टूर्नामेंट में टीम को सिर्फ एक हार मिली और वह न्यूजीलैंड के खिलाफ थी। इसके बाद भी भारत को इस टीम के खिलाफ पहली जीत हासिल करने में 10 साल लग गए। अब तस्वीर बदल चुकी है। 2020 से भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार पांच द्विपक्षीय टी-20 सीरीज जीत चुका है। इनमें तीन सीरीज भारत में और दो न्यूजीलैंड में खेली गईं। 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड में पांच मैचों की सीरीज शुरू होगी। यह बदलाव कैसे आया, न्यूजीलैंड में खेलना भारत के लिए अलग चुनौती क्यों है और इस बार कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने क्या सवाल होंगे? इसे 5 फैक्ट में समझते हैं… 1. पहली जीत 53 रन से मिली भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला टी-20 मुकाबला 2007 में जोहान्सबर्ग में हुआ था। भारत को इसमें 10 रन से हार मिली। 2009 के न्यूजीलैंड दौरे पर भी टीम इंडिया दोनों मैच गंवा बैठी। 2012 में चेन्नई में जीत करीब आई, लेकिन भारतीय टीम एक रन से चूक गई। 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप में नागपुर में घरेलू मैदान पर खेलते हुए भी भारत 47 रन से हार गया। लगातार नाकामियों के बाद भारत ने 1 नवंबर 2017 को दिल्ली में पहली बार न्यूजीलैंड को हराया। रोहित शर्मा और शिखर धवन ने 80-80 रन की पारियां खेलीं, जिससे मेजबान टीम ने 20 ओवर में 202/3 का स्कोर बनाया। जवाब में कीवी टीम 149/8 तक ही पहुंच सकी। भारत ने 53 रन से मुकाबला जीत लिया। 2. 2020 से भारत का दबदबा, लगातार 5 सीरीज जीतीं भारत की तस्वीर 2020 में बदली। न्यूजीलैंड दौरे पर पांच मैचों की सीरीज में भारतीय टीम ने सभी मुकाबले जीते। इनमें दो मैच निर्धारित 20 ओवरों के बाद टाई हुए थे, लेकिन दोनों बार भारत ने सुपर ओवर में जीत दर्ज की। सुपर ओवर वह अतिरिक्त ओवर होता है, जिसमें टाई मैच का फैसला करने के लिए दोनों टीमों को एक-एक ओवर खेलने का मौका मिलता है। इसके बाद 2021 में न्यूजीलैंड भारत दौरे पर आया। भारतीय टीम ने तीनों मैच जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम की। 2022-23 में भारत ने न्यूजीलैंड में फिर सीरीज जीती। पहले मैच में बारिश के कारण खेल नहीं हो सका। दूसरे में सूर्यकुमार यादव के नाबाद 111 रन की मदद से भारत ने 65 रन से जीत दर्ज की। तीसरा मैच बारिश से प्रभावित हुआ और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम के तहत टाई रहा। यह नियम बारिश के कारण ओवर कम होने पर दोनों टीमों के लक्ष्य की तुलना करने के लिए इस्तेमाल होता है। 3. न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत 2019 में मिली न्यूजीलैंड की धरती पर पहली जीत के लिए टीम को फरवरी 2019 तक इंतजार करना पड़ा। ऑकलैंड में खेले गए दूसरे मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को सात विकेट से हराया। हालांकि, तीन मैचों की सीरीज न्यूजीलैंड ने 2-1 से जीती थी। न्यूजीलैंड में खेलना आसान नहीं है। इसकी वजह वहां की परिस्थितियां हैं। कुछ मैदानों पर नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हवा में स्विंग और पिच से उछाल मिल सकता है। मैदान की बाउंड्री भी हर दिशा में एक जैसी नहीं होती, इसलिए बल्लेबाजों को यह समझना होता है कि किस दिशा में शॉट खेलना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। 4. 2026 में वर्ल्ड कप फाइनल में हराया भारत ने इस साल टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भी न्यूजीलैंड को हराया था। 8 मार्च को अहमदाबाद में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 255/5 रन बनाए। संजू सैमसन ने 46 गेंदों पर 89 रन, ईशान किशन ने 25 गेंदों पर 54 रन और अभिषेक शर्मा ने 21 गेंदों पर 52 रन बनाए। भारत ने पारी के पहले छह ओवर यानी पावरप्ले में बिना विकेट गंवाए 92 रन जोड़ दिए। इसका मतलब था कि टीम ने शुरुआत से ही तेज रन बनाए और कोई विकेट भी नहीं खोया। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 159 रन पर ऑलआउट हो गई। जसप्रीत बुमराह ने 15 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि अक्षर पटेल को तीन विकेट मिले। 5. श्रेयस की कप्तानी और भुवनेश्वर की वापसी पर नजर इस सीरीज में भारत की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे और न्यूजीलैंड की टीम मिचेल सैंटनर की अगुआई में उतरेगी। अय्यर के लिए यह सीरीज सिर्फ जीत का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका नहीं है, बल्कि विदेशी परिस्थितियों में रणनीतिक फैसले लेने की परीक्षा भी होगी। कप्तान को मैच के दौरान कई फैसले लेने होते हैं। शुरुआत में किस बल्लेबाज को भेजना है, किस गेंदबाज को किस समय गेंद देनी है और आखिरी ओवरों में रन तेजी से बनाने के लिए कितने विकेट बचाने हैं। अय्यर की कप्तानी में भारत का विदेश में रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। टीम को आयरलैंड ने पहली बार हराया था। इसके बाद इंग्लैंड से भी टीम को हार का सामना करना पड़ा। भुवनेश्वर कुमार की वापसी भी भारत के लिए अहम होगी। उन्होंने आखिरी मैच नवंबर 2022 में खेला था। नई गेंद से गेंद को हवा में घुमाना उनकी खासियत रही है। Tue, 20 Oct 2026 23:00:00

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