पुणे के शिवनेरी किले में मची भगदड़, 20 घायल; शिवाजी महाराज की जयंती पर इकट्ठा हुई भारी भीड़
पुणे के शिवनेरी किले पर बुधवार रात को भगदड़ मच गई. भगदड़ में फंसने की वजह से 20 लोग घायल हो गए. सभी लोग छत्रपति शिवाजी जयंती पर किले पर पहुंचे थे. शिवनेरी किला पुणे के जुन्नर इलाके स्थित है. लोग हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजे से किले के अंदर जा रहे थे. रास्ता संकरा होने की वजह से भीड़ जमा हो गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.
घायलों में बच्चे-महिलाएं सबसे ज्यादा
घायलों में सबसे ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं. सभी घायलों को जुन्नर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. अस्पताल में उनका इलाज हो रहा है. बता दें, शिवनेरी किले पर शिवाजी जयंती के खास अवसर पर हर साल बड़ी संख्या में लोग आते हैं.
#WATCH | Pune, Maharashtra | Pune Rural SP Sandeep Singh Gill says, "...If you look at the Shiv Janmasthan here, on top of the Shivneri Fort in Junnar, a large number of people have been coming here for darshan since yesterday morning and darshan continued throughout the… pic.twitter.com/wF93kbuwVT
— ANI (@ANI) February 19, 2026
इसी किले में जन्मे थे शिवराज
शिवनेरी किले ऐतिहासिक रूप से बहुत खास माना जाता है. कहा जाता है कि यही वह किला है, जहां छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था. 19 फरवरी 1630 में उनका जन्म हुआ था. किले में शिवाई देवी का एक मंदिर है, जिनके नाम से प्रेरणा लेकर शिवाजी महाराज का नाम रखा गया था.
किले में सात दरवाजे मौजूद
सीढ़ियों से चढ़कर लोगों को किले पर जाना होता है. अंदर जाने के लिए सात दरवाजे हैं. सातों दरवाजों के अपने अलग-अलग नाम हैं, जिनका महत्व भी अलग-अलग ही है. किले के अंदर पानी के तालाब हैं और सैनिकों के रहने की व्यवस्था भी है. किले में लोग शिवाजी महाराज का जन्मस्थान भी देख सकते हैं.
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के भारत दौरे से गहरे होंगे संबंध, आर्थिक-रणनीतिक साझेदारी बढ़ेगी: एक्सपर्ट (आईएएनएस इंटरव्यू)
वॉशिंगटन, 19 फरवरी (आईएएनएस)। भारत-ब्राजील संबंधों पर काम कर रहे अमेरिका के एक सीनियर अर्थशास्त्री ने कहा है कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा का भारत में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट के लिए आना और उसके बाद एक पूरे सरकारी दौरे पर जाना, ग्लोबल साउथ की दो सबसे बड़ी डेमोक्रेसी की तरफ से संबंधों को बहुपक्षीय सहयोग से आगे बढ़ाकर एक गहरी आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी बनाने की सोची-समझी कोशिश का संकेत है।
ओआरएफ अमेरिका में सीनियर अधिकारी डॉ. अनित मुखर्जी भारत-ब्राजील संबंधों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने आईएएनएस को बताया, ब्राजील के राष्ट्रपति का दौरा बहुत अहम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल ब्रिक्स समिट के लिए रियो डी जनेरियो गए थे, जिसके बाद उन्होंने एक स्टेट विजिट की थी।
मुखर्जी ने कहा कि लूला के साथ उनके कैबिनेट के 14 अन्य मंत्री, लगभग आधे कैबिनेट मंत्री और 150 बिजनेस लीडर हैं। उन्होंने कहा, यह एक संकेत है कि ब्राजील-भारत का संबंध सिर्फ सहयोग और जी20 या ब्रिक्स तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापार, निवेश, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज और दूसरे क्षेत्रों में भी ज्यादा मजबूत साझेदारी की ओर बढ़ेगा।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि ब्राजील और भारत के बीच ऐतिहासिक रूप से रिश्ता बहुत मजबूत नहीं रहा है। जब प्रेसिडेंट लूला 2001 में सरकार में आए, तो उनका विजन तीन बड़े डेवलपिंग देशों, ब्राजील, भारत और दक्षिण अफ्रीका को एक साथ लाने का था।
इसी कोशिश से आईबीएसए और बाद में ब्रिक्स बने, जिससे उच्च स्तरीय बातचीत के जरिए उनके संबंध में भरोसे की एक मजबूत नींव पड़ी। उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों का आर्थिक एजेंडा बड़ा है। ब्राजील और भारत ग्लोबल साउथ के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। वे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था हैं। उनके पास बड़ी युवा आबादी है। उनके पास काफी तकनीकी क्षमता भी है।
उन्होंने ब्राजील को खेती का पावरहाउस और एम्ब्रेयर को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सिविलियन प्लेन मैन्युफैक्चरर बताया। उन्होंने कहा, भारत में बजाज और महिंद्रा, दो बड़े भारतीय समूहों ने ब्राजील में मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर बनाने के लिए फैक्ट्रियां खोली हैं। भारतीय आईटी फर्म जैसे टीसीएस और इंफोसिस का ब्राजील के मार्केट के साथ संबंध है।
मुखर्जी ने कहा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक अन्य उभरता हुआ क्षेत्र है। भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस है, जो दुनिया का सबसे बड़ा इंस्टेंट पेमेंट सिस्टम है। ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर बना एक बहुत मिलता-जुलता सिस्टम है, जिसे पीआईएक्स कहते हैं। ये सिस्टम मिलकर हर दिन लगभग 1 बिलियन ट्रांजैक्शन करेंगे, जो लगभग उतना ही है, जितना मास्टरकार्ड और वीजा हर दिन करते हैं।
उन्होंने कहा कि ब्राजील में भारतीय समुदाय में लगभग 4,000 नॉन-रेसिडेंट भारतीय हैं, जो वहां रहते हैं, लेकिन यह बढ़ रहा है। ब्राजील में योग बहुत बड़ा है। आयुर्वेद भी बहुत बड़ा है।
भारत-ब्राजील ब्रिक्स और जी20 के खास सदस्य हैं, जो अक्सर डेवलपमेंट फाइनेंस, ट्रेड रिफॉर्म और ग्लोबल साउथ प्राथमिकता पर अपनी राय को कोऑर्डिनेट करते हैं। दोनों ने बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार और ग्लोबल गवर्नेंस में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए ज्यादा आवाज उठाने पर जोर दिया है। पिछले एक दशक में दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार बढ़ा है, जिसमें खेती, एनर्जी, ऑटोमोबाइल, फार्मास्युटिकल्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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