20 अक्तूबर Vijayadashami पर भगवान श्रीराम को अर्पित करें ये 3 सात्विक भोग
कल यानी 20 अक्तूबर 2026 को विजयदशमी यानी के दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दशहरा वाले दिन भगवान श्रीराम की पूजा करने और उन्हें प्रिय भोग अर्पित किया जाता है।
खासतौर पर इस दिन श्रद्धाभाव से प्रभु की आराधना करते हैं और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। यदि आप भी विजयदशमी पर भगवान राम को प्रसन्न करने के लिए भोग लगाने की तैयारी कर रहे हैं, तो मुख्य रुप से इन तीन चीजों का भोग लगाया जा सकता है।
केसर वाली खीर
इस दिन आप केसर वाली खीर बना सकते हैं। पूजा-पाठ में सात्विक प्रसाद के रुप में विशेष स्थान दिया जाता है। दशहरा के मौके पर भगवान श्रीराम को खीर का भोग अर्पित कर सकते हैं। खीर बनाते समय इसमें थोड़ा-सा केसर डालने से उसका रंग, खुशबू और स्वाद और भी बेहतर हो जाता है। भोग तैयार करते समय स्वच्छता और सात्विकता का ध्यान रखें और भगवान को श्रद्धापूर्वक खीर अर्पित कर सकते हैं।
पंजीरी का भोग
विजयदशमी वाले दिन भगवान श्रीराम को भोग लगाने के लिए आप धनिया पंजीरी, आटा पंजीरी या मावा की पंजीरी बना सकते हैं। पंजीरी को पूजा-पाठ और धार्मिक अवसरों पर प्रसाद के रुप में अर्पित कर सकते हैं। इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री के अनुसार इसका स्वाद भी अलग-अलग होता है। आपको जो पसंद हो, वो पंजीरी तैयार कर सकते हैं। भगवान श्री राम को श्रद्धापूर्वक अर्पित कर सकते हैं।
बेसन या मोतीचूर के लड्डू
दशहरा पर्व पर आप घर पर शुद्ध घी और सात्विक सामग्री से बेसन या मोतीचूर के लड्डू बनाकर या बाजार से लाकर प्रभु श्री राम को श्रद्धापूर्वक अर्पित कर सकते हैं। पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों में बांट दें।
तुलसी का पत्ता
सनातन धर्म में तुलसी सबसे पवित्र माना जाता है और भगवान विष्णु के साथ ही उनके अवतार भगवान श्रीराम की पूजा में भी तुलसी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री राम को भोग अर्पित करते समय तुलसी का पत्ता जरुर शामिल करें। माना जाता है कि तुलसी दल अर्पित करने से भोग की पवित्रता और धार्मिक महत्ता काफी बढ़ जाती है। इसलिए विजयदशमी के अवसर पर यदि आप प्रभु को खीर, पंजीरी या लड्डू का भोग अर्पित जरुर करें, स्वच्छ तुलसी का पत्ता श्रद्धापूर्वक अर्पित जरुर करें।
Hindustan Zinc का Q2 शुद्ध लाभ 142 प्रतिशत उछला, 6412 करोड़ रुपये पहुंचा
वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (एचजेडएल) का चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 142 प्रतिशत बढ़कर 6,412 करोड़ रुपये हो गया। धातुओं की ऊंची कीमतों, उत्पादन में वृद्धि और डॉलर के मजबूत होने से कंपनी के लाभ में बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 2,649 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।
हिंदुस्तान जिंक ने सोमवार को बीएसई को दी गई सूचना में बताया कि कंपनी की परिचालन आय वित्त वर्ष 2026-27 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 76.5 प्रतिशत बढ़कर 15,093 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि में 8,549 करोड़ रुपये थी। हिंदुस्तान जिंक की कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 108 प्रतिशत बढ़कर 9,285 करोड़ रुपये रही। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमरेंदु प्रकाश ने कहा, ‘‘इस महत्वपूर्ण दौर में हिंदुस्तान जिंक का नेतृत्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है।
खनित धातु और परिष्कृत धातु के उत्पादन में रिकॉर्ड प्रदर्शन हमारे परिचालन, परिसंपत्तियों और कर्मचारियों की मजबूती को दर्शाता है।’’
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