Sabarmati Riverfront की तर्ज पर दिल्ली में विकसित होगा Yamuna Riverfront, दो चरणों में बंटेगा प्रोजेक्ट
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने सोमवार को कहा कि सरकार यमुना रिवरफ्रंट का विकास दो चरणों में करेगी और वजीराबाद बैराज इस परियोजना को दो हिस्सों में बांटेगा। उन्होंने कहा कि सरकार गुजरात में साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की भी योजना बना रही है, ताकि वहां विकसित किए गए रिवरफ्रंट मॉडल का अध्ययन किया जा सके। वर्मा ने कहा, ‘‘हम फिलहाल यमुना रिवरफ्रंट के लिए सलाहकार नियुक्त कर रहे हैं।
इसका विकास दो चरणों में होगा। पहले चरण में पल्ला से वजीराबाद तक और दूसरे चरण में वजीराबाद से ओखला बैराज तक का क्षेत्र शामिल होगा। हमने जल्द ही एमओयू पर हस्ताक्षर करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया है।’’ उन्होंने कहा कि साबरमती मॉडल का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा और उसकी बेहतर व्यवस्थाओं को दिल्ली की जरूरतों के अनुसार अपनाया जाएगा, ताकि यमुना के किनारे स्वच्छ, हरित और विश्वस्तरीय रिवरफ्रंट विकसित किया जा सके।
सरकार की योजना नदी के किनारे साइकिल चलाने और पैदल चलने के लिए ट्रैक, खेल के मैदान तथा मनोरंजन के लिए अन्य स्थान विकसित करने की है। वर्मा ने कहा, ‘‘अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो अगले चुनाव से पहले दिल्ली के लोगों को रिवरफ्रंट का स्वरूप दिखाई देने लगेगा। दिल्ली के लाखों निवासी वहां योग कर सकेंगे, टहल सकेंगे और इस जगह का आनंद ले सकेंगे।’’ इससे पहले, वर्मा ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के साथ साबरमती रिवरफ्रंट का दौरा किया था।
मंत्री ने यह भी कहा कि यमुना का पानी लगभग ढाई साल बाद ही साफ दिखाई देने लगेगा। तब तक कई सीवर शोधन संयंत्रों (एसटीपी) के उन्नयन का काम पूरा हो जाएगा और शहर की सीवर शोधन क्षमता 100 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘यमुना का पानी अभी साफ नहीं है, क्योंकि पिछले डेढ़ साल में हमने अपने 37 मौजूदा सीवर शोधन संयंत्रों में से 28 का उन्नयन किया है।
हालांकि, सीवर शोधन क्षमता में अब भी प्रति दिन 25 करोड़ गैलन (एमजीडी) की कमी है। इसे पूरा करने के लिए नए संयंत्र बनाए जा रहे हैं।’’ यमुना दिल्ली में 52 किलोमीटर तक बहती है। इसमें से वजीराबाद और ओखला बैराज के बीच का 22 किलोमीटर लंबा हिस्सा बुरी तरह प्रदूषित है।
इस हिस्से को लेकर कई योजनाएं और नीतिगत पहल की जा चुकी हैं।
Saurav Das और Ashutosh Ranka की जमानत खारिज, कोर्ट ने दो दिन बढ़ाई कस्टडी
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत को एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दो दिन के लिए बढ़ा दिया है। वहीं, उनकी कानूनी टीम ने रिकॉर्ड पर जमानतदार पेश करते हुए उनकी रिहाई की मांग की थी। मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन, जहाँ आज CJP के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को लाया गया था। आज उनकी ज़मानत याचिकाएँ खारिज कर दी गईं। उनके वकील का कहना है कि इस मामले की सुनवाई कल होगी।
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अधिवक्ता धर्मवीर ने कहा कि आज उनकी ज़मानत अर्ज़ियां खारिज कर दी गईं। उन्हें वापस न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा। मामले को कल फिर से सूचीबद्ध (लिस्ट) किया जाएगा। कल इस मामले पर फैसला लिया जाएगा। ज़मानत बांड (श्योरिटी बॉन्ड) फिर से पेश करने होंगे। एक नया ज़मानत बांड पेश करने के बावजूद, सुरक्षा अधिकारी ने उसमें कुछ विसंगतियां (मिसमैच) बताईं। इस मामले में अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को तय की गई है। CJP की कानूनी टीम ने विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष एक आवेदन दायर कर दास और रंका को न्यायिक हिरासत से रिहा करने की मांग की है। उन्हें शुरू में हिरासत में इसलिए भेजा गया था क्योंकि उनकी गिरफ्तारी के दिन उनके लिए जमानत देने वाले ( sureties) मौजूद नहीं थे।
दास और रंका को 13 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया और 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर में तब प्रवेश किया था, जब उसे विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह के रूप में अधिसूचित किए जाने का दर्जा वापस ले लिया गया था। CJP नेताओं का कहना है कि उन्होंने वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया और नारे लगाए। शुरुआत में उन्हें पांच दिन की हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया था, और अब ताजा फैसले के तहत इसे दो दिन और बढ़ा दिया गया है।
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CJP, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का विरोध कर रहा है। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया से मतदाताओं के अधिकारों को खतरा है। इस संगठन ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह के रूप में दी गई मान्यता को रद्द करने का भी विरोध किया है। यह नया विस्तार ऐसे समय में आया है जब नेताओं की कानूनी टीम, जमानत राशि जमा करने के बाद उनकी रिहाई की कोशिश कर रही है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होनी है।
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