Tamil Nadu CM विजय पर अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में DMK पार्षद सुधा दीनदयालन पर FIR दर्ज
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में द्रमुक की एक पार्षद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने इस घटना को लेकर विपक्षी द्रमुक की आलोचना करते हुए उसके नेताओं से माफी मांगने की मांग की।
पुलिस के अनुसार, चेन्नई नगर निगम की द्रमुक पार्षद सुधा दीनदयालन और पार्टी पदाधिकारी मुरलीधरन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मुरलीधरन ने सात अक्टूबर को यहां पार्टी के एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। दीनदयालन द्रमुक की चेन्नई पूर्व जिला महिला शाखा की संयोजक हैं।
आरोप है कि दीनदयालन ने पूर्व मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन की आलोचना करने पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विजय के लिए अपमानजनक टिप्पणियां कीं। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में वह कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए नेताओं के शारीरिक रूप-रंग को लेकर टिप्पणी करती दिखाई दीं। ग्रेटर चेन्नई सिटी पुलिस ने टीवीके के बंदरगाह क्षेत्र के सचिव उदयकुमार की शिकायत पर सार्वजनिक अव्यवस्था भड़काने की कोशिश के आरोप में मामला दर्ज किया।
शिकायत में मुरलीधरन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। तमिलनाडु के लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री तथा टीवीके महासचिव आधव अर्जुन ने द्रमुक की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसके राजनीतिक मंचों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नेताओं से माफी मांगने की मांग की। घटना के समय द्रमुक की उप महासचिव एवं सांसद कनिमोझी, पूर्व मंत्री सेकर बाबू और चेन्नई की मेयर आर प्रिया मंच पर मौजूद थे। द्रमुक ने बाद में एक वीडियो साझा कर दावा किया कि कनिमोझी और सेकर बाबू ने कार्यक्रम के बाद दीनदयालन को फटकार लगाई और राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने को कहा।
कनिमोझी ने कार्यक्रम में द्रविड़ आंदोलन की विचारधारा का उल्लेख किया था। उन्होंने विधानसभा में बहस के स्तर पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय सोशल मीडिया के लिए नाटकीय दिखावा करता है।
Himanta Biswa Sarma का बड़ा कदम, Assam के 3 जिलों में 638 हेक्टेयर जमीन अतिक्रमण मुक्त
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को कहा कि पिछले कुछ दिनों में राज्य के तीन जिलों में 638 हेक्टेयर से अधिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि गोलाघाट, होजाई और नगांव जिलों में बड़े भूभाग पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के हितों की रक्षा के लिए काम करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने पोस्ट में कहा, ‘‘हमारे प्रशासन का ‘रौद्र रूप’ तीन जिलों में उन अतिक्रमणकारियों पर पड़ा, जिन्होंने गोलाघाट, होजाई और नगांव में बड़े भूभाग पर अवैध कब्जा कर रखा था।’’ उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान 638 हेक्टेयर से अधिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया और सरकार असम के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह तीनों जिलों में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया गया। इस दौरान संरक्षित क्षेत्रों से करीब 1,000 परिवारों को हटाया गया।
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