ICC T20 World Cup 2026 VI Plans: टी20 विश्व कप फ्री में दिखेगा वोडाफोन आईडिया के इन प्लांस के साथ, जानिए सभी के बारे में
हम आपको VI के वो प्रीपेड प्लांस बताने जा रहे हैं जिन पर आपको Jio Hotstar की फ्री सब्सक्रिप्शन मिलेगी
अनिल अंबानी बोले- बिना अनुमति देश छोड़कर नहीं जाऊंगा:₹40 हजार करोड़ के बैंक फ्रॉड केस में SC में हलफनामा, जांच में सहयोग भी करेंगे
अनिल अंबानी आज यानी 19 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया है। इसमें उन्होंने वचन दिया है कि वे अदालत की अनुमति के बिना भारत छोड़कर नहीं जाएंगे। यह हलफनामा उनके रिलायंस अनिल धीरभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) की कंपनियों से जुड़ी 40,000 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी की जांच के बीच आया है। अंबानी ने अदालत को यह भी भरोसा दिलाया है कि वे ED और CBI द्वारा की जा रही जांच में पूरी तरह से सहयोग करेंगे। फिलहाल ये दोनों एजेंसियां अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) की कंपनियों के खिलाफ जांच कर रही हैं। मुकुल रोहतगी द्वारा दिए गए मौखिक वादे की पुष्टि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अनिल अंबानी ने अपने हलफनामे में आधिकारिक तौर पर उस अंडरटेकिंग (वचन) को अपना लिया है, जो उनकी ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने 4 फरवरी को कोर्ट में पेश की थी। तब रोहतगी ने अदालत को मौखिक रूप से आश्वस्त किया था कि अंबानी देश छोड़कर नहीं जाएंगे। अब लिखित हलफनामा दाखिल होने के बाद यह कानूनी रूप से जरूरी हो गया है। क्या है ₹40,000 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला? बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी होगी जांच सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियों को कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि एजेंसियां इस बात की भी तुरंत जांच करें कि क्या बैंक अधिकारियों की इस धोखाधड़ी में कोई मिलीभगत थी। जांच में फंड्स के गलत इस्तेमाल का खुलासा ED ने अब तक की अपनी जांच में पाया है कि रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL) और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस (RCFL) में बड़े पैमाने पर फंड्स का गलत इस्तेमाल हुआ। 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने RHFL में 2,965 करोड़ और RCFL में 2,045 करोड़ का इन्वेस्टमेंट किया था। दिसंबर 2019 तक ये अमाउंट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) बन गए। RHFL का 1,353 करोड़ और RCFL का 1,984 करोड़ अभी तक बकाया है। कुल मिलाकर यस बैंक को 2,700 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ। ED के मुताबिक ये फंड्स रिलायंस ग्रुप की दूसरी कंपनियों में डायवर्ट किए गए। लोन अप्रूवल प्रोसेस में भी कई गड़बड़ियां मिलीं। जैसे, कुछ लोन उसी दिन अप्लाई, अप्रूव और डिस्बर्स हो गए। फील्ड चेक और मीटिंग्स स्किप हो गईं। डॉक्यूमेंट्स ब्लैंक या डेटलेस मिले। ED ने इसे 'इंटेंशनल कंट्रोल फेल्योर' बताया है। जांच PMLA की धारा 5(1) के तहत चल रही है और 31 अक्टूबर 2025 को अटैचमेंट ऑर्डर जारी हुए।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Republic Bharat




















