दिल्ली सरकार टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित जनप्रतिनिधियों के जागरूकता कार्यशाला में हिस्सा लिया और नागरिकों, कॉरपोरेट क्षेत्र तथा सामाजिक संगठनों से इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए टीबी मरीजों की पहचान और पंजीकरण के लक्ष्यों के मुकाबले दिल्ली ने लगातार अपने वार्षिक लक्ष्य का 95 प्रतिशत से अधिक हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि टीबी अब पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है और समय पर जांच तथा पूरा उपचार कराने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं।
यह कार्यक्रम दिल्ली सचिवालय में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन द्वारा आयोजित किया गया था।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में टीबी मुक्त भारत अभियान अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि जनभागीदारी पर आधारित एक राष्ट्रीय जनआंदोलन बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व ने टीबी उन्मूलन को देशव्यापी जन आंदोलन का रूप दिया है और निर्धारित समयसीमा में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष वीडियो प्रदर्शित किया। वहीं दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन ने टीबी मुक्त भारत अभियान की उपलब्धियों, वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री ने टीबी उन्मूलन अभियान से जुड़े विभिन्न सूचना और जागरूकता स्टॉलों का भी निरीक्षण किया।
उन्होंने विशेष रूप से ‘निक्षय मित्र’ पहल से जुड़े स्टॉल का दौरा किया और टीबी मरीजों को दिए जा रहे पोषण सहायता, सामुदायिक भागीदारी, जनसहयोग, मरीजों के पुनर्वास और डिजिटल सहायता तंत्र के बारे में जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ अभियान की प्रगति, मरीजों तक पहुंच रही सेवाओं और जनभागीदारी को मजबूत बनाने के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस अभियान को हर वार्ड, विधानसभा क्षेत्र और स्थानीय इलाके तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस जन आंदोलन का हिस्सा बन सकें।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह, सांसद, विधायक, पार्षद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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PAK vs WI: 4 साल बाद टेस्ट में अपने शतक से चूके बाबर आजम, पाकिस्तानी कप्तान को इस तरह होना पड़ा आउट
PAK vs WI: वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला जा रहा है. इस मैच में वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में 344 रन बनाए और उसकी पूरी टीम सिमट गई. इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने इमाम उल-हक (14 रन) के रूप में जल्दी विकेट जरूर गंवाया, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी रही. पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे. उनके पास शतक लगाने का एक अच्छा मौका था, लेकिन फिर वह 88 के स्कोर पर रनआउट हो गए. बाबर अगर शतक लगाते तो 4 साल बाद टेस्ट में उनके बल्ले से शतक आता, लेकिन वह अपना विकेट गंवा बैठे.
दूसरे दिन 86 रन बनाकर नाबाद रहे थे बाबर
पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन नाबाद 86 रन बनाए थे. इसके बाद तीसरे दिन का खेल जब शुरू हुआ तो बाबर अपने शतक के बेहद करीब पहुंच गए थे. ऐसा लगा था कि 4 साल बाद आखिरकार उनके बल्ले से टेस्ट में शतक आने वाला है. उन्होंने शुरू में संभलकर खेला और 2 रन जोड़े, लेकिन फिर पारी के 75वें ओवर में तेजी से सिंगल चुराने की जल्दबाजी में वह रनआउट हो गए. उन्हें ब्रैंडन किंग ने रनआउट किया. इस तरह बाबर आजम 147 गेंदों का सामना करते हुए 88 रन बनाकर रनआउट हो गए. इस दौरान उनके बल्ले से 10 चौके और एक छक्का निकला. बता दें कि साल 2022 के बाद से टेस्ट में बाबर आजम शतक लगाने में कामयाब नहीं हो पाए हैं.
What a horrible way to extend your drought in Test cricket.
— Cricbuzz (@cricbuzz) August 4, 2026
Babar Azam gets run out for 88.
It's been 1317 days since he last scored a Test ton ???????? pic.twitter.com/7Ph0Gtdfc0
सिंगल चुराने के चक्कर में अपना रनआउट हुए बाबर आजम
बाबर आजम ने जोमेल वारिकैन के ओवर की पांचवीं गेंद पर कवर की तरफ शॉट खेला और एक रन लेने के लिए तेजी से दौड़े, लेकिन उन्होंने दूसरे छोर पर खड़े अब्दुल्ला शफीक को सिंगल लेने का इशारा नहीं किया. शफीक को लगा कि यह काफी क्लोज (खतरनाक) हो सकता है, तो उन्होंने रन लेने से साफ मना कर दिया, लेकिन तब तक बाबर क्रीज से काफी आगे निकल चुके थे. उन्होंने वापस क्रीज के अंदर पहुंचने के लिए डाइव भी लगाई, लेकिन ब्रैंडन किंग के डायरेक्ट थ्रो ने उनका काम तमाम कर दिया. इस तरह बाबर को एक रन के चक्कर में अपना विकेट गंवाना पड़ा.
Babar Azam got himself run out by King just 12 runs short of his Hundred???? pic.twitter.com/LxbT11BeMY
— Dinda Academy (@academy_dinda) August 4, 2026
बाबर आजम ने अपने नाम किया एक खराब रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा बार रन-आउट होने वाले बल्लेबाजों की सूची में पूर्व दिग्गज खिलाड़ी जावेद मियांदाद शीर्ष पर हैं, जो अपने टेस्ट करियर में कुल 8 बार रन-आउट हुए. अब इस मामले में दूसरे नंबर पर बाबर आजम पहुंच गए हैं. बाबर आजम ने पूर्व कप्तान अजहर अली और दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम की बराबरी कर ली है. ये तीनों खिलाड़ी अपने-अपने टेस्ट करियर के दौरान 7-7 बार रन-आउट हो चुके हैं.
टेस्ट में पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा बार रन-आउट होने वाले खिलाड़ी
8 – जावेद मियाँदाद
7 – बाबर आजम
*7 – अजहर अली
7 – वसीम अकरम
Most run-outs for Pakistan in Tests
— Cricbuzz (@cricbuzz) August 4, 2026
8 - Javed Miandad
7 - Babar Azam*
7 - Azhar Ali
7 - Wasim Akram
???????????? https://t.co/JnzQtJR88S
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