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SIR पर Congress के विरोध के बीच Vietnam रवाना हुए Rahul Gandhi, IGI से भरी उड़ान

सूत्रों ने सोमवार को बताया कि मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन के बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी वियतनाम के लिए रवाना हो गए हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रविवार दोपहर करीब 1:35 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे से हनोई के लिए निकले। उत्तर प्रदेश के रायबरेली से लोकसभा सांसद हनोई निजी दौरे पर गए हैं या वहां किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि कांग्रेस ने इस पर कोई बयान जारी नहीं किया है।

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राहुल गांधी के विदेश दौरे हमेशा चर्चा का विषय रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे लेकर कांग्रेस नेता पर निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि वे विदेशों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की आलोचना करके भारत की छवि खराब करते हैं। इससे पहले, राहुल गांधी इस साल जनवरी में भी वियतनाम गए थे। इस पर BJP ने मांग की है कि कांग्रेस को यह सार्वजनिक करना चाहिए कि उन्हें विदेशी कार्यक्रमों में कौन आमंत्रित करता है।

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने उस समय कहा था कि हालांकि उनके ठिकाने का पता तभी चलेगा जब वे कहीं सामने आएंगे, लेकिन भारत के लोग उन्हें निश्चित रूप से भारत-विरोधी लोगों के मेहमान के तौर पर देखेंगे और भारत-विरोधी बयान देते हुए पाएंगे, जैसा कि उन्होंने अपनी पिछली विदेश यात्राओं के दौरान किया था। राहुल की हनोई यात्रा ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को निशाना बना रही है। कांग्रेस का आरोप है कि वे कथित 'वोट चोरी' में बीजेपी के साथ मिले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं, और उन्होंने उनके इस्तीफे की मांग की है।

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पिछले हफ्ते, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की थी, जिसमें मांग की गई थी कि SIR अभियान को रोका जाए और ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। रविवार को दक्षिण गोवा के मारगाओ में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अब कोई भ्रम नहीं है। ज्ञानेश कुमार वोट चोरी को अंजाम देते हैं, अमित शाह इसे लागू करते हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्दे के पीछे से पूरी योजना बनाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी, अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार को न्याय का सामना करना पड़ेगा और अपने किए की कीमत चुकानी पड़ेगी... मैं आपको गारंटी देता हूं कि हम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश - इन सभी से निपटेंगे। वे बच नहीं सकते।

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Rahul Gandhi के Expiry Date वाले बयान पर भड़के Shivraj Singh, बोले- 99 बार फेल नेता दे रहा नसीहत

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए 'एक्सपायरी डेट' बताने को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना की और उनकी इस टिप्पणी को हास्यास्पद बताया। सोमवार को इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान ने कहा, "मुझे यह हास्यास्पद लगता है। जो व्यक्ति खुद को लॉन्च करने के 'क्वालिटी चेक' में 99 बार फेल हो चुका है, वह अब BJP के लिए 'एक्सपायरी डेट' बता रहा है।"

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राहुल गांधी ने रविवार को दक्षिण गोवा के मडगांव में 'गोय राखोन यात्रा' के दौरान एक जनसभा में यह भविष्यवाणी की कि बीजेपी की "एक्सपायरी डेट" (समाप्ति की तारीख) करीब आ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि बीजेपी सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के पुनर्निर्माण और गरीबों, महिलाओं, युवाओं तथा किसानों के कल्याण के लिए समर्पित एक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि बीजेपी केवल एक राजनीतिक दल नहीं है। यह एक आंदोलन है, राष्ट्र के पुनर्निर्माण का एक बड़ा प्रयास है। बीजेपी गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। यह माताओं, बहनों, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित एक आंदोलन है। ऐसे विचार रखने वाले कई लोग आए और चले गए।

भारत में आपातकाल (इमरजेंसी) का जिक्र करते हुए, चौहान ने कहा कि जिन्होंने इसे लागू किया था, उन्हें अंततः चुनावों में जनता ने हरा दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने आपातकाल भी थोप दिया था। उन्होंने पूरे देश को एक जेल में बदल दिया था। लेकिन अंत में, जनता ने चुनावों में उन्हें लगातार हराया। भाजपा आगे बढ़ती रहेगी और देश की सेवा करती रहेगी। सोमवार को 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में, चौहान ने 'सत्ता परिवर्तन गिरोह' (regime change gang) की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने देश के युवाओं, किसानों और महिलाओं का भरोसा बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि जनता को उस नेतृत्व पर भरोसा है जिसने वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है और देश का आत्मविश्वास मजबूत किया है।

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उन्होंने लिखा कि यह 'सत्ता परिवर्तन गिरोह' इसलिए सफल नहीं हो पा रहा है क्योंकि देश के युवाओं, किसानों, बहनों, बेटियों और माताओं को अपने नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। देश की जनता को उस नेतृत्व पर विश्वास है जिसने दुनिया के सामने भारत का सिर ऊंचा किया है, देश को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना सिखाया है और जो हर चुनौती का डटकर सामना करता है। चौहान ने जनता का भरोसा डगमगाने की विपक्ष की कोशिशों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भरोसा काम, प्रतिबद्धता और नेतृत्व की ईमानदारी से बनता है। उन्होंने कहा कि आज का भारत न तो झूठे विमर्शों से गुमराह होता है, न ही साजिशों से डरता है, और न ही देश को कमजोर करने वाली सोच के सामने झुकता है। आज सरकार के लिए देश का सम्मान और 1.4 अरब भारतीयों का भविष्य सबसे सर्वोपरि है। याद रखें, जनता का भरोसा किसी विमर्श पर निर्भर नहीं करता। यह काम, प्रतिबद्धता और नेतृत्व की ईमानदारी से बनता है।

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  Sports

91 रन बनाने के बाद इंटरव्यू में रोने लगीं हरमनप्रीत:बात करते-करते भावुक हुईं भारतीय बल्लेबाज, आंसू पोंछकर माइक छोड़कर चली गईं

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज, पूर्व कप्तान व पंजाब की बेटी हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी-20 मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 41 गेंदों में नाबाद 91 रन बनाकर अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत दिए। लेकिन पारी के बाद इनिंग्स ब्रेक के दौरान लाइव इंटरव्यू में वह भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। इंटरव्यू के दौरान हरमनप्रीत के सामने पूर्व भारतीय कोच डब्ल्यूवी रमन थे। उनसे बातचीत करते हुए हरमनप्रीत भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि वह मैदान पर जाकर अपने खेल का आनंद लेना चाहती थीं और उन्हें खुशी है कि उन्हें क्रीज पर समय बिताने का मौका मिला। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में मिले सहयोग के लिए भी आभार जताया। अब जानिए इंटरव्यू के दौरान क्या पूछा गया और हरमन का क्या जवाब था :- सवाल: टी-20 इंटरनेशनल में अपना दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बनाने पर कैसा लग रहा है? जवाब: बहुत अच्छा लग रहा है। मैं बस अपने खेल का आनंद लेना चाहती थी। खुशी है कि मुझे क्रीज पर पर्याप्त समय मिला और मैं मैदान पर अपनी बल्लेबाजी का पूरा लुत्फ उठा सकी। सवाल: इस मैच में उतरते समय आपका क्या फोकस था? जवाब: मैं बस अपने खेल का आनंद लेना चाहती थी और ज्यादा से ज्यादा देर तक बल्लेबाजी करना चाहती थी। खुशी है कि मैं ऐसा कर पाई। सवाल: आपकी बल्लेबाजी देखकर लग रहा था कि आप काफी आनंद ले रही थीं और आपने दर्शकों का भी खूब मनोरंजन किया। जवाब: जी, बिल्कुल सर। मैं इसका श्रेय आपको भी देना चाहूंगी। जब हम आए और आपने एक तरफ ले जाकर कहा कि अब तुम वही करो, जो तुम करना चाहती हो, तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं भी यही चाहती थी कि अपने खेल का आनंद लूं। आपके उन शब्दों के लिए धन्यवाद। सवाल: हरमन, आपकी टाइमिंग हमेशा शानदार रहती है। मैच में उतरने से पहले नेट्स पर आप किन चीजों पर ध्यान देती हैं? जवाब: एशियन गेम्स के बाद मुझे नेट्स पर अभ्यास करने के लिए कुछ समय मिला। मैं हिमांशु भैया को विशेष धन्यवाद देना चाहती हूं, जो मेरे खेल पर बहुत मेहनत कर रहे हैं। मुझे लगता है कि आज की मेरी बल्लेबाजी का श्रेय उन्हें जाता है। सवाल: आज आप काफी खुलकर खेलती नजर आईं। क्या आपको भी ऐसा ही लगा? जवाब: जी, बिल्कुल। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। आपकी दूसरी पारी के लिए शुभकामनाएं। हरमनप्रीत कौर को कप्तान पद से हटाने की कहानी तीन प्वाइंट में 1. अक्टूबर 2026 की शुरुआत में गुवाहाटी में बीसीसीआई की हाईलेवल रिव्यू मीटिंग हुई थी। इसमें बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया, सिलेक्टर्स, भारतीय महिला टीम की कोच अमोल मजूमदार और उप-कप्तान स्मृति मंधाना शामिल हुए थे। बैठक में टी-20 वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज से लगातार बाहर होने के बाद टीम के प्रदर्शन और भविष्य की लीडरशिप पर चर्चा हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिलेक्टर्स का मानना था कि 37 वर्षीय हरमनप्रीत कौर के बाद टीम की कप्तानी के लिए स्मृति मंधाना को तैयार करने का समय आ गया है। 2. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड और सिलेक्टर्स चाहते थे कि हरमनप्रीत कौर टी-20 फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दें, ताकि स्मृति मंधाना को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सके। हालांकि, हरमनप्रीत वनडे और टेस्ट में कप्तानी जारी रखना चाहती थीं, जिससे वह अपने अनुभव के आधार पर युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर सकें। कप्तानी में बदलाव को लेकर उनके और बोर्ड के रुख में अंतर सामने आया। हालांकि, दोनों के बीच किसी व्यक्तिगत विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 3. कप्तानी में बदलाव की स्थिति को देखते हुए हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। 6 अक्टूबर 2026 को उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट के जरिए करीब 10 साल के कप्तानी सफर के अंत का ऐलान किया। उनके इस फैसले को भारतीय महिला क्रिकेट टीम में नेतृत्व परिवर्तन के बड़े घटनाक्रम के तौर पर देखा गया। Thu, 22 Oct 2026 01:33:21

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