एपल के पहले फोल्डेबल फोन की बुकिंग शुरू:7.6-इंच इनर डिस्प्ले और A20 प्रो चिपसेट, शुरुआती कीमत ₹3 लाख; कार्ड्स पर ₹7,000 का डिस्काउंट
एपल के पहले फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ की भारत में बुकिंग आज शाम 5:30 बजे से शुरू हो गई है। भारत में फोन को एपल के ऑफिशियल ऑनलाइन स्टोर, एपल रिटेल स्टोर्स और ऑथराइज्ड रिटेलर्स के जरिए बुक कर सकते हैं। इसकी डिलीवरी और स्टोर्स में बिक्री 23 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। आईफोन डुओ एपल का अब तक का सबसे महंगा आईफोन है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 2.99 लाख रुपए है, जबकि टॉप मॉडल की कीमत 4.50 लाख रुपए तक जाती है। चुनिंदा बैंक कार्ड्स पर 12 महीने तक की नो-कॉस्ट EMI का ऑफर हैं। साथ ही कुछ क्रेडिट कार्ड्स पर ₹7,000 तक का कैश बैक मिलेगा। आईफोन डुओ में 5.4-इंच का कवर डिस्प्ले और अंदर 7.6-इंच की मेन स्क्रीन है, जो अब तक के किसी भी आईफोन का सबसे बड़ा डिस्प्ले है। इसमें फिजिकल सिम कार्ड नहीं लगेगा, यानी यह सिर्फ ई-सिम पर चलेगा। एपल Siri AI में 6 बड़े अपडेट्स --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… टेस्ला ने उड़ने वाली कार दिखाई, VIDEO: हवा में पलटी और फिर जमीन पर लैंड हुई; 1 सेकेंड से भी कम में 97kmph की रफ्तार पकड़ेगी इलॉन मस्क की कंपनी टेस्ला ने आज 16 अक्टूबर को उड़ने वाली कार दिखाई। डेमो के दौरान, रोडस्टर सेकेंड जनरेशन कार एक बड़े घुमावदार रैंप पर ऊपर की ओर बढ़ी और उल्टी हो गई। इसके बाद ये रैंप से हवा में उड़ी, हवा में ही पलटी और जमीन पर सुरक्षित लैंड कर गई। इस कार में रॉकेट में इस्तेमाल होने वाले थ्रस्टर्स लगे हैं। इनकी मदद से ये कार उल्टी होकर चल सकती है और हवा में घूम भी सकती है। ये कार केवल 0.81 सेकेंड में 97 किमी प्रति घंटे की रफ्तार भी पकड़ सकती है। कार का प्रोडक्शन 2028 में शुरू होगा। ये खबर भी पढ़ें…
रिलायंस बोला-कॉम्पिटीशन से कभी नहीं डरे, स्टारलिंक का स्वागत है:मस्क का आरोप था- मुकेश अंबानी ने भारत में कंपनी की एंट्री रुकवाई
सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 'स्टारलिंक' की भारत में एंट्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को कहा कि वह कॉम्पिटिशन से नहीं डरते। कंपनी ने X पर पोस्ट कर कहा कि असली मुकाबला वही है, जिससे यह पता चले कि सबसे अच्छी सर्विस कौन दे रहा है। कंपनी ने यह बयान इलॉन मस्क की ओर से लगाए गए उन आरोपों के बाद जारी किया, जिनमें उन्होंने भारतीय टेलिकॉम कंपनियों पर स्टारलिंक का रास्ता रोकने का दावा किया था। मस्क vs अंबानी... समझिए पूरा विवाद इलॉन मस्क भारत में स्टारलिंक की लॉन्चिंग में हो रही देरी को लेकर पिछले कुछ दिनों से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इस देरी के लिए वो रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को जिम्मेदार बता रहे हैं और उनके खिलाफ लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। हाल ही में मस्क ने अपने एक पोस्ट में मुकेश अंबानी पर तंज कसते हुए उन्हें 'प्राइम मिनिस्टर अंबानी' लिखा था। इस पोस्ट में उन्होंने अंबानी को भारत का रियल बॉस बताया था। भारत में ₹2200 महीने का डेटा कौन खरीदेगा मस्क की पोस्ट के बाद कुछ लोगों ने कहा कि भारत में दुनिया का सबसे सस्ता और तेज इंटरनेट मौजूद है। यहां सिर्फ ₹300-400 महीने में 60GB डेटा मिल जाता है, जो दूरदराज के गांवों में भी बेहतरीन काम करता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब स्टारलिंक अन्य देशों में करीब ₹2,200 महीने चार्ज करता है तो भारत में इसे कौन खरीदेगा। इस तर्क का जवाब देते गुए मस्क ने कहा कि एक तरफ वे दावा करते हैं कि स्टारलिंक भारत में जियो के सस्ते प्लान्स का मुकाबला नहीं कर पाएगी। दूसरी तरफ वे यह भी कहते हैं कि स्टारलिंक के आने से कॉम्पिटिशन बढ़ जाएगा। ये दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं। सच्चाई यह है कि मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ने से हमेशा आम ग्राहकों को ही फायदा मिलता है। स्टारलिंक के आने से अंबानी की कंपनी का मुनाफा थोड़ा घट सकता है, लेकिन उनका कारोबार बंद नहीं होगा। जाहिर है, अगर स्टारलिंक भारत में बहुत महंगी होगी तो उसे कोई नहीं खरीदेगा, इसलिए स्पेसएक्स को यहां टिकने के लिए अपनी कीमतें सस्ती रखनी ही पड़ेंगी। सरकार बोली स्टारलिंक सहित 3 कंपनियों को लाइसेंस दिए 'इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026' में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने बताया कि देश में तीन सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों को लाइसेंस मिल चुके हैं। 1. रिलायंस जियो सैटकॉम 2. भारती एयरटेल सपोर्टेड यूटेलसेट वनवेब 3. इलॉन मस्क की स्टारलिंक हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि लाइसेंस पाने वाली इन सभी कंपनियों की सिक्योरिटी क्लीयरेंस अभी बाकी है। इसके अलावा सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का प्राइसिंग फ्रेमवर्क भी तय किया जा रहा है। सभी जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद ही भारत में ये सेवाएं शुरू हो सकेंगी। अंडमान में ड्रग्स तस्करी और मणिपुर हिंसा में मिले थे स्टारलिंक इक्विपमेंट्स साल 2024 में भारतीय एजेंसियों ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में ड्रग्स तस्करी की जांच के दौरान और मणिपुर में सेना के एक ऑपरेशन के समय स्टारलिंक के उपकरण बरामद किए थे। इलॉन मस्क ने तब कहा था कि स्टारलिंक की सर्विस भारत में कभी एक्टिव ही नहीं थी। जो उपकरण मिले हैं, वे स्टारलिंक के सैटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल कर ही नहीं सकते थे। स्टारलिंक किट में स्टारलिंक डिश, एक वाई-फाई राउटर, पॉवर सप्लाई केबल्स और माउंटिंग ट्राइपॉड होता है। हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए डिश को खुले आसमान के नीचे रखते हैं। iOS और एंड्रॉइड पर स्टारलिंक का एप मौजूद है, जो सेटअप से लेकर मॉनिटरिंग करता है। लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद सैटेलाइट से इंटरनेट देती है स्टारलिंक स्टारलिंक लो अर्थ ऑर्बिट में अपने सैटेलाइट को तैनात कर इंटरनेट सर्विस देती है। इसके जरिए उन दूर-दराज के इलाकों में भी इंटरनेट मिलता है, जहां मोबाइल नेटवर्क या ब्रॉडबैंड नहीं है। कंपनी 2021 से ही भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की कोशिश कर रही है। ------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… इलॉन मस्क को कंगना रनोट का जवाब: कमल हासन के ‘भारत किसी का गुलाम नहीं’ बयान के बाद बोलीं- यह तो चुभ गया होगा अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट ने इलॉन मस्क और भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस में देरी पर चल रही बहस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन के बयान का समर्थन किया। कंगना ने सोशल मीडिया एक्स’ पर हासन की टिप्पणी की तारीफ की। कमल हासन ने कहा था कि भारत किसी का गुलाम नहीं है। कोई अरबपति नहीं, जनता भारत की नीतियां तय करेगी। इस पर कंगना ने मस्क पर तंज कसा, “ओह!! यह तो चुभ गया होगा। बहुत अच्छी बात कही और इसे अच्छी तरह समझाया। तीखा, सटीक और व्यंग्यात्मक।” पूरी खबर पढ़ें…
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