एनडीपीएस के कैदी की करतूत: सिर पर लगाई टोपी में छुपा रखी थीं नशीली गोलियां, चेकिंग के दौरान हुआ खुलासा
मध्य प्रदेश की कनावटी (नीमच) जिला जेल में सुरक्षा को धता बताकर नशा तस्करी का एक अनोखा मामला सामने आया है। राजसमंद से ट्रांसफर होकर आए एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक शातिर कैदी ने सिर पर पहनने वाले टोपी (कैप) की सिलाई में नशीली गोलियां छुपा रखी थीं। हालांकि, जेल में प्रवेश से पहले कड़ी निगरानी और तलाशी के दौरान मुस्तैद जेल प्रहरियों ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।
तलाशी में खुला राज, सिलाई के अंदर मिलीं गोलियां
जानकारी के अनुसार, एनडीपीएस मामले में विचाराधीन कैदी श्रवण (पिता रतनलाल जाट) को हाल ही में पुलिस सुरक्षा के बीच राजसमंद जेल से नीमच शिफ्ट किया गया था। जेल मैनुअल के तहत जब उसकी बारीकी से तलाशी ली गई, तो प्रहरियों को उसके टोपे की बनावट कुछ संदिग्ध लगी। शक होने पर जब टोपे की सिलाई खोली गई, तो उसके अंदर से 2 नशीली गोलियां बरामद हुईं।
भूख हड़ताल की फैलाई झूठी अफवाह
जेल के अंदर नशा ले जाने की इस घटना के बाद परिसर में हड़कंप मच गया। इस बीच माहौल बिगाड़ने और दबाव बनाने के लिए यह सनसनीखेज अफवाह भी फैलाई गई कि जेल में 5 कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि, जेल प्रबंधन ने इसे कोरी अफवाह बताते हुए तत्काल खारिज कर दिया।
हाई-सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट, की गई कार्रवाई
नशीली गोलियां मिलने के बाद जेल प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है। आरोपी कैदी श्रवण और उसके संदिग्ध साथियों को तुरंत अलग-अलग हाई-सिक्योरिटी बैरकों में शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही इन बंदियों को जेल नियमों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए दण्डित किया गया है। इस मामले की पुष्टि करते हुए जिला जेल अधीक्षक एनएस राणा ने बताया कि कैदी के पास से नशे की दो गोलियां बरामद की गई हैं। जेल प्रशासन अब कैदियों के इस नेटवर्क और उनकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहा है।
कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट
उज्जैन में दशहरा का परंपरागत अंदाज, शस्त्र पूजन के बाद हुआ हर्ष फायर
दशहरा के मौके पर उज्जैन स्थित डीआरपी पुलिस लाइन में सामूहिक शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया। इस सामूहिक शस्त्र पूजन में कई प्रशासनिक अधिकारी सम्मिलित हुए। सबसे पहले वैदिक मंत्रोंच्चार के बीच माता काली की पूजा की गई और उसके बाद हवन हुआ।
हवन पूजन संपन्न होने के बाद एसपी प्रदीप शर्मा और एडीजी राकेश गुप्ता हर्ष फायर करते हुए दिखाई दिए। कार्यक्रम के बाद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने एक दूसरे को दशहरे की शुभकामनाएं दी और साथ में शहरवासियों को भी इस पर्व की बधाई दी।
साफा पहनकर हुआ पूजन
शस्त्र पूजन की इस परंपरा में सभी प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पारंपरिक साफा पहने हुए देखा गया। सभी ने विधि विधान से पूजा की। हवन पूरा होने के बाद प्रतीकात्मक रूप से कद्दू काटकर बली की परंपरा को भी निभाया गया। इसके बाद घोड़े को गुड़ खिलाकर शासकीय पुलिस वाहनों का पूजन किया गया। पूजा संपन्न होने के बाद अधिकारी हर्ष फायर की परंपरा निभाते दिखाई दिए।
शस्त्र पूजा की है परंपरा
बता दें कि दशहरा पर शस्त्र पूजा किए जाने की परंपरा आज से नहीं बल्कि सदियों से चली आ रही है। पुलिस विभाग में होने वाली इस पूजा को शक्ति, साहस और समर्पण के संदेश के तौर पर देखा जाता है। इस अवसर पर शास्त्रों और वाहनों की पूजा कर उसे संकल्प को व्यक्त किया जाता है। जिसमें हर पुलिस अधिकारी जन सुरक्षा के दायित्व को पूरा करने की जिम्मेदारी लेता है।
ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
पुलिस लाइन में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा के साथ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। सभी ने मिलजुलकर ये त्यौहार मनाया।
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