Delhi में न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री पहुंचा, AQI मध्यम श्रेणी में दर्ज
दिल्ली में मंगलवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से कम 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 161 रहा और वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पालम में न्यूनतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम है। वहीं, लोधी रोड में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसमी औसत के बराबर है।
रिज में न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। वहीं, आयानगर में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसमी औसत से 0.8 डिग्री कम है। आईएमडी के अनुसार, दिन में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 161 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली ने अनुमान जताया है कि मंगलवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में रहेगी, जबकि बुधवार से इसके खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
पेरिस मुस्लिम शहर बनने जा रहा है? फ्रांस में हो रहे हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच Donald Trump का बड़ा दावा
फ्रांस में महंगाई, स्कूली शिक्षा के गिरते स्तर और खराब आर्थिक हालत के खिलाफ शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन अब हिंसक हो गए हैं। हालात को संभालने के लिए कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में हुई हिंसा के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की इमिग्रेशन पॉलिसी को जिम्मेदार बताया है।
ट्रंप ने मैक्रों की नीति पर उठाए सवाल
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में फ्रांस के हालात को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने लिखा, "फ्रांस इस समय हिंसा की आग में जल रहा है। फ्रांस जल रहा है! एक पूरी तरह से अलग दुनिया के लोगों का आव्रजन, जिनके दिलों में नफरत भरी है, उसने इस महान देश को तबाह कर दिया है। बहुत देर होने से पहले अपनी सीमाओं को बंद करें और स्थिति पर नियंत्रण पाएं।" ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर मैक्रों सरकार ने सख्त कदम नहीं उठाए तो पेरिस के हालात और खराब हो सकते हैं।
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पेरिस जल्द मुस्लिम शहर बनने जा रहा है
ट्रंप ने दावा किया कि पेरिस जल्द ही एक मुस्लिम शहर बनने जा रहा है और यह कोई समझौता नहीं था। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में प्रवासियों के आने से फ्रांस की राजधानी की आबादी का ढांचा काफी बदल गया है। व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मैक्रों को कई साल पहले ही बड़ी संख्या में प्रवासियों को फ्रांस में आने की अनुमति नहीं देने की चेतावनी दी थी।
पेरिस समेत कई शहरों में हिंसा
फ्रांस के पेरिस, मार्सेली और लिमोगेस जैसे बड़े शहरों में नकाब पहने लोगों ने नगर भवन, सरकारी इमारतों और दुकानों में आगजनी और लूटपाट की है। फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, अब तक करीब 1,000 पुलिसकर्मी और दमकलकर्मी घायल हुए हैं। हिंसा पर काबू पाने के लिए देशभर में कर्फ्यू लगाया गया है और 2,400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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मैक्रों बोले- हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, "विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार के नाम पर की जा रही बर्बरता और अराजकता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" मैक्रों ने सुरक्षा समीक्षा के लिए आपातकालीन बैठक बुलाई है। उन्होंने साफ कहा है कि हिंसा करने वालों के खिलाफ सरकार कोई रियायत नहीं देगी।
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