Lucknow Airport पर 108 से बढ़कर 134 हुईं Daily Flights, 25 अक्टूबर से नया शेड्यूल
चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, लखनऊ, सर्दियों के कार्यक्रम के तहत अपने दैनिक उड़ान आवागमन को 108 से बढ़ाकर 134 करने जा रहा है। इसके अलावा यहां 17 नवंबर से बैंकॉक के लिए सीधी उड़ानें फिर से शुरू होंगी। हवाई अड्डा सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सर्दियों की समयसारिणी 25 अक्टूबर से लागू होगी और एक नवंबर से इसका पूर्ण कार्यान्वयन किया जाएगा। एक हवाई अड्डा सूत्र ने कहा कि प्रस्तावित विस्तार एयरलाइन कंपनियों द्वारा प्रस्तुत सारिणी पर आधारित है।
सर्दियों का कार्यक्रम अबू धाबी और रियाद सहित 20 घरेलू और 10 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए संपर्क उपलब्ध कराएगा। लखनऊ और बैंकॉक के डॉन मुआंग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (डीएमके) के बीच सीधी उड़ानें बहाल की जा रही हैं, जिसका संचालन थाई एयरएशिया 17 नवंबर से करेगी। सूत्र ने बताया, यह उड़ान रात 10:35 बजे (2235 बजे) लखनऊ पहुंचेगी और रात 11:30 बजे (2330 बजे) यहां से रवाना होगी। इससे यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए एक और विकल्प मिल जाएगा। हवाई अड्डा प्रशासन सर्दियों के मौसम की तैयारियों को भी तेज़ कर रहा है, खासकर कम दृश्यता और घने कोहरे से निपटने के लिए, जो उड़ानों के संचालन में बाधा डाल सकते हैं।
सूत्र ने बताया कि कोहरे के मौसम में सुरक्षित उड़ान संचालन सुनिश्चित करने और तैयारियों की समीक्षा करने के लिए हवाई अड्डे ने हाल ही में एयरलाइन भागीदारों, एयर ट्रैफिक कंट्रोल , भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और अन्य संबंधित पक्षों के साथ प्री-लो विजिबिलिटी प्रोसीजर (एलवीपी) पर एक समन्वय बैठक की है। इस साल जनवरी से, परिचालन में रुकावटों के कारण अन्य हवाई अड्डों से लखनऊ की ओर मोड़ी गई लगभग 149 उड़ानें यहां उतरीं।
सूत्र ने बताया कि इस कदम से मुश्किल हालात में भी उड़ानों का संचालन लगातार जारी रखने में मदद मिली है। हालांकि, यह प्रस्तावित विस्तार एयरलाइन सहयोगियों द्वारा दिए गए कार्यक्रम पर आधारित है। एयरलाइन के फैसलों और परिचालन की ज़रूरतों के हिसाब से उड़ानों की संख्या, उनके फेरे (फ्रीक्वेंसी) और समय में बदलाव हो सकता है। सूत्र ने आगे बताया कि पश्चिमी एशिया में चल रहे संकट सहित भू-राजनीतिक हालात में होने वाले बदलावों का भी इन उड़ानों पर असर पड़ सकता है।
त्योहारी सीजन में PepsiCo India को खाद्य कारोबार में पिछले साल जैसी वृद्धि की उम्मीद
पेप्सिको इंडिया को उम्मीद है कि उसका खाद्य कारोबार चालू त्योहारी सीजन में पिछले साल के समान वृद्धि दर्ज करेगा। कंपनी को नए उत्पादों की पेशकश और उपभोक्ताओं की बदलती पसंद के अनुरूप सुविधाजनक विकल्पों की बढ़ती मांग से कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है। कंपनी की एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह बात कही।
पेप्सिको इंडिया में खाद्य कारोबार की मुख्य विपणन अधिकारी साक्षी वर्मा मेनन ने कहा कि कंपनी त्योहारी सत्र में उपभोक्ताओं की अलग-अलग पसंद को ध्यान में रखते हुए स्नैक्स, स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर माने जाने वाले उत्पाद और प्रीमियम सामान की अपनी पेशकश का विस्तार कर रही है। मेनन ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि त्योहारों में पेप्सिको फूड्स का कारोबार पिछले साल की तरह बढ़ेगा और हम उद्योग के अनुरूप वृद्धि दर्ज करेंगे।’’
कंपनी ने हाल ही में ई-कॉमर्स मंच पर अपने ‘रेडी-टू-ईट’ उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाई है, ताकि उपभोक्ताओं को त्योहारी सीजन में स्नैक्स खरीदने में आसानी हो। उन्होंने कहा कि कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं के बदलते स्वाद और खाने-पीने के अलग-अलग अवसरों को ध्यान में रखते हुए नए उत्पाद पेश करने पर काम कर रही है। इसके लिए कंपनी की शोध एवं विकास टीम बाजार की जरूरतों के अनुरूप उत्पाद विकसित कर रही हैं। मेनन के मुताबिक, कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड और नए उत्पाद मिलकर उपभोक्ताओं की विविध पसंद को पूरा करने में मदद करते हैं।
इस बीच, कोका-कोला की भारत की सबसे बड़ी बॉटलिंग कंपनी एसएलएमजी बेवरेजेज ने कहा है कि मौजूदा त्योहारी सत्र में उसका कारोबार दोहरे अंक में बढ़ रहा है। नवरात्रि के बाद कंपनी की बिक्री में तेजी आई है और दिवाली के ‘गिफ्ट पैक’ के लिए उसे बड़ी संख्या में ऑर्डर मिल रहे हैं। कंपनी के संयुक्त प्रबंध निदेशक परितोष लधानी ने साक्षात्कार में कहा कि बिक्री में तेजी देखने को मिल रही है। दिवाली के लिए पेश किए गए गिफ्ट पैक और अन्य सामान के लिए भी कंपनी को अच्छी संख्या में ऑर्डर मिले हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि त्योहारी अवधि में मांग मजबूत बनी रहेगी।
लधानी ने कहा कि नवंबर और दिसंबर पेय पदार्थ कारोबार के लिए महत्वपूर्ण महीने हैं, क्योंकि इस दौरान दिवाली, क्रिसमस और नए साल के उत्सव के चलते मांग बढ़ती है। उन्होंने बताया कि कंपनी चीनी और पैकेजिंग सामग्री सहित विभिन्न कच्चे माल की बढ़ती लागत का सामना कर रही है।
हालांकि, कीमतों में और बढ़ोतरी को लेकर कंपनी फिलहाल ‘देखो और इंतजार करो’ की नीति अपना रही है। कंपनी उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों को किफायती बनाए रखने पर ध्यान दे रही है। साथ ही, बिक्री की मात्रा बढ़ाकर कच्चे माल की बढ़ती लागत के असर को कम करने की कोशिश की जा रही है।
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