पीएम किसान की 24वीं किस्त पर बड़ा अपडेट, खाते में 2000 रुपये पाने के लिए तुरंत निपटा लें ये जरूरी काम
PM Kisan 24th Installment: देशभर के अन्नदाताओं के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एक बड़ा सहारा बनकर उभरी है. खेती-किसानी से जुड़े छोटे-मोटे खर्च पूरे करने के लिए किसानों को हर चार महीने पर मिलने वाली दो हजार रुपये की आर्थिक मदद का बेसब्री से इंतजार रहता है. अब तक करोड़ों किसानों को इस योजना के जरिए राहत मिली है और अब सबकी नजरें अगली यानी 24वीं किस्त पर टिकी हुई हैं. अक्टूबर 2026 के इस महीने में किसानों के बैंक खातों में अगली किस्त का पैसा भेजे जाने की पूरी तैयारी चल रही है. त्योहारों और रबी फसलों की बुवाई के इस मौसम में किसानों को खाद, बीज और सिंचाई के लिए अतिरिक्त पैसों की जरूरत होती है. ऐसे में यह सरकारी सहायता किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी.
24वीं किस्त को लेकर किसानों की उम्मीदें
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार हर साल योग्य किसान परिवारों को छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता देती है. यह रकम दो-दो हजार रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है. सरकार का मकसद खेती के काम में लगे छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल देना है. योजना की 24वीं किस्त का समय आ चुका है और विभाग की ओर से जरूरी तैयारियां पूरी की जा रही हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि इसी महीने सरकार किसी भी दिन डीबीटी के जरिए पैसा सीधे लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में डाल सकती है. किसानों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक घोषणा या पोर्टल पर दी गई सूचना पर ही भरोसा करें.
इन कमियों से खाते में अटक सकता है पैसा
योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिल सकेगा जिनके सभी दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड पूरी तरह से दुरुस्त हैं. अगर किसी किसान ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की है तो उनके खाते में पैसे नहीं पहुंचेंगे. सरकार ने फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और सही लाभार्थी तक पैसा पहुंचाने के लिए ई-केवाईसी को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है. इसके अलावा कई बार बैंक खाते और आधार कार्ड के मिलान में छोटी-मोटी गलतियों की वजह से भी किस्त रुक जाती है. अगर बैंक खाते में नाम की वर्तनी और आधार कार्ड में दर्ज नाम में अंतर है, तो सिस्टम उस लेनदेन को रोक देता है. इसलिए किसानों को समय रहते अपनी बैंक शाखा और पोर्टल पर जाकर इन सभी जानकारियों की पड़ताल कर लेनी चाहिए.
आधार और NPCI का जुड़ाव है अनिवार्य
पीएम किसान योजना की राशि सीधे बैंक खाते में पाने के लिए केवल बैंक खाता होना ही काफी नहीं है. उस बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना और एनपीसीआई से लिंक होना भी बेहद जरूरी है. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी की प्रणाली इसी आधार पर काम करती है कि पैसा सीधे आधार लिंक खाते में भेजा जाता है. कई बार किसान सोचते हैं कि उनका खाता चालू है तो पैसा आ जाएगा, लेकिन बैंक स्तर पर एनपीसीआई मैपिंग न होने की वजह से किस्त अटक जाती है. अगर आपके पास एक से अधिक बैंक खाते हैं तो यह सुनिश्चित कर लें कि किस खाते में सरकारी डीबीटी सक्रिय है. नजदीकी बैंक शाखा में जाकर इस बात की तस्दीक आसानी से की जा सकती है.
जमीन के रिकॉर्ड और भू-सत्यापन की अनिवार्यता
योजना के नियमों के मुताबिक केवल वही किसान पात्र हैं जिनके नाम पर कृषि योग्य भूमि दर्ज है. पिछले कुछ समय से सरकार ने भू-सत्यापन यानी लैंड सीडिंग की प्रक्रिया को बहुत कड़ाई से लागू किया है. अगर राजस्व रिकॉर्ड में किसान का नाम सही तरीके से नहीं जुड़ा है या पटवारी सत्यापन बाकी है, तो लाभार्थी सूची से नाम हट सकता है. कई राज्यों में विरासत या बंटवारे के बाद जमीन के दस्तावेज अपडेट न होने के कारण भी किसानों को दिक्कत आ रही है. ऐसे किसानों को अपने क्षेत्र के लेखपाल, पटवारी या कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करके अपने जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन तुरंत करा लेना चाहिए.
घर बैठे मोबाइल से ऐसे जांचें अपना स्टेटस
अगर आप भी 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं तो घर बैठे ही अपने मोबाइल फोन से लाभार्थी स्थिति की जांच कर सकते हैं. इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और वहां दिए गए बेनिफिशियरी स्टेटस विकल्प को चुनें. वहां अपना पंजीकरण नंबर या मोबाइल नंबर डालकर आसानी से देख सकते हैं कि आपके खाते में ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग और बैंक आधार लिंकिंग पूरी है या नहीं.
अगर वहां किसी भी विकल्प के आगे कोई कमी दिखाई देती है तो उसे तुरंत सुधारें. जिन किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया समझने में परेशानी होती है, वे अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र यानी सीएससी पर जाकर मामूली शुल्क देकर अपना रिकॉर्ड दुरुस्त करवा सकते हैं. समय रहते यह काम पूरा करने से आपके खाते में दो हजार रुपये बिना किसी रुकावट के पहुंच जाएंगे.
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बीसीसीआई का ऐलान! कौन है रमेश पवार जिन्हें बनाया गया टीम इंडिया का चीफ सिलेक्टर, जानिए भारत के लिए खेले कितने मैच
Ramesh Powar : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) बड़ा ऐलान कर दिया है. बीसीसीआई ने रमेश पावर को टीम इंडिया का चीफ सिलेक्टर नियुक्त किया है. अब वो इंडियन क्रिकेट में अजीत अगरकर की जगह काम करेंगे. रमेश जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पूर्व कोच भी रह चुके हैं, उन्हें सिलेक्शन कमेटी का चीफ नियुक्त किया गया है. आज यानी 19 अक्टूबर की दोपहर को बीसीसीआई ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस बारे में जानकारी दी है. इसके साथ ही अब सभी अफवाहों पर विराट लग गया है. अब इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेट और महेंद्र सिंह धोनी कप्तानी में अपनी ऑफ स्पिन गेंदबाजी से सभी का ध्यान खींचने वाले रमेश पवार टीम इंडिया के निए चीफ सिलेक्टर हैं.
???? Announcement ????
— BCCI (@BCCI) October 19, 2026
Mr Ramesh Powar @imrameshpowar appointed to Men’s Selection Committee.
Based on seniority (most Tests), Mr Pragyan Ojha @pragyanojha will chair the Committee.
BCCI appreciates Mr Ajit Agarkar @imAagarkar for his commitment, conviction and contribution during… pic.twitter.com/DahXDLxgLi
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