Dussehra 2026: दशहरे पर बॉलीवुड के इन गानों के बिना अधूरा है त्योहार, सुनते ही बन जाएगा माहौल
Dussehra 2026 Bollywood Songs: देशभर में 20 अक्टूबर को दशहरे का त्योहार मनाया जा रहा है.इस दिन आते ही हर तरफ उत्साह और रौनक देखने को मिलती है. कहीं रामलीला की तैयारी होती है, तो कहीं रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटती है. वहीं, बॉलीवुड के कुछ गाने ऐसे हैं, जो इस त्योहार के माहौल को और खास बना देते हैं. इन गानों में भक्ति, जोश और जश्न का ऐसा मेल देखने को मिलता है कि इन्हें सुनते ही त्योहार वाली फीलिंग आने लगती है. तो चलिए जानते हैं, उन गानों के बारे में जिनके बिना दशहरे का त्योहार अधूरा लगता है.
1. राम आएंगे (Ram Aayenge)
दशहरे और राम भक्ति की बात हो, तो भगवान राम से जुड़े भजन जरूर याद आते हैं. 'राम आएंगे' ऐसा ही एक फेमस भजन है, जिसे सुनकर भक्तों के मन में श्रद्धा का भाव पैदा होता है. विशाल मिश्रा और पायल देव की आवाज से भरा ये गाना लोग राम मंदिर, धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान भी सुनते हैं. वहीं, दशहरे के दिन भगवान राम की पूजा और रावण पर उनकी जीत को याद करते हुए इस भजन को अपनी प्लेलिस्ट में शामिल किया जा सकता है.
2. राम सिया राम (Ram Siya Ram)
प्रभास (Prabhas) की फिल्म 'आदिपुरुष' का गाना 'राम सिया राम' भी दशहरे में सुनने के लिए बेस्ट ऑप्शन है. इस गाने में राम और सीता के रिश्ते के साथ उनकी भक्ति को खूबसूरती से दिखाया गया है. शांत म्यूजिक और बोल इसे खास बनाते हैं. दशहरे के दिन जब लोग बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाते हैं, तब ये गाना उस भावना से जुड़ने का एक अच्छा तरीका माना जाता है. वहीं, पूजा के समय या घर में त्योहार का माहौल बनाते हुए भी इसे सुना जा सकता है.
ये भी पढ़ें- Dussehra 2026: बॉलीवुड की इन फिल्मों में दिखेगी रामलीला से लेकर रावण दहन की झलक, OTT पर हैं मौजूद
फ्रांस में हालात बेकाबू, हिंसक प्रदर्शनों के बीच पेरिस समेत कई शहरों में कर्फ्यू लागू, 2300 से लोग हुए गिरफ्तारी
France Curfews: फ्रांस में हालात लगातार बद से बदतर होते जा रहे हैं. फ्रांस में वीकेंड के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद सरकार ने कई प्रमुख शहरों में आंशिक कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है. प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर लूटपाट, आगजनी और सरकारी इमारतों में तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं. हालात बिगड़ने के बाद प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने स्थानीय अधिकारियों को कुछ इलाकों में कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए. सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद लोगों की सुरक्षा के साथ दुकानों और दूसरी संपत्तियों को नुकसान से बचाना है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सोमवार को कहा कि पूरे पेरिस में कर्फ्यू लगाना संभव नहीं है, लेकिन जरूरत के हिसाब से संवेदनशील इलाकों में पाबंदियां लगाई जा सकती हैं. उन्होंने साफ किया कि सरकार सार्वजनिक व्यवस्था बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. जरूरत पड़ने पर आपातकाल लगाने पर भी विचार किया जा सकता है, हालांकि फिलहाल आंशिक कर्फ्यू को ज्यादा उपयुक्त माना गया है.
BREAKING: "When it's tough, the state holds together and we reaffirm our confidence in people who are strong enough to make decisions."
— Sky News (@SkyNews) October 19, 2026
French Prime Minister Sébastian Lecornu calls for partial curfews after recent protests.https://t.co/U2XlHQyxSm
???? Sky 501 pic.twitter.com/XVpsRLJkl2
पेरिस समेत कई शहरों में पाबंदियां
फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्लेस डे ला रिपब्लिक और लेस हाल्स शॉपिंग स्ट्रीट के आसपास के इलाकों में सोमवार रात 11 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाया गया. इसके अलावा शहर में रात 8 बजे से सभाओं और प्रदर्शनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया.
लियोन, नीस और कौलेन्स में भी सोमवार रात के लिए कर्फ्यू की घोषणा की गई. इनमें कुछ पाबंदियां केवल नाबालिगों पर लागू होंगी. वहीं, उत्तर-पूर्वी फ्रांस के लिले शहर और आसपास के तीन अन्य इलाकों में सोमवार और मंगलवार की रात कर्फ्यू लगाया गया. सरकार का कहना है कि इन कदमों से हिंसा और लूटपाट की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
गृह मंत्री ने माना, पुलिस से हुई चूक
हिंसक प्रदर्शनों के बाद फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने माना कि कुछ शहरों में पुलिस स्थिति पर नियंत्रण नहीं रख सकी. उन्होंने स्वीकार किया कि सुरक्षा बलों की तैनाती में पहले से सही आकलन नहीं किया गया था और दंगाइयों तथा लुटेरों की बड़ी संख्या से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे.
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को नुनेज़ के इस्तीफे के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया. राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, मैक्रों चाहते हैं कि गृह मंत्री पद पर बने रहें, ताकि पुलिस और सुरक्षा बलों की कमान में निरंतरता बनी रहे.
मैक्रों ने गृह मंत्री को लूटपाट रोकने के लिए नए तरीके अपनाने और हिंसा के पीछे की वजहों का पता लगाने के निर्देश भी दिए. साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया जानकारी जुटाने में हुई चूकों की जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation









